समाचार मध्यप्रदेश नीमच 15 अक्टूबर 2026 गुरुवार

कलेक्टर की संवेदनशील पहल से जरूरतमंदों को मिली लगभग 22.50 लाख रुपये की सहायता
उपचार,शिक्षा और स्वरोजगार सहित विभिन्न जरूरतों के लिए रेडक्रॉस से उपलब्ध कराई गई आर्थिक मदद
नीमच, 14 अक्टूबर 2026। जरूरतमंदों को कठिन परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों का महत्वपूर्ण पक्ष है। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला रेडक्रॉस सोसायटी श्री हिमांशु चंद्रा की पहल से जनवरी 2026 से 15 सितंबर 2026 तक जिले के 75 जरूरतमंद हितग्राहियों को लगभग 22 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
यह सहायता ऐसे लोगों को उपलब्ध कराई गई है, जिन्हें गंभीर बीमारी के उपचार, बच्चों की शिक्षा, दुर्घटना में घायल होने अथवा अन्य विपरीत परिस्थितियों के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। रेडक्रॉस के माध्यम से मिली इस मदद ने जरूरतमंद परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल प्रदान किया है।
बीमारी के उपचार में मिली मदद
रेडक्रॉस के माध्यम से कैंसर, किडनी रोग, जीबीएस (गिलियन-बैरे सिंड्रोम) और टीबी सहित विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। इसके अलावा बच्चों के उपचार, आर्टिफिशियल आंख लगवाने तथा दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई गई।
बच्चों की शिक्षा और परिवारों को संबल
आर्थिक रूप से कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे परिवारों को बच्चों की पढ़ाई, स्कूल फीस और लैपटॉप की व्यवस्था के लिए भी सहायता दी गई। पत्नी की मृत्यु के बाद पुत्री के उपचार, भरण-पोषण और पढ़ाई में सहयोग की जरूरत वाले परिवार को भी सहायता उपलब्ध कराई गई। दिव्यांगजन को रोजगार के उद्देश्य से तथा जरूरतमंद हितग्राहियों को व्यवसाय शुरू करने में मदद के लिए भी आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।
जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी सहायता
जिला रेडक्रॉस के माध्यम से उपलब्ध कराई गई यह सहायता जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए उपचार, शिक्षा और आजीविका से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोगी बनी है। सहायता प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने कठिन समय में सहयोग उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कलेक्टर का यह प्रयास जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने और उन्हें विपरीत परिस्थितियों से उबरने में सहयोग देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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जिला चिकित्सालय नीमच के ट्रॉमा सेंटर में स्थापित हुई चेस्ट क्लीनिक
15 अक्टूबर से 28 फरवरी तक संचालित होगा विशेष कार्यक्रम, वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों की जांच और उपचार की मिलेगी सुविधा
नीमच, 14 अक्टूबर 2026। वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय नीमच के ट्रॉमा सेंटर में विशेष चेस्ट क्लीनिक स्थापित की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन,मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार तथा भारत सरकार के मार्गदर्शन में यह क्लीनिक 15 अक्टूबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित की जाएगी।
चेस्ट क्लीनिक में सभी आयु वर्ग के नागरिकों की वायु प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग, जोखिम का आकलन, निदान, उपचार, परामर्श और नियमित फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जांच और उपचार के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध
चेस्ट क्लीनिक में मरीजों की आवश्यकतानुसार दवाइयों के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर, नेबुलाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर, स्पाइरोमीटर सहित अन्य आवश्यक आपातकालीन उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इन सुविधाओं से सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वायु प्रदूषण से बचाव के लिए मिलेगा परामर्श
क्लीनिक में मरीजों और उनके परिजनों को वायु प्रदूषण से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जाएगी। इसमें धूम्रपान छोड़ने, सुबह और देर शाम की सैर से बचने, घरों में गीले पोछे का उपयोग करने, कचरा एवं पराली नहीं जलाने तथा एलपीजी और बिजली जैसे स्वच्छ ईंधन का उपयोग करने की सलाह शामिल है। आवश्यकता के अनुसार N95/N99 मास्क पहनने के संबंध में भी परामर्श दिया जाएगा।
अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से किया गया समन्वय
मरीजों को बेहतर और निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चेस्ट क्लीनिक को गैर-संचारी रोग नियंत्रण क्लीनिक (NCD Clinic), तंबाकू मुक्ति केंद्र और टीबी यूनिट के साथ जोड़ा गया है।
खांसी, सीने में जकड़न या सांस लेने में परेशानी होने पर लें चिकित्सकीय सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वायु प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर विशेष सावधानी बरतें। खांसी, सीने में जकड़न या सांस लेने में तकलीफ होने पर जिला चिकित्सालय नीमच के ट्रॉमा सेंटर में स्थापित चेस्ट क्लीनिक में संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श लें।
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फल क्षेत्र विस्तार योजना से किसान जगदीश राठौर की आय में वृद्धि
2 हेक्टेयर में अमरूद का बगीचा लगाकर वार्षिक आय ₹2 लाख से बढ़कर हुई लगभग ₹5 लाख
नीमच,14 अक्टूबर 2026। उद्यानिकी विभाग की फल क्षेत्र विस्तार योजना जिले के किसानों को बागवानी अपनाकर आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध करा रही है। योजना के माध्यम से जावद विकासखंड के ग्राम सरवानिया महाराज निवासी किसान श्री जगदीश राठौर ने 2 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद का बगीचा विकसित किया है। इससे उनकी वार्षिक आय में वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
किसान श्री जगदीश राठौर ने बताया कि उन्हें उद्यानिकी विभाग से फल क्षेत्र विस्तार योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत उन्हें ₹1 लाख 20 हजार की अनुदान सुविधा प्राप्त हुई। इस सहायता से उन्होंने अमरूद का बगीचा लगाया और बागवानी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया।
वार्षिक आय में ₹3 लाख की वृद्धि
श्री राठौर के अनुसार, पहले उनकी वार्षिक आय लगभग ₹2 लाख थी, जो अब बढ़कर करीब ₹5 लाख हो गई है। आय में वृद्धि से परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा एवं अन्य जरूरी खर्चों का भी सुचारु रूप से प्रबंधन कर पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन योजना का लाभ मिलने से खेती को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिली है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
किसान श्री जगदीश राठौर ने उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी एवं सहायता को अपने लिए उपयोगी बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं और आय में वृद्धि कर परिवार का भविष्य संवार सकते हैं।
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सामाजिक समरसता की अनूठी पहल, सभी जाति-वर्ग की कन्याओं का होगा विवाह
नीमच। सामाजिक समरसता, समानता, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण की भावना को साकार करने के उद्देश्य से नीमच में 101 कन्याओं का भव्य सनातन सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन रविवार, 14 मार्च 2027 को बघाना स्थित श्री रानी सती दादी धाम परिसर में संपन्न होगा। सम्मेलन का मुख्य आयोजन श्री रानी सती दादी मंदिर ट्रस्ट, बघाना द्वारा किया जा रहा है, जबकि श्री अन्नपूर्णा सेवा न्यास, नीमच एवं नानीबाई मायरा उत्सव समिति, नीमच सह-आयोजक के रूप में सहभागिता कर रहे हैं।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में *सामाजिक समरसता और समानता की भावना को मजबूत करना तथा सभी जाति-वर्ग की कन्याओं को विवाह का समान अवसर प्रदान करना* है। सम्मेलन में सभी जाति एवं वर्गों की पात्र कन्याओं का विवाह सनातन परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया जाएगा। यह आयोजन समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देगा।
आयोजकों का मानना है कि विवाह जैसे मांगलिक अवसर पर समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से सामाजिक समरसता को नई मजबूती मिलेगी। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराकर उनके परिवारों को आर्थिक संबल देना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
51 हजार रुपये तक की गृहस्थी सामग्री उपहार स्वरूप मिलेगी
सामूहिक विवाह सम्मेलन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। सम्मेलन में अपने पुत्र-पुत्री का विवाह करवाने के इच्छुक माता-पिता समिति से संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं। प्रत्येक पात्र जोड़े को गृहस्थी उपयोग की सामग्री के रूप में 51,000 रुपये तक के उपहार निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे। विवाह समारोह सनातन परंपराओं एवं निर्धारित रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होगा।
सम्मेलन में पंजीयन के लिए वर-वधू के आधार कार्ड, माता-पिता के आधार कार्ड, एक-एक गवाह के आधार कार्ड, जन्मतिथि सहित अंकसूची तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक रहेंगे। विवाह की निर्धारित तिथि पर वधू की आयु 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य है। पंजीयन एवं अन्य नियमों की जानकारी समिति से प्राप्त की जा सकती है।
अन्नपूर्णा सेवा न्यास प्रसादम, अंबेडकर मार्ग पर पंजीयन
सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए पंजीयन स्थल अन्नपूर्णा सेवा न्यास प्रसादम, अंबेडकर मार्ग, किशोर विल्स के सामने, नीमच निर्धारित किया गया है। पंजीयन एवं जानकारी के लिए प्रदीप सुतार से मोबाइल नंबर 9981033767 पर संपर्क किया जा सकता है।
उक्त जानकारी मुख्य आयोजक कैलाश धानुका एवं सुनील धानुका परिवार सह-आयोजक श्री अन्नपूर्णा सेवा न्यास के राकेश पप्पू जैन तथा नानीबाई मायरा उत्सव समिति के विवेक मित्तल प्रधान करी।
आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों के लोगों से इस पुनीत कार्य में सहयोग करने तथा जरूरतमंद परिवारों तक सम्मेलन की जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र कन्याएं इस आयोजन का लाभ प्राप्त कर सकें। *यह सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल विवाह आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता, सहयोग और सनातन संस्कृति के मूल्यों को सशक्त करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।



