सुवासरा में पर्यूषण पर्व के समापन पर निकली भगवान की भव्य रथयात्रा, भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ नगर

सुवासरा में पर्यूषण पर्व के समापन पर निकली भगवान की भव्य रथयात्रा, भक्ति और उल्लास से सराबोर हुआ नगर
सुवासरा -जैन श्वेतांबर सकल समाज द्वारा आत्म-विशुद्धि के महापर्व पर्यूषण के सफल समापन के उपलक्ष्य में नगर में भगवान की भव्य एवं अलौकिक रथयात्रा धूमधाम और पूर्ण धार्मिक आस्था के साथ निकाली गई।रविवार दोपहर ठीक 1:00 बजे स्थानीय श्री जैन मंदिर से प्रभु की प्रतिमा को नयनाभिराम सुसज्जित रथ में विराजित कर शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान संपूर्ण नगर महावीर स्वामी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
रथयात्रा जैन मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख व्यापारिक व सांस्कृतिक मार्गों—गणेश चौक, सदर बाजार, पुराना बस स्टैंड, शाही मार्केट, हॉस्पिटल रोड, थाना रोड एवं धानमंडी मार्ग से होते हुए जैन मांगलिक भवन पहुंची। जैन धर्मावलंबियों ने अपने-अपने गृह द्वार के समक्ष अक्षत (चावल) की आकर्षक गहुलीबनाकर प्रभु के रथ की अगवानी की और भावपूर्ण वंदन किया।
रथयात्रा का गणेश चौक पर नगर परिषद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधियों द्वारा तथा पुराना बस स्टैंड पर कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने प्रभु के रथ की अगवानी कर वंदन किया। पूरी यात्रा के दौरान समाज के युवाओं, महिलाओं और बालकों ने भक्ति भजनों की मधुर धुनों पर गरबा और डांडिया नृत्य करते हुए अपनी अटूट आस्था प्रकट की।
रथयात्रा के जैन मांगलिक भवन पहुंचने पर कार्यक्रम विशाल धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। धर्मसभा के दौरान मंदिर के वार्षिक चढ़ावे तथा महाआरती एवं मंगल दीपक की बोलियों लगायी गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर धर्म लाभ लिया।
तत्पश्चात पर्यूषण पर्व के दौरान आयोजित विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बच्चों, युवाओं एवं महिला मंडल की सदस्याओं का श्री जैन श्वेतांबर श्रीसंघ ट्रस्ट मंडल द्वारा उपहार व प्रशस्ति पत्र भेंट कर बहुमान (सम्मान) किया गया।
कार्यक्रम का समापन भगवान की महाआरती और मंगल दीपक के साथ हुआ। इसके उपरांत स्वामी वात्सल्य (सामूहिक प्रीतिभोज) का आयोजन किया गया।



