एमपी में SISF की 3 नई बटालियन का होगा गठन, बल की क्षमता 2 हजार से बढ़कर 5 हजार होगी, मंदिरों में तैनात होंगे होमगार्ड

एमपी में SISF की 3 नई बटालियन का होगा गठन, बल की क्षमता 2 हजार से बढ़कर 5 हजार होगी, मंदिरों में तैनात होंगे होमगार्ड
भोपाल। प्रदेश में जिस तरह से निवेश आ रहा है और नित नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं, उनकी सुरक्षा की भी मांग बढ़ती जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 200 औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिनमें 120 से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। ऐसे में इन संस्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अलग सुरक्षा बल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा के लिए राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआइएसएफ) की तीन नई बटालियन का गठन किया जाएगा।
पहली बटालियन खंडवा में स्थापित होगी
इनमें से पहली बटालियन खंडवा में स्थापित की जाएगी, जबकि बाकी दो बटालियनों के स्थान जल्द तय किए जाएंगे। एसआइएसएफ का बल भी बढ़ाया जाएगा। बल की क्षमता दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार की जाएगी। इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा। एसआइएसएफ के जवानों की तैनाती संबंधित उद्योग के व्यय पर की जाएगी। राज्य में विशेष जनजाति समुदाय बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिए एसआइएसएफ में विशेष भर्ती प्रक्रिया होगी। इसके लिए पद आरक्षित किए जाएंगे।
प्रमुख मंदिरों में होमगार्ड की तैनाती और विशेष भर्ती
इसी तरह सलकनपुर, खजराना, मैहर, पीताम्बरा पीठ दतिया, ओरछा जैसे मप्र के प्रसिद्ध मंदिरों की सुरक्षा में होमगार्ड की तैनाती होगी। इसके लिए नए पद स्वीकृत कर कर्मचारी चयन मंडल से परीक्षा कराकर भर्ती की जाएगी। वर्तमान में यह व्यवस्था प्रदेश के उज्जैन स्थित श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्णय पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने इसके निर्देश दिए हैं, जिसके बाद अब इस व्यवस्था के लिए गृह विभाग होमगार्ड भर्ती नियमों में संशोधन कर रहा है।
कॉमन फेसिलिटी सेंटर बनाकर उद्योगों का किया जाएगा विस्तार
जिलों में उद्योगों के अनुरूप मूलभूत अत्याधुनिक मशीनरी वाले कॉमन फेसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बनाए जाएंगे। इसके लिए एमएसएमई विभाग पॉलिसी लाने जा रहा है। यह सीएफसी निजी निवेशकों की मदद से विकसित किए जाएंगे। इसके लिए ऐसे जिलों को चिह्नित किया जाएगा, जो उद्योगों की दृष्टि से पिछड़े हैं।



