डूंगरखेड़ी में सेम्पलिंग के नाम पर खाद्य विभाग का मोर नाचा किसने देखा..?

डूंगरखेड़ी में सेम्पलिंग के नाम पर खाद्य विभाग का मोर नाचा किसने देखा..?
शामगढ-तहसील के डूंगरखेड़ी गांव में नकली दूध की आशंका के चलते खाद्य विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दूध के सैंपल लिए। मौके पर एक मिल्क चिलर भी संचालित पाया गया, जिससे यह दूध कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था, इसकी पुलिस जांच कर रही है। इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार भीम सिंह खराड़ी और एसआई ओपी राठौर शामिल रहे।
कार्रवाई के दौरान विभागों द्वारा गोपनीयता बरते जाने और मीडिया को दूर रखने पर सवाल खड़े हुए हैं। खबर लिखे जाने तक यश स्पष्ट नहीं हो पाया है की कार्रवाई किसके यहां हुई थी ? फूड इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह जादौन की कार्य शैली पर तो सवाल उठना वैसे भी लाजिमी है क्योंकि खाद्य अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन द्वारा पिछली दीपावली पर शामगढ़ की दो दुकानों से लिए गए मिठाई के सैंपलों की जांच रिपोर्ट आज दिवस तक सामने नहीं आई है। डूंगरखेड़ी में हुई सैंपलिंग का भी किसी अधिकारी ने आधिकारिक खुलासा नहीं किया, जिसके बाद मीडिया को इधर-उधर से फोटो जुटाकर खबर चलानी पड़ी। सेहत के नाम पर खिलवाड़ करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की ज़ा रही है और प्रशासन सार्वजनिक जानकारी देने की बजाय जंगल में मोर नाचा किसने देखा वाली कहावत चरितार्थ कर रहा है। दूध कैसे बन रहा था.. कितना बन रहा था.. क्या-क्या केमिकल मौजूदा स्थिति में पाए गए.. इसका फिलहाल कोई जवाब नहीं मिल पाया है।
बता दे की शामगढ़ के आसपास के अन्य गांवों में भी मिलावट का खेल चल रहा है। शामगढ़ से 10 किलोमीटर दूर गरोठ विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में पाम ऑयल से नकली घी बनाकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। आरोप है कि एक मिलावटखोर हर दो-चार दिन में खाली टीन के डिब्बे बेचने शामगढ़ आता है, जिस पर तुरंत सख्त कार्रवाई की दरकार है।



