नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 05 सितंबर 2026 शनिवार

जिला कोषालय अधिकारी ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण

मरीजों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की ली जानकारी,व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों का किया अवलोकन

नीमच, 4 सितंबर 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार जिला कोषालय अधिकारी श्री एल.एन. चौहान ने श्रीमती विजयाराजे सिंधिया जिला चिकित्सालय, नीमच का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों, आई.सी.यू., एन.आई.सी.यू., लेबर रूम, डायलिसिस यूनिट एवं ओ.पी.डी. का भ्रमण किया गया। चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टॉफ अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित पाए गए तथा मरीजों को उपचार प्रदान करते मिले।

निरीक्षण के दौरान मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए। वार्डों में टोकन व्यवस्था का प्रभावी पालन, मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा, गुणवत्तापूर्ण भोजन, प्रत्येक बेड पर बेडशीट एवं अटेंडेंट के लिए स्टूल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पर्याप्त पेयजल, बेहतर वेंटिलेशन तथा मच्छर नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा गया।

अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार तथा वार्डों एवं शौचालयों की नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दवा वितरण केंद्र पर स्टॉक रजिस्टर एवं ऑनलाइन एंट्री व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

जिला चिकित्सालय में 24×7 आकस्मिक एवं ट्रामा केयर, आई.सी.यू., सर्जिकल ऑपरेशन, एक्स-रे, सी.टी. स्कैन, डायलिसिस, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, प्रसूति एवं नवजात-बालरोग उपचार सहित आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल सहित चिकित्सक एवं अस्पताल का स्टाफ उपस्थित रहा।

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अवैध मदिरा के विरुद्ध आबकारी विभाग की लगातार कार्रवाई

1150 लीटर महुआ लाहन एवं 25 लीटर अवैध कच्ची मदिरा जप्त, तीन प्रकरण दर्ज

नीमच, 04 सितंबर 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार जिला आबकारी अधिकारी श्री बी.एल.दांगी के नेतृत्व में जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में 03 सितंबर 2026 को सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री बी.एल.सिंगड़ा के नेतृत्व में आबकारी उपनिरीक्षक श्री संजय कुमार कवारे एवं श्री दीपक आंजना तथा श्री पंकज राठौड़ द्वारा पुलिस एवं आबकारी दल के सहयोग से वृत्त नीमच पूर्व के ग्राम किशनपुरिया, बोरखेड़ी, चड़ौली सहित अन्य चिन्हित संदिग्ध स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान 25 लीटर अवैध महुआ हाथ भट्ठी कच्ची मदिरा एवं 1150 लीटर महुआ लाहन जप्त किया गया। प्रकरण में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत कुल तीन प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं। जप्त मदिरा एवं महुआ लाहन का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये है।

कार्रवाई में आबकारी प्रधान आरक्षक श्री गोपाल शर्मा, आबकारी आरक्षक श्रीमती निशा कुंवर, श्री विष्णुसिंह यादव, श्री महेश गेहलोत, श्री विलास दगिया, श्री बलवंत भाटी एवं श्री हंसराज बिलवाल सहित पुलिस बल का सराहनीय सहयोग रहा। जिला आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई निरंतर जारी रखने की बात कही गई है।

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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के प्रयासों से नीमच में औद्योगिक विकास को मिली नई रफ्तार, निवेश व रोजगार के खुले नए द्वार

  • दो वर्षों में 350 से अधिक नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित, 8 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार
  • ₹7,000 करोड़ से अधिक के प्रस्तावित निवेश से उद्योगों को गति,युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

नीमच, 4 सितंबर 2026। नीमच जिला अब पारंपरिक कृषि एवं व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था के साथ-साथ तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। पिछले दो वर्षों में जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से निवेश, उत्पादन, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, सुगम औद्योगिक प्रक्रियाओं और रोजगार सृजन पर केंद्रित प्रयासों का प्रभाव अब जिलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

जिले में पिछले दो वर्षों में 350 से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों में 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है तथा 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। औद्योगिक गतिविधियों में इस विस्तार का सकारात्मक प्रभाव परिवहन, निर्माण, स्थानीय आपूर्ति, व्यापार और सेवा क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है।

नए औद्योगिक क्षेत्रों से निवेश के लिए बढ़े अवसर

नीमच जिले में औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सगराना और पीताखेड़ी में नए औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी मिल चुकी है। इन क्षेत्रों में निवेशकों के लिए 400 से अधिक औद्योगिक भूखंड उपलब्ध होंगे। इससे आने वाले समय में नए उद्योगों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए व्यापक संभावनाएं निर्मित होंगी।

राज्य की क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत केसरपुरा एवं सगराना क्लस्टर तैयार हो चुके हैं, जबकि ग्राम दारू में क्लस्टर विकास का कार्य प्रगतिरत है। क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास से स्थानीय उद्यमियों को साझा अधोसंरचना, बाजार और तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना है।

7 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

नीमच के औद्योगिक भविष्य को लेकर बड़े निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। एमपीआईडीसी द्वारा गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट, सनलाइट एल्कोलाइट, स्वराज शूटिंग, सुविधा रियॉन, विश्वेश्वरया डेनिम्स, बाबजी इंडस्ट्री, डिटलमाइंड इंडिया, सोनियाना टेक्सटाइल, धानुका बायोटेक, बिगासी रिन्यूवल और शर्मा केमिकल्स सहित विभिन्न प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया की गई है।

इन प्रस्तावित इकाइयों के माध्यम से 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का संभावित निवेश और 6 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित निवेश से जिले के औद्योगिक आधार में विविधता आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन मजबूती मिलेगी।

एमएसएमई को मिला वित्तीय संबल

स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने एवं मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों को बैंकों के माध्यम से 1081 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 1276 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 से अब तक 812 हितग्राहियों को 67.34 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे जिले के युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ रहे स्थानीय उद्यमी

औद्योगिक विकास को प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाने के लिए जिले के उद्यमियों को तकनीकी प्रशिक्षण तथा राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। रैम्प योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के चार उद्यमियों को सीएफटीआरआई, मैसूर भेजा गया, जबकि एक उद्यमी को कोयंबटूर में आयोजित प्लास्टिक एक्सपो में सहभागिता का अवसर मिला।

वहीं मोरका (जावद) औद्योगिक क्षेत्र में 15 उद्यमियों को ऑनलाइन एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। इससे औद्योगिक भूमि आवंटन में पारदर्शिता के साथ निवेशकों के विश्वास को भी मजबूती मिली है।

निवेश हितैषी वातावरण बनाने में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका

राज्य शासन की औद्योगिक एवं निवेश नीतियों को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने,विभागीय समन्वय और उद्यमियों की आवश्यकताओं के त्वरित निराकरण पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रशासन के इन प्रयासों का उद्देश्य जिले में उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाना, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

नीमच बन रहा निवेश और रोजगार का नया केंद्र

नीमच में औद्योगिक विकास की वर्तमान तस्वीर जिले की बदलती आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित करती है। 350 से अधिक नई औद्योगिक इकाइयां, 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 8 हजार से अधिक रोजगार आज की उपलब्धि हैं, जबकि 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश और 6 हजार से अधिक संभावित रोजगार आने वाले औद्योगिक विस्तार की मजबूत संभावनाओं को दर्शाते हैं।

औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, एमएसएमई को वित्तीय सहयोग, क्लस्टर विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और पारदर्शी औद्योगिक भूखंड आवंटन जैसे प्रयास नीमच को नई औद्योगिक दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में तैयार किए जा रहे निवेश-अनुकूल वातावरण और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से नीमच निवेश, उत्पादन, उद्यमिता और रोजगार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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पर्यावरण संरक्षण के साथ रचनात्मकता का संदेश दे रही नीमच पुलिस की पहल

पुलिस परिवार के बच्चों ने शाडू माटी से स्वयं बनाई ईको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं

नीमच, 4 सितम्बर 2026। आगामी गणेश उत्सव को पर्यावरण-अनुकूल एवं प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ मनाने के उद्देश्य से जिला पुलिस नीमच द्वारा अभिनव पहल की गई। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल के मार्गदर्शन में पुलिस लाइन नीमच में पुलिस परिवार के सदस्यों एवं बच्चों के लिए ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्ति निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में बच्चों को प्राकृतिक शाडू माटी एवं प्राकृतिक रंगों से गणेश प्रतिमा तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक मिट्टी को आकार देकर अपने हाथों से भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं तैयार कीं। इस दौरान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक सामग्री के उपयोग तथा गणेश उत्सव को प्रकृति के अनुकूल तरीके से मनाने के महत्व से भी अवगत कराया गया।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना है। कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को यह संदेश भी दिया गया कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं प्रकृति के संरक्षण के साथ भी पूरी आस्था और उत्साह से निभाई जा सकती हैं।

कार्यशाला में पुलिस परिवार के सदस्यों एवं बच्चों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अपने हाथों से तैयार की गई गणेश प्रतिमाओं को देखकर बच्चों में विशेष उत्साह और खुशी दिखाई दी।

जिला पुलिस की यह पहल ‘आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण’ का सुंदर संदेश देते हुए गणेश उत्सव को अधिक संवेदनशील, रचनात्मक और प्रकृति-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रेरणादायी कदम है।

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नीमच के 1112 आंगनवाड़ी केंद्रों पर उत्साह और उल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव

बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में दी मनमोहक प्रस्तुतियां, विशेष पोषण आहार एवं प्रसादी का हुआ वितरण

नीमच, 4 सितंबर 2026। महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार जिले के सभी 1112 आंगनवाड़ी केंद्रों पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उत्साह एवं उल्लास के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कार्यक्रमों में बच्चों, अभिभावकों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

जन्माष्टमी के अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्रों को आकर्षक रूप से सजाया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा की मनमोहक वेशभूषा में सजाया गया। बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं जन्माष्टमी से संबंधित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न केंद्रों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता एवं नृत्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को विशेष पोषण आहार एवं पोषण प्रसादी उपलब्ध कराई गई। खीर, पूड़ी एवं सब्जी सहित पौष्टिक आहार का वितरण किया गया। जनसहयोग से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पौष्टिक लड्डू भी वितरित किए गए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, बाल स्वरूप एवं बाल लीलाओं से जुड़े प्रसंगों की जानकारी दी। साथ ही उपस्थित महिलाओं एवं अभिभावकों को जन्माष्टमी पर्व के महत्व तथा बच्चों के समुचित पोषण के संबंध में जागरूक किया गया।

संस्कृति के साथ पोषण का संदेश

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति रुचि विकसित करना, उनकी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा बच्चों एवं माताओं के पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। जिलेभर के आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने बाल विकास, पोषण और संस्कारों के समन्वय का संदेश दिया।

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आईटीआई जावद में प्रवेश का अंतिम अवसर 7 सितंबर तक

नीमच 4 सितम्‍बर 2026, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था जावद में प्रशिक्षण सत्र 2026 के लिए रिक्त सीटों पर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ राउंड के तहत सीधे प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ है। महानिदेशालय प्रशिक्षण,नई दिल्ली के दिशा-निर्देशानुसार प्रवेश की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 निर्धारित है। संस्था में कुल 17 रिक्त सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें COPA में 11, वेल्डर में 5 तथा मैकेनिक मोटर व्हीकल में 1 सीट शामिल है।

नवीन पंजीयन एवं प्रोफाइल त्रुटि सुधार के लिए ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय है। च्वाइस फिलिंग 5 सितंबर को प्रातः 11 बजे से शुरू होगी। अभ्यर्थी एक आईटीआई के एक ट्रेड का चयन कर 50 रुपये ऑनलाइन शुल्क जमा कर च्वाइस लॉक कर सकेंगे।

आवंटन के बाद उसी दिन मूल प्रमाण-पत्र एवं दो-दो छायाप्रतियों के साथ आईटीआई जावद में दस्तावेज सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। संस्था परिसर में हेल्पडेस्क एवं काउंसलिंग सेंटर से तकनीकी सहायता भी उपलब्ध है।

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