पुलिस कस्टडी से फरार हुआ निलंबित पटवारी, अस्पताल में शौच के बहाने दिया चकमा, 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड

शासकीय जमीन में हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार हुआ था राजेश नामदेव, SP ने ASI और आरक्षक को किया लाइन अटैच
सिंगरौली। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस कस्टडी से एक आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शासकीय भूमि में धोखाधड़ी और कूटरचना के आरोप में गिरफ्तार निलंबित पटवारी राजेश नामदेव पुलिस को चकमा देकर जिला अस्पताल से भाग निकला।
इलाज के लिए लाई थी पुलिस, सुबह होते ही हो गया फरार
पुलिस आरोपी को मेडिकल परीक्षण और इलाज के लिए जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न लेकर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि आरोपी रातभर अस्पताल में भर्ती रहा। अलसुबह उसने शौच जाने का बहाना बनाया और इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया।
कई थानों की पुलिस कर रही तलाश
आरोपी के फरार होने की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में अफरा-तफरी मच गई। कोतवाली बैढ़न और मोरवा थाने की अलग-अलग टीमें आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। हालांकि अब तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
2015 का है मामला, खसरा नंबर 356 में की थी हेराफेरी
दरअसल पूरा मामला वर्ष 2015 का है। मोरवा थाना क्षेत्र के कतरिहार गांव की शासकीय भूमि आराजी खसरा नंबर 356 में रिकॉर्ड में हेराफेरी और कूटरचना करने का आरोप है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी राजेश नामदेव के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। बाद में विवेचना के दौरान इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं थीं।
गुरुवार को हुआ था गिरफ्तार
पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रही थी। बीते गुरुवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था और न्यायालय में पेश करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
SP ने दिखाई सख्ती
पुलिस कस्टडी से आरोपी के फरार होने पर पुलिस अधीक्षक सियाज केएम ने कड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर ड्यूटी पर तैनात एएसआई गुलाब प्रसाद बहरोलिया और आरक्षक श्याम सुंदर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। वहीं फरार आरोपी के खिलाफ कोतवाली बैढ़न में बीएनएस की धारा 262 के तहत नया मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस के सामने आरोपी को दोबारा पकड़ने की बड़ी चुनौती है। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि अस्पताल जैसी सुरक्षित जगह पर पुलिस कस्टडी से आरोपी कैसे फरार हो गया।


