मंदसौरमध्यप्रदेश
तुलसी जयंती पर तुलसी के साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ विमर्श

तुलसी जयंती पर तुलसी के साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ विमर्श
मंदसौर, 19 अगस्त 2026। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंदसौर के हिन्दी विभाग द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में ‘तुलसी जयंती’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा की उस समृद्ध धारा का भी स्मरण किया गया, जिसमें वेद, उपनिषद, रामायण और लोक-संस्कृति के माध्यम से जीवन-मूल्यों की निरंतर व्याख्या होती रही है तथा तुलसीदास जी उसी परंपरा के सशक्त वाहक के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. डी.सी. गुप्ता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि तुलसीदास जी का साहित्य केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित लोकमंगल, मर्यादा, समन्वय और मानवीय संवेदनाओं का व्यापक दस्तावेज है। उन्होंने कहा, “तुलसी ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज को केवल भक्ति का मार्ग ही नहीं दिखाया, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप जीवन जीने की मर्यादा और मानवीय मूल्यों का भी बोध कराया। रामचरितमानस में वर्णित राम का चरित्र आज भी सत्य, त्याग, कर्तव्य, करुणा और आदर्श जीवन की प्रेरणा देता है।”
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन देते हुए हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ललिता लोधा ने तुलसीदास जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “अकबर ने तो किलों को जीता था, तुलसी ने दिलों को जीता है।”
इस अवसर पर एम.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा तनीषा ने गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन, साहित्य एवं विचारों पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सीमा जैन ने किया। इस अवसर पर प्रो. वर्दीचंद राठौर, डॉ. नेहा दीक्षित एवं डॉ. कल्पना जयपाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता कर गोस्वामी तुलसीदास जी के आदर्शों, जीवन-दृष्टि, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं साहित्यिक योगदान को स्मरण किया।
अंत में डॉ. ज्योति डोसी ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



