आदिनाथ भगवान का 18 अभिषेक अनुष्ठान मंगलमय एवं भव्य रूप से संपन्न

आदिनाथ भगवान का 18 अभिषेक अनुष्ठान मंगलमय एवं भव्य रूप से संपन्न
पंकज बैरागीसुवासरा-नगर में धर्म, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैन श्वेताम्बर श्री संघ के तत्वावधान में परम तारक परमात्मा भगवान आदिनाथ के 18 अभिषेक अनुष्ठान का भव्य एवं मंगलमय आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
प्रातः 9:00 बजे से ही जैन श्री संघ स के श्रावक-श्राविकाओं एवं युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से परमात्मा का पावन अभिषेक कर धर्म आराधना का लाभ लिया।
सम्पूर्ण 18 अभिषेक पूजन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विधिकारक श्री प्रवीण चोरड़िया (रुणीजा) द्वारा संपन्न कराया गया। उनके द्वारा गाए गए मधुर स्तवनों की स्वर लहरियों से संपूर्ण मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा।
गरबा व भक्ति नृत्य: भजनों और स्तवनों के आनंद में झूमते हुए श्राविका बहनों ने गरबा कर परमात्मा की आराधना की। पूरे प्रांगण में “जय आदिनाथ” के जयकारों से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।
आयोजन के दौरान आदिनाथ दादा के दरबार में केशर अमिवृष्टि का अलौकिक दृश्य भी देखने को मिला।
अठारह अभिषेक केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि 84 प्रकार की आशातनाओं (अज्ञानवश हुई भूलों) के निवारण, आत्मशुद्धि, श्रद्धा और परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण का पावन अवसर है।
संघ की अटूट एकता, धर्म के प्रति बढ़ती निष्ठा और भक्तों के अपार उत्साह ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। अठ्ठारह अभिषेक की पूर्णाहुति के बाद भगवान की 108 दीपक के साथ महाआरती की गयी। जिसके बाद शांति कलश का विधान किया गया। भगवान के अभिषेक के कार्यक्रम के बाद सकल श्री संघ का स्वामीवात्सल्य आयोजित हुआ। उपरोक्त सभी कार्यक्रम जैन श्री संघ ट्रस्ट मंडल द्वारा किये गये।



