सनातन धर्म पर अमर्यादित बयान: शिवसेना ने प्रदर्शन के साथ फूंका पुतला,सरकार से कठोरतम कार्रवाई की मांग
सनातन धर्म पर अमर्यादित बयान: शिवसेना ने प्रदर्शन के साथ फूंका पुतला,सरकार से कठोरतम कार्रवाई की मांग
मंदसौर-हिंदू देवी-देवताओं, सनातन परंपराओं और पवित्र धर्मग्रंथों पर लगातार की जा रही अनर्गल व अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर मालवा अंचल में भारी जनाक्रोश पनप रहा है। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दिए जा रहे एक के बाद एक विवादित बयानों के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मोर्चा खोल दिया है। गांधी चौक पर एकत्रित सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मौलाना अंसारी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
उल्लेखनीय है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब मौलाना जर्जिस अंसारी ने सनातन आस्था पर प्रहार किया हो। इससे पूर्व भी मौलाना का एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने जगतगुरु भगवान श्री कृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता पर अत्यंत अशोभनीय टिप्पणी करते हुए भगवान श्री कृष्ण को ‘5 वक्त का नमाजी’ बताया था। उस समय भी धार्मिक समाज में भारी रोष व्याप्त हुआ था और पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी।
पूर्व के विवाद के बाद भी मौलाना की बयानबाजी पर अंकुश नहीं लगा और हाल ही में उसने पुनः भगवान भोलेनाथ (शिव जी) को लेकर बेहद अशोभनीय और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। मौलाना की इस लगातार बढ़ती दुस्साहसपूर्ण बयानबाजी से आक्रोशित शिवसैनिकों ने मंदसौर के हृदय स्थल गांधी चौक पर विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मौलाना जर्जिस अंसारी के पुतले की प्रतीकात्मक खतना की और तत्पश्चात गगनभेदी नारों के बीच पुतले का दहन किया। इस दौरान ‘जय भवानी जय शिवाजी’ जय श्री राम’ और ‘सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ मौलाना जर्जिस अंसारी मुर्दाबाद मुर्दाबाद जैसे नारों से पूरा गांधी चौराहा गूंज उठा।
पुतला दहन के पश्चात शिवसेना (UBT) के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं:
तत्काल गिरफ्तारी व FIR: मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में तत्काल मामला दर्ज कर उसे अविलंब गिरफ्तार किया जाए।
रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई: समाज में विद्वेष और वैमनस्य फैलाने की नीयत से दिए जा रहे बयानों को देखते हुए आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) ल

