मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 07 अगस्त 2026 शुक्रवार

युवा संगम रोजगार एवं अप्रेन्टिसशिप मेला 12 अगस्त को आईटीआई रतलाम में

अधिक से अधिक युवा पहुंचकर रोजगार का लाभ उठाएं

जिला रोजगार अधिकारी श्री अभिषेक कटारा ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग व तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं रोजगार कार्यालय रतलाम द्वारा युवा संगम अन्तर्गत जिला स्तरीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेन्टिसशिप मेले का आयोजन 12 अगस्त 2026 को शासकीय आई.टी.आई, सैलाना रोड, सज्जन मिल के सामने रतलाम में किया गया है, जिसमे बेरोजगार युवाओ को निजी क्षेत्र की कंपनियों में अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे।

आवेदक की शैक्षणिक योग्यता 10वी उत्तीर्ण से स्नातक एवं आई.टी. आई उत्तीर्ण तथा आयु 18 से 35 वर्ष तक होना चाहिए ।

इच्छुक आवेदक युवा संगम मेले में 12 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से 3 बजे तक शासकीय आई.टी.आई, सैलाना रोड, सज्जन मिल के सामने रतलाम में अपने फोटो, शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन, 2 पासपोर्ट साईज फोटो एवं आधार कार्ड की छायाप्रति, समग्र आईडी एवं बायोडाटा के साथ उपस्थित हो सकते है।

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राजस्व प्रकरणों के निराकरण में रतलाम प्रदेश के टॉप-5 जिलों में हमेशा रहे : कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया

सीमांकन रिपोर्ट में पूर्व सीमांकन का विवरण अनिवार्य रूप से शामिल करें
राजस्व आदेशों के समयबद्ध अनुपालन के दिए निर्देश
राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने गुरुवार को राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री कटेसरिया ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में रतलाम जिला प्रदेश के टॉप-5 जिलों में अपनी स्थिति बनाए रखे। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित सभी प्रकार के राजस्व प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा सभी अधिकारी पूरी सक्रियता और गंभीरता से कार्य करें।

सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पटवारी द्वारा प्रस्तुत सीमांकन रिपोर्ट में पूर्व सीमांकन का संपूर्ण विवरण अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। सीमांकन दल प्रत्येक प्रकरण में पूर्व सीमांकन का रिकॉर्ड साथ लेकर जाए, ताकि पुराने एवं वर्तमान सीमांकन का वस्तुनिष्ठ परीक्षण कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारियों द्वारा पारित आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए राजस्व आदेशों के अनुपालन की मॉनीटरिंग लोक सेवा प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रत्येक आदेश का समय पर पालन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में नामांतरण, बंटवारा, राजस्व वसूली, भू-अर्जन प्रकरण, मुआवजा वितरण, पीएम किसान, ई-केवाईसी, फार्मर रजिस्ट्री, आधार सीडिंग, भूमि स्वामी परिमार्जन, साइबर तहसील, सीएम हेल्पलाइन तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम से संबंधित प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

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जिले में अब तक 361.63 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 361.63 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में रतलाम जिले में 2.13 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

पिछले 24 घन्टों में आलोट में 0.00 मि.मी., जावरा में 0.00 मि.मी., ताल में 0.0 मि.मी., पिपलोदा मे 0.0 मि.मी., बाजना में 8.0 मि.मी., रतलाम में 0.0 मि.मी., रावटी में 7.0 मि.मी. एवं सैलाना में 2.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 386.0 मि.मी., जावरा में 380.0 मि.मी., ताल में 274.0 मि.मी., पिपलोदा में 399.0 मि.मी., बाजना में 252.0 मि.मी., रतलाम में 520.0 मि.मी., रावटी में 321.0 मि.मी. एवं सैलाना में 361.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में मिलेगा डिजिटल टोकन

राशन दुकानों पर खाद्यान्न वितरण व्यवस्था होगी पारदर्शी
पीडीएस के नये मॉडल पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल-इंदौर से होगी शुरुआत
मप्र में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा से होगी खाद्यान्न की डिलीवरी

मध्यप्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली अब डिजिटल क्रांति की नई दहलीज पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को अब नकद या पारंपरिक व्यवस्था के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के माध्यम से राशन उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार ने इस महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर का चयन किया है। दिसंबर 2026 तक सभी उचित मूल्य दुकानों पर यह व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लागू होने के बाद पात्र हितग्राहियों को हर महीने उनकी खाद्यान्न पात्रता के अनुरूप सीबीडीसी टोकन सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में भेजे जाएंगे। राशन लेने के लिए हितग्राही को केवल अपने मोबाइल ऐप से उचित मूल्य दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करना होगा और टोकन का उपयोग करते ही गेहूं, चावल सहित पात्रता अनुसार खाद्यान्न मिल जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी बनेगी।

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि यह व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लीकेज रोकने, सब्सिडी के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और लाभार्थियों तक शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ खाद्यान्न पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी। डिजिटल रुपया केवल राशन खरीदने के लिए ही उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सरकारी सहायता का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं हो सकेगा।

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि योजना के तहत सबसे पहले लाभार्थियों के आधार और राशन कार्ड के डेटा का मिलान, मोबाइल नंबर का सत्यापन तथा ई-केवायसी किया जाएगा। इसके बाद हितग्राहियों को पीएनबी डिजिटल रुपया मोबाइल ऐप पर ऑनबोर्ड किया जाएगा। साथ ही सभी उचित मूल्य दुकानों को क्यूआर आधारित सीबीडीसी भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा और विक्रेताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

कैशलेस, पेपरलेस और पारदर्शी होगी योजना :

मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, मध्यप्रदेश खाद्य विभाग, पंजाब नेशनल बैंक, एनआईसी तथा अन्य तकनीकी एजेंसियों के बीच कई दौर की बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसे भोपाल और इंदौर की सभी उचित मूल्य दुकानों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है।

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां डिजिटल रुपया सीधे जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम बनेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल न केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को कैशलेस, पेपरलेस और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि भविष्य में अन्य कल्याणकारी योजनाओं में भी सीबीडीसी के उपयोग का रास्ता खोल सकती है।

क्यों खास है सबसे बड़ा डिजिटल प्रयोग :

राशन वितरण में पहली बार डिजिटल रुपये का उपयोग।

लाभार्थी के मोबाइल वॉलेट में सीधे मिलेगा राशन का डिजिटल टोकन।

क्यूआर कोड स्कैन कर किसी भी उचित मूल्य दुकान से मिलेगा राशन।

सब्सिडी का दुरुपयोग और लीकेज रोकने में मिलेगी मदद।

भोपाल और इंदौर से शुरू होगा प्रदेश का सबसे बड़ा डिजिटल पीडीएस प्रयोग।

सफल होने पर पूरे प्रदेश और देश में लागू होने का रास्ता होगा आसान।

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आलोट के ग्राम किशनगढ़ से 7 अगस्त को होगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के निर्देशन में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ जिले में शुक्रवार 7 अगस्त को जनपद पंचायत आलोट की ग्राम पंचायत किशनगढ़ से होगा। अभियान के तहत जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद करेंगे तथा विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी जिला स्तरीय अधिकारी प्रातः 11:00 बजे ग्राम किशनगढ़ में आयोजित शिविर में उपस्थित रहेंगे। शिविर में सबसे पहले आम नागरिकों के साथ जनसंवाद आयोजित होगा। इसके बाद जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की शिकायतें एवं समस्याएं सुनी जाएंगी तथा अधिकतम प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। साथ ही सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम से संबंधित शिकायतों एवं आवेदनों के निराकरण की भी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी शिविर क्षेत्र से जुड़ी ग्राम पंचायतो का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। अभियान में ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारी भी शामिल रहेंगे। इसके अलावा आसपास की 23 ग्राम पंचायतों में अलग-अलग अधिकारियों को भ्रमण एवं निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं का निरीक्षण, आमजन एवं उद्यमियों के साथ संवाद, सेवा प्रदाय व्यवस्था की धरातलीय स्थिति का आकलन तथा शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को सुदृढ़ करना, व्यवस्थाओं में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण करना है।

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आधार बायोमेट्रिक अपडेट अभियान में रतलाम जिले को प्रदेश में द्वितीय स्थान

विद्यार्थी के लिए आधार, “अब विद्यालय के द्वार” अभियान में जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में रतलाम जिले ने “विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार” अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों के अनिवार्य आधार बायोमेट्रिक अपडेट में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

अभियान के तहत जिले में कुल 2 लाख 69 हजार 141 विद्यार्थियों के पास आधार उपलब्ध है। इनमें से 2 लाख 39 हजार 406 विद्यार्थियों का आधार सत्यापन किया जा चुका है। वर्तमान में जिले का एमबीयू पेंडेंसी प्रतिशत मात्र 10.1 प्रतिशत है, जिसके आधार पर रतलाम ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

जिला प्रशासन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी तथा संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया गया। विद्यालय स्तर पर सतत मॉनिटरिंग, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन एवं बायोमेट्रिक अपडेट की नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है।

इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, भारत सरकार के मध्य प्रदेश राज्य कार्यालय द्वारा कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया तथा जिला प्रशासन की पूरी टीम, विशेष रूप से स्कूल शिक्षा विभाग एवं जिला डीईजीएस के अधिकारियों की सराहना की गई है। जिला प्रशासन ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यालयों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शेष विद्यार्थियों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट शीघ्र पूर्ण कराने का आह्वान किया है।

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स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में दर्ज की उल्लेखनीय उपलब्धियां

राष्ट्रीय गुणवत्ता, संस्थागत प्रसव, सिकल सेल उपचार एवं टीकाकरण में जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय कार्य किए है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की गई हैं।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अन्तर्गत स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता, स्वच्छता, मरीज सुरक्षा एवं रोगी संतुष्टि में उल्लेखनीय सुधार करते हुए, गुणवत्ता मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसके अन्तर्गत जिले की कुल 08 स्वास्थ्य संस्थाओं जिनमें से 01 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 07 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को NQAS प्रमाण पत्र प्राप्त हुए है।

जिले में 01 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन 05 करोड़ 73 लाख रूपये की लागत से पूर्ण होकर संचालित हैं। 05 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन 11 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से पूर्ण होकर संचालित हैं। 41 उप स्वास्थ्य केन्द्र 20 करोड़ 14 लाख रूपये की लागत से पूर्ण होकर संचालित हैं। 04 बी.पी.एच.यू. 02 करोड़ रूपये की लागत से पूर्ण होकर संचालित हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच एवं गुणवत्ता में वृद्धि हुई।

जननी सुरक्षा योजना अन्‍तर्गत संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने हेतु 26466 पात्र हितग्राहियों को 16 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि से लाभान्वित किया गया। जिले में 99.42 प्रतिशत संस्थागत प्रसव करवाये गये है। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं रेफरल सुनिश्चित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्‍तर्गत जिले के समस्त विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत जन्मजात विकृतियों, रोगों, पोषण संबंधी समस्याओं एवं विकासात्मक विलंब की पहचान कर उपचार एवं रेफरल सुनिश्चित किया गया। बाल श्रवण योजना अन्तर्गत कुल 07 हितग्राहियों को 36 लाख 40 हजार रूपये तथा बाल हृदय उपचार योजना अन्तर्गत कुल 11 हितग्राहियों को 10 लाख 85 हजार रूपये से लाभान्वित किया गया।

सिकल सेल अन्तर्गत रतलाम जिले में चिन्हांकित कुल 128 मरीजों में से शतप्रतिशत मरीजों का उपचार किया गया जिसके आधार पर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम अन्तर्गत संचालित यू-विन पोर्टल पर 0 से 05 वर्ष के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत यू-बिन पोर्टल संचालन के समस्त मानको पर जिले ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

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नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

7वें अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में मध्यप्रदेश के हरित ऊर्जा मॉडल का हुआ प्रेजेंटेशन
स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन का दिया संदेश, सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली मेट्रो से किया सफर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में भाग लेते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक देश के 500 गीगा वॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य नवकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण तथा हरित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। म.प्र. आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए एयरपोर्ट से दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के माध्यम से शिवाजी स्टेडियम तक यात्रा कर स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। दिल्ली मेट्रो अपने संचालन में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का उपयोग करती है, इसलिए मुख्यमंत्री ने हरित ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में मेट्रो से यात्रा की।

मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का दिया प्रेजेंटेशन

नई दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 में मध्यप्रदेश ने स्वच्छ एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की कार्य योजना का प्रभावी प्रेजेंटेशन दिया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी तथा भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री एच.ई. ल्योनपो जेम त्शेरिंग तथा श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री श्री अनुरा करुणाथिलका, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा म.प्र. श्री मनु श्रीवास्तव सहित देश-विदेश के ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में निवेश-अनुकूल नीतियों, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और पर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश और अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। यह आयोजन स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने तथा सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावॉट से बढ़कर 11,000 मेगावाट हो गई है, जो लगभग 25 गुना वृद्धि है। पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण तथा बायोमास नीतियां लागू कर निवेश और नवाचार को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि 750 मेगावाट रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने देश में पहली बार सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित विद्युत से भी कम स्थापित किया। इस परियोजना को वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेसिडेन्ट्स अवार्ड फॉर एक्सीलेंस प्राप्त हुआ तथा इसकी केस स्टडी हावर्ड युनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है। वहीं 1,500 मेगावाट आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रूपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ प्राप्त हुआ है और इससे भारतीय रेलवे को 8 राज्यों में हरित ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 278 मेगावाट क्षमता की देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना का लोकार्पण 25 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। इसके साथ ही ‘सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना’ के अंतर्गत लगभग 14,900 मेगावाट क्षमता के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें किसानों और एमएसएमई क्षेत्र की उल्लेखनीय भागीदारी रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता को मजबूत करने के लिए राज्य में बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। मुरैना की 440 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं 880 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें प्रतिस्पर्धी दर पर विद्युत क्रय अनुबंध किए गए हैं। साथ ही 4 घंटे, 6 घंटे और 24 घंटे की सौर-सह-ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रूफटॉप सोलर योजना अंतर्गत 1,300 शासकीय भवनों पर 48 मेगावाट क्षमता विकसित की जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश के लगभग 1.5 लाख घरों में 566 मेगावॉट क्षमता के रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, हरित ऊर्जा की अपार संभावनाओं और औद्योगिक क्षमताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनेगा।

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा शिक्षा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश जल्द ही 300 GW स्थापित गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता का आंकड़ा पार करेगा तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से 50 लाख से अधिक परिवार रूफटॉप सोलर का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सभी राज्यों से सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ ऊर्जा के व्यापक उपयोग पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

प्रेजेंटेशन के मुख्य बिन्दु

4 घंटे बैटरी ऊर्जा भंडारण : ऐसी परियोजनाएँ जो सौर ऊर्जा को संग्रहित कर सायंकालीन पीक मांग के समय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं तथा ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाती हैं।

6 घंटे बैटरी ऊर्जा भंडारण : ये परियोजनाएँ अधिक अवधि तक ऊर्जा आपूर्ति प्रदान कर नवकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण, मांग प्रबंधन एवं ग्रिड स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

24 घंटे नवीकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण परियोजनाएँ : सौर ऊर्जा एवं दीर्घावधि ऊर्जा भंडारण के संयोजन से विकसित ये परियोजनाएँ चौबीसों घंटे स्वच्छ एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्ध कराने में सक्षम हैं, जिससे उद्योगों, वितरण कंपनियों तथा डेटा सेंटर जैसे उच्च मांग वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त होगी।

एनआरईडी की भूमिका : नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्य प्रदेश शासन राज्य में नवकरणीय ऊर्जा नीति निर्माण, निवेश प्रोत्साहन, परियोजना विकास तथा ऊर्जा संक्रमण से संबंधित कार्यक्रमों के समन्वय हेतु प्रमुख विभाग है। विभाग प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए कार्यरत है।

रूम्सल की भूमिका : रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड, मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) का संयुक्त उपक्रम है। रूम्सल राज्य में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा, फ्लोटिंग सोलर, हाइब्रिड नवकरणीय ऊर्जा तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के विकास एवं क्रियान्वयन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। रूम्सल द्वारा विकसित नवाचार आधारित परियोजनाएँ मध्य प्रदेश को देश में ऊर्जा भंडारण एवं चौबीसों घंटे नवकरणीय ऊर्जा आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनोन्मुखी पहल

जनविश्वास अभियान शुरू होगा 7 अगस्त से
जन विश्वास अभियान यानि जनता से सीधा-संवाद और जुड़ाव
शुक्रवार से फील्ड में जाकर होगा शिकायतों और समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रदेश की साढ़े 8 करोड़ से अधिक आबादी के प्रति विश्वास के प्रतीक जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ शुक्रवार 7 अगस्त 2026 से होगा। शासन और प्रशासन ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। मंत्रालय से लेकर जिले तक के सभी अधिकारी अब से प्रत्येक शुक्रवार को दफ्तर छोड़कर फील्ड में जनमानस के सामने होंगे।जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में जाकर जनता से सीधा संवाद एवं जुड़ाव, शिकायतों एवं समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण करना, फील्ड की वास्तविक स्थितियों का फीडबैक प्राप्त करना, प्रशासन के पर्यवेक्षण तंत्र को सुदृढ़ करना और प्रशासन की पारदर्शी और संवेदनशील छवि का निर्माण करना है।

शासन-प्रशासन रहेगा भ्रमण पर

अभियान में प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार के दिन संपूर्ण प्रदेश में अपरिहार्य स्थिति को छोड़कर किसी भी स्तर पर कोई बैठक आयोजित नहीं होगी। यह दिन केवल फील्ड भ्रमण को समर्पित रहेगा। भोपाल से लेकर संभाग और जिले तक सभी वरिष्ठ अधिकारी फील्ड भ्रमण पर रहेंगे और अभियान में मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, शासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सम्मिलित होंगे। अभियान का प्रारंभ 7 अगस्त 2026 से होगा। जिला कलेक्टर एक सप्ताह पूर्व भ्रमण का क्षेत्र चिन्हित करेंगे और जन-प्रतिनिधियों को अवगत कराएंगे। साथ ही मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

भ्रमण से एक सप्ताह पूर्व ही उस क्षेत्र के सी.एम. हेल्पलाईन, जन-सुनवाई और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा, भ्रमण से पूर्व ही की जाएगी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। निराकरण से शेष रहे प्रकरणों एवंभ्रमण के दौरान प्राप्त आवेदनों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।

जन-संवाद से उ‌द्योग संवाद

अभियान के तहत जिला कलेक्टर, जिले के अधिकारियों के साथ फील्ड में दौरा करेंगे। दो प्रकार के जन-संवाद और उ‌द्योग संवाद आयोजित किए जाएंगे। एम.एस.एम.ई एवं कुटीर उ‌द्योगों के उ‌द्यमियो की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिलो में पहुँचेंगे, मुख्यमंत्री के भ्रमण-क्षेत्र में ही जिले का समाधान ऑनलाईन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भ्रमण से पूर्व लंबित और भ्रमण के बाद प्राप्त आवेदनों की तुलना जांची परखी जाएगी। जिलों की परफॉरमेंस और मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के स्तर पर अभियान की नियमित समीक्षा की जायेगी।

सम्पूर्ण अभियान सादगी और मितव्ययिता से संचालित होगा। साज-सज्जा आदि गैर जरुरी व्ययों से परहेज किया जाएगा। साथ हीवाहनों की पूलिंग होगी और शासकीय संस्थाओं / सार्वजनिक स्थान पर पूर्व निर्मित भवन में ही संवाद किया जाएगा।

 लंबित प्रकरणों का किया जाएगा शत-प्रतिशत निराकरण

सी.एम हैल्पलाईन एवं जनसुनवाई में प्राप्त भ्रमण क्षेत्र की लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज भ्रमण क्षेत्र के लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण, अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा के लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण और न्यायालयीन आदेश होने के उपरांत भी राजस्व अभिलेखों में अमल नहीं होने संबंधी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा।

किसानों की समस्याओं का होगा निराकरण

सभी पात्र किसानों की फार्मर आई.डी.का निर्माण सुनिश्चित करना , सभी पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड का निर्माण सुनिश्चित करना, समग्र आई.डी. की ई-केवाइसी तथा आधार कार्ड निर्माण/अपडेशन के प्रकरणों का निराकरण और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को आवास उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी।

जन-विश्वास अभियान के सबसे अहम बिंदु

जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल की उपलब्धता तथा टंकी निर्माण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। आगनबाड़ी का निरीक्षण एवं कुपोषण से मुक्ति के लिए आंगनवाड़ी में बच्चों के वजन और ऊंचाई के मापन की स्थिति जानी जाएगी। स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण एवं वहाँ डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ, दवाएं, उपकरण आदि की उपलब्धता एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के प्रदाय की स्थिति की जांच की जाएगी।स्कूल/कॉलेज का निरीक्षण एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति और अध्ययन की भी गुणवत्ता का निरीक्षण किया जायेगा।

खेती-किसानी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे

क्षेत्र में खाद-बीज एवं अन्य आदानों की उपलब्धता की समीक्षा की जायेगी। स्थानीय राशन की दुकान का निरीक्षण एवं आम जनता से फीडबैक, विभिन्न शासकीय परिसंपत्तियाँ जैसे सड़क, तालाब, अमृत सरोवर, बांध, जलजीवन मिशन अंतर्गत निर्मित संरचनाएँ, भवन, खेल, फसल आदि की स्थिति का निरीक्षण, शासकीय संस्थाओं जैसे आई.टी.आई, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक सहकारी समिति, तहसील, कृषि उपज मण्डी, मदिरा दुकान, पुलिस थाना, लोक सेवा केन्द्र, शासकीय देवस्थान, औ‌द्योगिक क्षेत्र आदि का निरीक्षण किया जायेगा।

खाद-बीज की दुकान एवं एजेंसी, गैस गोदाम, पेट्रोल पम्प, विस्फोटक पटाखा लायसेंस धारियों की दुकानें गोदाम, अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं की डीलरशिप, निजी विद्यालय आदि का निरीक्षण होगा। क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति एवं अपराध नियंत्रण के विषय में समीक्षा होगी। विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन आदि का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं, इसकी समीक्षा और अन्य ऐसी स्थानीय प्रमुख बढ़ी समस्यायें, शिकायतें चुनौतियां, जिनको लेकर स्थानीय जनसमुदाय प्रशासन से शीघ्र निराकरण की अपेक्षा करता है, उनका चिन्हांकन एवं समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी चार प्रमुख स्तम्भ होंगे।

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