समाचार मध्यप्रदेश नीमच 04 अगस्त 2026 मंगलवार

हेल्पिंग हैंड ग्रुप की अनूठी पहल, अग्निवीर एवं पुलिस भर्ती परीक्षा की 40 दिवसीय निःशुल्क तैयारी कक्षाएं होंगी संचालित
नीमच। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हेल्पिंग हैंड ग्रुप द्वारा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अग्निवीर एवं मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की 40 दिवसीय निःशुल्क तैयारी कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।
हेल्पिंग हैंड का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली एवं इच्छुक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से कोचिंग प्राप्त करने में असमर्थ हैं। इस पहल के माध्यम से योग्य विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के मार्गदर्शन एवं अध्ययन सामग्री का लाभ प्रदान किया जाएगा, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें।
हेल्पिंग हैंड का मानना है कि सभी के सहयोग से यह जानकारी अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुचाये जिससे विद्यार्थी इस निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ लेकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकेंगे। हेल्पिंग हैंड ग्रुप ने समाज के सभी जागरूक नागरिकों से इस जनकल्याणकारी अभियान में सहभागी बनने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इसकी जानकारी पहुंचाने की अपील की है।
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जिला न्यायालय में चिकित्सा कक्ष का उद्घाटन आज
नीमच, 3 अगस्त 2026। नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय, नीमच के प्रथम तल स्थित कक्ष क्रमांक-8 में आज 4 अगस्त 2026 को प्रातः 11:00 बजे चिकित्सा कक्ष का उद्घाटन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच के करकमलों द्वारा किया जाएगा।
नव स्थापित चिकित्सा कक्ष में न्यायालयीन समय के दौरान न्यायालय में आने वाले पक्षकारों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों एवं न्यायाधीशों को प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही यहां रक्तचाप, रक्त शर्करा सहित आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी किए जा सकेंगे।
चिकित्सा कक्ष की स्थापना का उद्देश्य न्यायालय परिसर में उपस्थित सभी संबंधित व्यक्तियों को आवश्यकता पड़ने पर त्वरित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल सहायता सुनिश्चित करना है।
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दतिया की जीत से गदगद कांग्रेस, नीमच में निकला विजय जुलूस, पटाखों की गूंज के बीच बांटी मिठाई

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आखिर नीमच जिले की जनता की आस्था पर चोट क्यों,क्षेत्र के लिए एक भी स्पेशल ट्रेन नहीं दिला पाए सांसद,नीमच से फिर हुआ सौतेला व्यवहार
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राष्ट्रगान एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से माह के शासकीय कार्यों की हुई शुरुआत
नीमच 3 अगस्त 2026। कलेक्टर कार्यालय परिसर, नीमच में सोमवार को माह के प्रथम कार्यदिवस पर सामूहिक रूप से राष्ट्रगान, वंदे मातरम् एवं मध्यप्रदेश गान का गायन किया गया। कार्यक्रम अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर कलेक्टोरेट परिसर स्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक साथ राष्ट्रगान, वंदे मातरम् तथा मध्यप्रदेश गान का गायन कर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया। इसके उपरांत अगस्त माह के शासकीय कार्यों का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे सहित कलेक्टोरेट, राजस्व, भू-अभिलेख, सहकारिता, शिक्षा, कोषालय, आबकारी, जनसंपर्क, नगरीय प्रशासन तथा अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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नवकार महामंत्र भवसागर से पार लगाने वाला महामंत्र : पूज्य रत्न निधिजी म.सा.
‘घर-घर नवकार, हर घर नवकार’ महाअभियान का शुभारंभ, चांदी के मंगल कलश पर हुआ विशेष अनुष्ठान
नीमच। महावीर जिनालय मंदिर ट्रस्ट, आराधना भवन में चल रहे प्रवचनों की श्रृंखला के अंतर्गत परम पूज्य विजक्षण ज्योति मालव मणि प्रवर्तिनी महोदया श्री चंद्रप्रभा श्रीजी महाराज साहेब की सुशिष्या पूज्य श्री रत्न निधिजी महाराज साहेब ने सोमवार को अपने प्रेरणादायी प्रवचन में नवकार महामंत्र की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि नवकार महामंत्र केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि जीव को भवसागर से पार लगाने वाला परम मंगलकारी महामंत्र है। इसकी आराधना से आत्मा शुद्ध होती है और मोक्षमार्ग का द्वार प्रशस्त होता है।
प्रवचन के दौरान पूज्यश्री ने अनेक प्रेरक दृष्टांतों के माध्यम से नवकार महामंत्र की महत्ता को अत्यंत सरल एवं सहज भाषा में समझाया। उन्होंने अष्टापद तीर्थ का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब रावण वीणा वादन कर रहा था और मंदोदरी परमात्मा की भक्ति में तल्लीन होकर नृत्य कर रही थीं, तभी वीणा का तार टूट गया। भक्ति में कोई व्यवधान न आए, इस भावना से रावण ने अपने हाथ की नस को ही वीणा का तार बनाकर वादन जारी रखा। यह प्रसंग भक्ति, समर्पण और आराधना की पराकाष्ठा का अनुपम उदाहरण है।
इसके पश्चात पूज्यश्री ने गौतम स्वामी का प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने अष्टापद क्षेत्र में 500 तापसों को सम्यक् बोध कराया, नवकार महामंत्र की आराधना करवाई तथा उन्हें चारित्र मार्ग पर अग्रसर कर आत्मकल्याण का मार्ग दिखाया। इन दृष्टांतों के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि नवकार महामंत्र की सच्चे भाव से की गई साधना जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और आत्मशुद्धि का सर्वोत्तम आधार बनती है।
पूज्यश्री ने जैन शासन रत्न मंत्रीश्वर पेत्थड़शाह की अनुपम श्रद्धा का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने नवकार महामंत्र के प्रत्येक अक्षर को स्वर्ण के गोलों में प्रतिष्ठित कर, रेशमी वस्त्र, स्वर्ण एवं रजत मुद्राओं के साथ विधिपूर्वक पूजन कर महामंत्र की आराधना की थी। उन्होंने गिरनार तीर्थ की रक्षा एवं उसे श्वेतांबर परंपरा में सुरक्षित बनाए रखने के लिए 11 हजार किलोग्राम से अधिक स्वर्ण भी धर्मकार्य में समर्पित किया। पूज्यश्री ने कहा कि यह प्रसंग सिखाता है कि नवकार महामंत्र की आराधना केवल जप तक सीमित नहीं, बल्कि उसमें श्रद्धा, त्याग और समर्पण का भाव भी आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार धर्म, तीर्थ और शासन की सेवा में दान-पुण्य करते रहना चाहिए।
प्रवचन के उपरांत “घर-घर नवकार, हर घर नवकार” महाअभियान का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में किया गया। इस अवसर पर चांदी के मंगल कलश पर विशेष अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिसमें प्रत्येक घर में जाने वाले कलश का विधिवत पूजन किया गया। अनुष्ठान में सभी श्रद्धालु 108 अखंड चावल के दाने तथा एक चांदी का सिक्का लेकर पहुंचे, जिन्हें श्रद्धापूर्वक मंगल कलश में समर्पित किया गया। यह विधि पूज्य साध्वी श्री पुण्य निधिजी महाराज साहेब के सान्निध्य में संपन्न हुई।
कार्यक्रम में श्रीसंघ के सभी सदस्य, श्रावक-श्राविकाएं एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने अपने जीवन में नवकार महामंत्र की नियमित आराधना करने तथा “घर-घर नवकार, हर घर नवकार” महाअभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण धर्मभावना, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से पूर्णतः भक्तिमय बना रहा।
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पाप से घृणा करो ,पापी से नहीं -साध्वी अमीदर्शा श्री जी महाराज साहब

चातुर्मास अमृत धर्म प्रवचन श्रृंखला प्रवाहित,
नीमच 3 अगस्त ।(केबीसी न्यूज़)। व्यक्ति परस्थिति की मजबूरी के कारण कभी-कभी ना चाहते हुए भी पाप कर्म कर बैठता है। यदि किसी व्यक्ति को किसी चीज की आवश्यकता है और उसे नहीं मिल पाती है तो चोरी का अपराध कर सकता है । यदि वह वस्तु उसे सरलता से प्राप्त हो जाए तो वह पाप करने का अपराध नहीं करेगा। इसलिए संसार में पाप से घृणा करो पापी से घृणा नहीं करना चाहिए।
यह बात साध्वी अमीदर्शा श्री जी महाराज साहब ने कही।वे श्री भीड भंजन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के तत्वाधान में सुबह मिडिल स्कूल मैदान के समीप जैन भवन सभागार में आयोजित विशेष प्रवचन में उपस्थित समाज जनों को संबोधित करते हुए बोल रही थी। उन्होंने कहा कि कभी-कभी संत के संयम नियम की अनुमोदना करने वाले मोक्ष जा सकते हैं लेकिन संत वहीं रह जाते हैं । अंहकार ज्ञान को कम कर देता है। किसी को क्षमा करने में ज्यादा आनंद आना चाहिए। जबकि संसार के लोग क्रोध करने में ज्यादा आनंद लेते हैं चिंतन का विषय है मनुष्य किस दिशा की ओर जा रहा है वास्तव में उसे जाना किस दिशा की ओर चाहिए था। हम साधु का गणवेश परिधान तो नहीं पहन सकते हैं तो कोई बात नहीं, पांच महावृत का पालन नहीं कर सकते तो कोई बात नहीं लेकिन 12 व्रत में से एक व्रत का नियम तो पालन कर सकते हैं चाहे हम अंश ही सही संयम जीवन का पालन तो कर सकते हैं इससे हमारे पाप कर्म कम होंगे और हमारा पुण्य कर्म बढ़ सकता है। आस्था का पहला गुण क्षमा होता है इसे जीवन में अपनाना चाहिए।
धर्म सभा में नीमच की बेटी साध्वी मृदु पूर्णा श्री जी महाराज साहब ने कहा कि महापुरुषों के उपदेश से हमें जीवन में धर्म संस्कार का ज्ञान सीखने को मिलता है। जिस देश का राजा न्याय प्रिय होता है वहां की प्रजा भी न्याय प्रिय होती है जिस देश का राजा ईमानदार सेवाभावी होता है उसे देश की प्रजा भी ईमानदार और सेवाभावी होती है। हमें जीवन में सदैव समता भाव के साथ जीवन जीना चाहिए तभी हमारी आत्मा का कल्याण हो सकता है, 45 धर्म आगम को चार भागों में विभाजन किया है।
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तपस्वियों की अनुमोदना..
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इस अवसर पर सभी समाज जनों ने तपस्वियों साध्वी केवल्य पूर्णा श्री जी के चाव्यन 14 उपवास कर मास श्रमण की और अग्रसर होने के लिए सामूहिक रूप से अनुमोदना कर हर्ष हर्ष जय जय जय घोष लगा कर की गई। इस अवसर पर विभिन्न समाज जनों ने उपवास की तपस्या के लिए पंचखाण मांगलिक श्रवण कर संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर भीड भंजन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी सदस्य , सोभाग्य मल डोसी, पारस लसोड,मनीष कोठारी, राजेश मानव, मनीष मारु,सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।धर्म सभा का संचालन ट्रस्ट सचिव मनीष कोठारी ने किया।
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डॉ अशोक जैन को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड,
उदयपुर कार्डियोलॉजि कॉन्फ्रेंस 2026में 6 चिकित्सकों ने नीमच से भाग लिया
नीमच 3 अगस्त ।(केबीसी न्यूज़)। हार्ड सेवर सोसाइटी उदयपुर के तत्वाधान में 1 व 2 अगस्त को उदयपुर स्थित विनडेम उद्यान में दो दिवसीय उदयपुर कार्डियोलॉजि कांग्रेस 2026 का आयोजन किया गया । इस अवसर पर हृदय रोग चिकित्सा के माध्यम से पीड़ित मानवता की सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा कार्यों के लिए आईएमए के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉक्टर अशोक जैन को हार्ड सेवर समिति उदयपुर के अध्यक्ष डॉ कपिल भार्गव , सचिव डेनी कुमार मंगलानी,डॉक्टर एसके कौशिक ,अमित खंडेलवाल, डॉक्टर एस के कुमावत की उपस्थिति में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड का प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आईएमए के अध्यक्ष डॉ मनीष चमड़ियां सचिव आदित्य भंडारी ने डॉक्टर अशोक जैन को मिले इस अवार्ड को उनके परिश्रम का परिणाम बताया और कहा कि यह सम्मान प्रेरणा योग्य कदम है।
दो दिवसीय सेमिनार में नीमच जिले से 6 तथा मंदसौर से 2 चिकित्सकों एवं मध्य प्रदेश राजस्थान सहित देशभर से बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने सहभागिता निभाई। और हृदय रोग चिकित्सा उपचार प्रणाली की नवीन तकनीक को सिखा । ताकि और अधिक अच्छे तरीके से रोगियों का उपचार कर सके।नीमच जिले से आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ अशोक जैन ,डॉ अभिषेक तिवारी, डॉक्टर कमलेश पाटीदार, डॉक्टर निलेश पाटीदार ,डॉ प्रकाश पटेल, डॉ एल आर अग्रवाल तथा मंदसौर से डॉक्टर एस के जैन, वीएस मिश्रा ने सहभागिता निभाई। हार्ट रोग के नवीन तकनीकी उपचार प्रणाली की तकनीक का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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कमल के फूल पर विराजित हुए भोले बाबा,
नीमच 3 अगस्त। (केबीसी न्यूज़)। बैकुंठ धाम स्थित 168 वर्ष प्राचीन मनोकामना महादेव मंदिर पर सावन माह के प्रथम सोमवार को सुबह 5 से दोपहर 2बजे तक भोले बाबा का जलाभिषेक किया गया तत्पश्चात एक झांकी कमल के फूल की बनाई गई जिसमें फूल पर भोले बाबा विराजित हुए और भोले बाबा के मुकुट विराजित सर्प लोक परिवार भी पधारे ।समिति संरक्षक शिव माहेश्वरी, अध्यक्ष दिलीप छाजेड़ ,उपाध्यक्ष रमेश जायसवाल, डॉ विनोद शर्मा एवं चंपालाल पाटीदार ने समस्त शिव भक्तों से मनोकामना महादेव के दर्शन कर अपनी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने का आव्हान किया।



