केवीके केंद्र में उपकार की विशेषज्ञ टीम ने किया मूल्यांकन किसानों से किया सीधा संवाद

केवीके केंद्र में उपकार की विशेषज्ञ टीम ने किया मूल्यांकन किसानों से किया सीधा संवाद
गोरखपुर पीपीगंज उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार), लखनऊ की विशेषज्ञ टीम ने महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौकमाफी (गोरखपुर) में संचालित वित्तपोषित इंटरवेंशन परियोजना का व्यापक मूल्यांकन एवं अनुश्रवण किया। विशेषज्ञों ने परियोजना की प्रगति, फील्ड गतिविधियों, किसानों की सहभागिता तथा तकनीकी हस्तांतरण की स्थिति का गहन निरीक्षण करते हुए संसाधनों के प्रभावी उपयोग की समीक्षा की।विशेषज्ञ टीम का नेतृत्व प्रो. डी. राम (पूर्व प्राध्यापक, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या) ने किया। टीम में उपकार, लखनऊ के वैज्ञानिक अधिकारी प्रेमचंद चौरसिया व गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर (उत्तराखंड) के वैज्ञानिक डॉ. एस. के. श्रीवास्तव, डॉ. वी. के. राव एवं डॉ. अजय कुमार शामिल रहे।परियोजना के नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर. के. सिंह (महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, सिद्धार्थनगर) ने परियोजना की उपलब्धियों, उद्देश्यों एवं अब तक की प्रगति पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद विशेषज्ञों ने ब्लॉक चरगांवा के ग्राम रामपुर गोपालपुर, सियारामपुर एवं महराजगंज में किसानों के प्रक्षेत्रों का भ्रमण किया और कृषकों से सीधे संवाद स्थापित किया।भ्रमण के दौरान किसानों ने परियोजना से प्राप्त लाभ, खेती में आए सकारात्मक बदलाव, सामने आ रही चुनौतियों तथा भविष्य की अपेक्षाओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा। टीम ने किसानों के अनुभवों को गंभीरता से सुनते हुए उनकी।आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ एवं व्यवहारिक कृषि मॉडल विकसित करने पर बल दिया। साथ ही परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव एवं आगामी कार्ययोजना भी प्रस्तुत की।इस अवसर पर केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. विवेक प्रताप सिंह, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव, मृदा वैज्ञानिक डॉ. संदीप प्रकाश उपाध्याय, सस्य वैज्ञानिक डॉ. अवनीश कुमार सिंह, डॉ. श्वेता सिंह, आशीष सिंह, गौरव सिंह, जितेंद्र सिंह, परियोजना के यंग प्रोफेशनल अतुल यादव एवं डॉ. सुमित सिंह सहित परियोजना से जुड़े चार दर्जन से अधिक कृषक उपस्थित रहे।



