मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 04 जुलाई 2026 शनिवार

होटल गोल्डन टावर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण

निर्देशों का पालन कर लगाए गए अग्निशमन उपकरण

रतलाम शहर के महू रोड स्थित होटल गोल्डन टावर व्यवसायिक परिसर का अग्निशमन दल द्वारा अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। होटल संचालक को पूर्व में नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के अनुसार परिसर में आवश्यक अग्निशमन उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संचालक ने निर्देशों का पालन करते हुए होटल परिसर में नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के अनुसार अग्निशामक यंत्र स्थापित कर दिए हैं। साथ ही होटल का फायर ऑडिट भी कराया गया है तथा फायर प्लान की स्वीकृति के लिए नगर निगम में ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया गया है। नगर पालिका निगम द्वारा इसकी प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही फायर प्लान जारी किया जाएगा।

============

स्कूल बसों की फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों की जांच, नियम उल्लंघन पर वसूला जुर्माना

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशों के पालन में 03 जुलाई को जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लोरे एवं कार्यालयीन स्टॉफ द्वारा जिलें में स्थित स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की चेकिंग की गई जिसमें स्कूल बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, पी.यू.सी., आपातकालीन खिड़की व दरवाजे, व्ही.एल.टी.डी. प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, पैनिक बटन की जांच की गई एवं वाहन को चलवाया जाकर स्पीड गवर्नर को बारीकी से चेक किया गया, जो चालू हालत में पाये गये एवं वाहन के एस.एल.डी. डिवाइस अनुसार गति नियंत्रित होना पाई गई। चैकिंग के दौरान वाहनों के अग्निशमन यंत्र चलवाये जाकर देखे गये तथा आपातकालीन स्थिति में उनका उपयोग करने कि तकनीक से वाहन चालकों एवं अटेंडरों को समझाया गया। चेकिंग के दौरान 01 वाहन का परमिट वैध नहीं पाया गया इस कारण से समझौता शुल्क राशि रूपये 5000/- वसूल किये गये तथा 03 वाहनों के पी.यू.सी. वैध नही होने से समझौता शुल्क कि राशि रूपये 15000/- इस प्रकार कुल 04 वाहनों से समझौता शुल्क राशि कुल 20000/- रूपये वसूल किये गये। साथ ही एक स्कूल वाहन का फर्श व छत खराब होने, केबिन नियमानुसार नही होने तथा आपातकालीन खिड़की एवं दरवाजा नियमानुसार नही होने से उक्त वाहन के संबंध में स्कूल संचालक को निर्देशित किया गया है कि वह वाहन दुरूस्त कराया जाकर कार्यालय में निरीक्षण हेतु पेश करें।

माह जून 2026 में जिला अंतर्गत अवैध रूप से परिवहन करने वाले 107 वाहनों से कर एवं बकाया के रूप में राशि रूपये 8,08,539/- वसूल किये गये

जिले में अवैध परिवहन एवं सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरूद्ध जिला परिवहन अधिकारी रतलाम एवं प्रभारी परिवहन चेक प्वाईंट रतलाम द्वारा संयुक्त रूप से माह जून 2026 में चेकिंग की कार्यवाही करते हुए कर बकाया वाहनों, बिना वैध बीमा, बिना फिटनेस, बिना परमिट, बिना पी.यू.सी., हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, सीट बेल्ट तथा ओव्हरलोड वाहन एवं निर्धारित सीमा से अधिक माल बाहर निकले हुए वाहनों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत कार्यवाही करते हुए कुल 107 वाहनों से समझौता शुल्क राशि रूपये 3,57,000/- एवं मोटरयान कर की राशि रूपये 4,51,539/- शासन के पक्ष में वसूल किये गये हैं। इस प्रकार माह जून 2026 में 107 वाहनों से समझौता शुल्क एवं कर के रूप में 8,08,539/- रुपये वसूल किये गये।

=========

दीक्षारम्भ समारोह के आयोजन

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम में त्रिदिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का प्रतिवेदन

पीएमसीओई शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय प्राचार्य डॉ वाय के मिश्र ने बताया कि नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 1 जुलाई से 3 जुलाई 2026 तक त्रिदिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, संस्थागत मूल्यों, शिक्षण प्रणाली तथा उनके सर्वांगीण विकास हेतु उपलब्ध विभिन्न अवसरों से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का समापन समारोह 3 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें रतलाम पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वाई के मिश्रा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें अनुशासन, परिश्रम एवं नियमित अध्ययन का महत्व बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह.शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि उच्च शिक्षा व्यक्तित्व निर्माण एवं चरित्र विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मुख्य अतिथि श्री अमित कुमार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, ईमानदारी, आत्मविश्वास एवं निरंतर प्रयास के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने, कानून का सम्मान करने तथा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ संजय परिहार ने SWAYAM एवं NPTEl ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इन माध्यमों से विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों द्वारा संचालित उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर अपने ज्ञान एवं कौशल का विकास कर सकते हैं।

श्री मयंक व्यास ने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा सोशल मीडिया एवं इंटरनेट के जिम्मेदार उपयोग के विषय में विद्यार्थियों को जागरूक किया।

डॉ गोपाल खराड़ी ने विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया, विषय चयन, छात्रवृत्ति योजनाओं, महाविद्यालय के नियमों एवं अन्य शैक्षणिक तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान भी किया।

दीक्षारंभ कार्यक्रम के अंतर्गत नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिसर का भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान उन्हें प्राणीशास्त्र, भौतिकी एवं रसायनशास्त्र प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कक्षाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन कराया गया। संबंधित विभागों के प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उपकरणों, संसाधनों एवं शैक्षणिक सुविधाओं से परिचित कराया, जिससे उन्हें महाविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था एवं अधोसंरचना की समुचित जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री रियाज़ मंसूरी द्वारा किया गया।

अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दी गईं। यह त्रिदिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं उपयोगी सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें आत्मविश्वास एवं उत्साह के साथ अपने महाविद्यालयीन जीवन की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।

=======

जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान

जन जागरण सहकारी सप्ताह के पांचवें दिवस पैक्स निपानियालीला परिसर में जिला सहकारी संघ एवं गणेश बीज उत्पादक सहकारी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में जैविक एवं प्राकृतिक खेती विषय पर सहकारी संगोष्ठी आयोजित की गई।

कार्यक्रम में गणेश बीज उत्पादक सहकारी संस्था के अध्यक्ष बनेसिंह चंद्रावत ने कहा कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता एवं स्वाद बेहतर रहता है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में कुछ चुनौतियां आईं, लेकिन बाद में लागत कम होने और उत्पादन बढ़ने से लाभ में वृद्धि हुई। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। एडवोकेट नगेंद्र सिंह डोडिया ने कहा कि शहर में नौकरी और व्यवसाय करने के बाद उन्होंने गांव लौटकर जैविक खेती को अपनाया। उन्होंने इसे युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर माध्यम बताया। आत्मा परियोजना के विकासखंड तकनीकी प्रबंधक प्रदीप पाटीदार ने किसानों को प्राकृतिक, जैविक एवं रासायनिक खेती के वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

संगोष्ठी को सहकारी प्रशिक्षण केंद्र इंदौर के पूर्व प्राचार्य निरंजन कुमार कसारा तथा जिला सहकारी संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिरुद्ध शर्मा ने भी संबोधित किया और सहकारिता के महत्व एवं उसकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन जिला सहकारी संघ के जनसंपर्क अधिकारी पिंकेश भट्ट ने किया तथा आभार बीपेक्स सोसायटी के प्रबंधक रमेश चंद्र प्रजापत ने व्यक्त किया। संगोष्ठी में सहकारी समितियों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर संस्था परिसर में पौधारोपण भी किया गया।

=====

संभावित अल्प वर्षा से निपटने के लिए सभी विभाग करें समन्वित तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कम पानी और कम अवधि वाली फसलें अपनाने के लिए किसानों को करें प्रेरित

पूर्व चेतावनी के लिए बनाए जाएंगे राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभावित अल्प वर्षा की स्थिति से निपटने पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर दिये निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक खेती और समयबद्ध तैयारी के अवसर के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, जिससे प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में इस वर्ष प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति के मद्देनज़र किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य संबंधित विभागों की अब तक की पूर्व तैयारियों की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश का प्रत्येक किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी के साथ करे। समय पर सही निर्णय और विभागों के प्रभावी समन्वय से हम संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को जल्दबाजी में बुआई नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद ही बुआई की जाए तथा नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों के सुझावों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, जिससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संभावित अल्प वर्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है। सभी संबंधित विभाग पूर्व नियोजित कार्य योजना के अनुसार समन्वित रूप से कार्य करें और किसानों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और उनकी समृद्धि तथा कृषि उत्पादन को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।

अगले दो वर्षों की तैयारी

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हांकन एवं टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार कर अमृत 2.0 के अंतर्गत जल प्रदाय योजनाओं का समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की ग्रामवार समीक्षा, बंद/अपूर्ण नल-जल योजनाओं की मरम्मत का 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। “जलाभिषेक 2.0” अंतर्गत प्रदेश में पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं का सर्वे एवं जीर्णोद्धार, वीबीपी रामजी अभिसरण से प्रति विकासखंड न्यूनतम 100 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन 2 वर्षों में किया जायेगा।

भूजल पुनर्भरण अभियान के तहत सभी विकासखंडों में रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम एवं खेत-तालाब निर्माण का मिशन मोड कार्यक्रम; “खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में” सिद्धांत पर चलाया जाएगा। नहरों की सफाई मरम्मत रबी से पूर्व पूर्ण, टेल-एंड तक पानी पहुंचाने की जवाबदेही तय की जायेगी।

कम जल मांग वाली फसलों यथा दलहन, तिलहन, श्रीअन्न (मोटे अनाज) प्रोत्साहन एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन, ग्रीष्मकालीन धान/मूंग पर जल उपलब्धता आधारित सलाह, धान क्षेत्रों में सीधी बुवाई एवं वैकल्पिक गीला-सूखा पद्धति एवं प्रत्येक जिले के लिए कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जा रहा है।

जल विद्युत एवं जलाशय प्रबंधन के तहत सभी प्रमुख जलाशयों (इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, बाणसागर, गांधीसागर) के लिए रूल कर्व का कड़ाई से पालन; जल उपयोग की प्राथमिकता दी जाएगी। पहले पेयजल, फिर सिंचाई, फिर विद्युत उत्पादन का स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किया जा रहा है।रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे।जन-जागरूकता महाअभियान “जल गंगा संवर्धन” की तर्ज पर जनभागीदारी आधारित सतत् अभियान चलाए जाएंगे।प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट आकस्मिक योजना बनाई जाएगी।आरबीसी 6 (4) अंतर्गत क्षति सर्वे के लिये राजस्व, कृषि एवं पंचायत अमले का संयुक्त प्रशिक्षण अभी से पूर्ण; डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं सैटेलाइट इमेजरी आधारित क्षति आंकलन प्रणाली का सत्यापन कराया जायेगा, जिससे सर्वे 15 दिवस में पूरा हो सके।फसल बीमा का कवरेज विस्तार एवं दावा तत्परता से हो, इस संबंध में कार्यवाही की जाएगी।

आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए राज्य की तैयारियांराज्य स्तरीय मॉडल आकस्मिक कार्य योजना तैयार कराकर विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराई गई हैं।विभिन्न योजनाओं में फसल प्रदर्शनों, उन्नत फसल किस्मों के बीज वितरण के लक्ष्य जिलों को जारी किये गए हैं।

वर्षा जल संरक्षण के लिये बलराम तालाब अन्तर्गत जिलों को लक्ष्य जारी किये गए ।सोशल मीडिया का अधिकाधिक उपयोग कर कृषकों को जागरूक करना।मौसम के पूर्वानुमान, फसलों में मौसम अनुसार किये जाने वाले कार्यों तथा अन्य समसामयिक सलाह कृषकों को उनके मोबाइल संदेश भेजकर उपलब्ध कराई जा रही है।

सभी जिले के कलेक्टर्स को सिंचाई, जल भराव की स्थिति, जीवन रक्षक सिंचाई हेतु विद्युत की उपलब्धता, सूखे की निगरानी व्यवस्था के लिये समस्त विभागों से कार्यवाही की नियमित समीक्षा के लिये निर्देश दिये गए हैं।

26 से 30 जून की अवधि में आयोजित ग्राम सभाओं में आकस्मिक कार्य योजना की चर्चा की गई।बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मत्स्य पालन राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्री मनीष रस्तोगी, अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

========

सीईओ जिला पंचायत ने शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिलीप नगर एवं मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक जवाहर नगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं का अनमोल पोर्टल पर पंजीयन, उनकी स्वास्थ्य देखभाल एवं चार जांच, प्रसव की अनुमानित तिथि, दवाइयां की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर, साफ सफाई की व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, मरीजो को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं की स्थिति आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक जवाहर नगर में एक्सपायरी डेट की दवाइयां पाई गई, जिसके लिए उचित प्रकार से दवाइयो का संधारण करने एवं एक्सपायरी डेट की दवाइयो के विनष्टीकरण की नियम अनुसार कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया। गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल एनीमिया की जांच करने, नवजात शिशुओं की ग्रह भेंट आधारित स्वास्थ्य देखभाल करने, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत आवश्यक स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया। शहरी स्वास्थ्य केंद्र के अधीन मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्य निष्पादन की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की स्थिति लक्ष्य के अनुरूप नहीं पाई गई, ए एन एम तथा शहरी आशा कार्यकर्ताओं को पूरे क्षेत्र में भ्रमण कर सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीयन करके आवश्यक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया। कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों के निर्धारित कार्य एवं उन्हें सौंपे गए दायित्व के आधार पर निरीक्षण पंचनामा बनाया गया। निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती अर्चना राठौर, उप जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी श्रीमती सरला वर्मा, सब इंजीनियर कामिनी मालवीय, चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रभात रंजन, आशा कार्यकर्ता श्रीमती श्यामा खराड़ी, फार्मासिस्ट श्री रामेंद्र गुप्ता, नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती मनीषा डोडियार, चिकित्सा अधिकारी डॉ अभय ओहरी, नर्सिंग ऑफिसर तरुणा मालवीय, सपोर्टिंग स्टाफ मनीषा निनामा, डाटा एंट्री ऑपरेटर हर्षिता वाघेला एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

========

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाएगा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ किरण वाडीवा ने बताया कि 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सही समय पर गर्भावस्था तथा दो बच्चों के मध्य सही समय के अंतर को स्वैच्छिक साधनों के उपयोग से बढ़ावा देना है , जिससे मातृ स्वास्थ्य एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार किया जा सके। इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम ” मां और बच्चे की अच्छी सेहत के लिए गर्भधारण के लिए सही समय तथा गर्भावस्था के मध्य सही अंतर रखा जाना जरूरी है , अनचाहे गर्भधारण से बचे”निर्धारित की गई है। इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस अभियान का नारा “जब तक बच्चों में हो सही अंतर, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल “है। 11 जुलाई से 18 जुलाई के मध्य जिले की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन के साधनों की उपलब्धता तथा सेल्फ केयर किट में कंडोम प्रेगनेंसी किट व आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली की प्रदायगी के साथ परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएगी। अभियान के दौरान सास बहू सम्मेलन , परिवार विकास सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश मंडलोई ने बताया कि शादी के बाद बच्चों में देरी , बच्चों के जन्म में उचित अंतराल, प्रसव पश्चात तथा गर्भपात पश्चात परिवार नियोजन की सेवाएं, परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता , दीर्घकालिक गर्भनिरोधक साधन का उपयोग करके स्वस्थ परिवार बनाया जा सकता है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर संपर्क के दौरान शादी के बाद बच्चों के जन्म में 2 साल की देरी , पहले और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम 3 साल का अंतराल और दो बच्चों के बाद भी गर्भ निरोधक साधनों के उपयोग के संबंध में परामर्श प्रदान करेंगे।

========

ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस मनाया गया

उपस्वास्थ्य केन्द्र भामट ग्राम महुडीपाड़ा पर ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग की गई। गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था संबंधी जांच स्वास्थ्य देखभाल एवं परीक्षण किया गया तथा जीरो से 5 वर्ष आयु समूह के बच्चों का टीकाकरण किया गया। श्री मनीष जाटव द्वारा सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। सी एच ओ डॉ अनिता मालवीय , ए एन एम अलका सोलंकी , आशा पपीता भाभर , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थावरी भाभर आदि उपस्थित रहे ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}