मंदसौर जिले के सभी मदरसों की एक टीम बनाकर हो जांच – श्री चंदवानी

मंदसौर जिले के सभी मदरसों की एक टीम बनाकर हो जांच – श्री चंदवानी
मंदसौर। विगत दिनों मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के मंदसौर दौरे के दौरान जिले के बादाखेड़ी गांव स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। जिसमें पाया गया कि स्कूल की आड़ में अवैधानिक रूप से मदरसा संचालित किया जा रहा है। ऐसे ही अन्य स्कूलों की जांच की जायें तो कई चौकाने वाले खुलासे सामने आ सकते है।
उक्त बात कहते हुए शासकीय महाविद्यालय में जनभागीदारी के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता नरेश चंदवानी ने बताया कि मंदसौर नगर सहित जिले में ऐसे कई स्कूल संचालित हो रहे है जहां स्कूल की आड़ में मदरसे चल रहे है। जिनकी मदरसा बोर्ड से भी कोई मान्यता नहीं है। नगर एवं जिले के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में संचालित हो रहे स्कूलों की जांच एक टीम बनाकर हो तो कई चौकाने वाले खुलासे हो सकते है। श्री चंदवानी ने बताया कि मदरसे की आड़ में अवैधानिक गतिविधियां संचालित हो रही है। शासन द्वारा तय गाइडलाइन एवं पढ़ाई के कोर्स के अतिरिक्त धर्म विशेष की पढ़ाई पर जोर दिया जाता है। बच्चों की संख्या भी संदेह के घेरे में रहती है। बच्चों को पूर्ण रिकार्ड भी नहीं रखा जाता है। ऐसे कई नियमे विरूद्ध चीजें मिल सकती है अगर सभी ऐसे संदेहास्पद स्कूलों की जांच की जाये तो।
श्री चंदवानी ने बताया कि ऐसी संस्थाओं को करोड़ों रुपए का अनुदान शासन से मिलता है तथा वर्षों से यह अनुदान किन-किन लोगों के खातों में गई है किन-किन लोगों ने इसका लाभ लिया है इसकी संपूर्ण जांच की जाए तो मंदसौर जिला ही नहीं पूरे मध्य प्रदेश में अप्रत्याशित रूप से हुए करोड़ो रुपए के घोटाले पकड़ में आ सकते है। श्री चंदवानी ने जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि संदेहास्पद स्कूलों की जांच की जायें कि वहां कोई अवैधानिक गतिविधियां संचालित तो नहीं हो रही है इसके लिए डीपीसी और बीआरसी के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायें। वही जिला पुलिस अधीक्षक भी ऐसे संस्थानों की कानूनन जांच करें कि यहां पर कोई अनैतिक गतिविधियां तो नहीं चल रही।



