मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 28 मई 2026 गुरुवार

अब तक कुल 13.36 लाख किसानों से 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित

सीमांत एवं लघु कृषकों से हुआ 32.14 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी

मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 36 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में अव्वल है। अब तक 103 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इसमें से 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत एवं लघु कृषकों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूँ खरीदी की गई है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है।

मुख्यमंत्री कर रहे सतत मॉनिटरिंग

मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन निर्धारित लक्ष्य से अधिक गेहूँ का उपार्जन हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये हैं, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है।

किसानों को 22,842.9 करोड़ से अधिक का भुगतान

किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 22,842.9 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

किसानों की उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल काटें, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई।

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निकायों में जल/स्वच्छता एवं अन्य समस्याओं के समाधान के लिए हुआ संध्याकालीन शिविरों का आयोजन

32 शिकायतें प्राप्त, 15 शिकायतों का हुआ त्वरित निराकरण

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशों का पालन करते हुए एवं पीओ डूडा श्री अरुण पाठक के नेतृत्व में जिले की सभी 08 नगर पालिका/नगर परिषदों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सायं 06 बजे से संध्याकालीन वार्ड वार शिविरों का आयोजन प्रारंभ किया गया। जिसमें जल से संबंधित समस्याओं की कुल 21 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें से 08 शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया। सफाई से संबंधित 08 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें से 06 शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया तथा लाइट से संबंधित 03 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 01 शिकायत का त्वरित निराकरण किया गया। पीओ डूडा श्री अरुण पाठक द्वारा नगर परिषद धामनोद पहुंचकर शिविर का औचक निरीक्षण किया गया।

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जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही प्रदेश सरकार: मंत्री डॉ. शाह

विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कोचिंग और आधुनिक सुविधाओं से किया जा रहा सशक्त

प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनजातीय कार्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिये अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं। विभाग द्वारा हजारों स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जहां लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनजातीय समाज का हर बच्चा आधुनिक शिक्षा से जुड़े और अपने सपनों को पूरा कर सके। छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश में 17 हजार 794 प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 5 हजार 493 माध्यमिक विद्यालय, 1109 उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा 8 आदर्श आवासीय विद्यालय एवं 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश में 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर संचालित किए जा रहे हैं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावास एवं आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इनमें 92 हजार 547 बालक तथा 56 हजार 557 बालिकाएं शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1078 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्‍त कर रहे हैं। इनमें 568 बालक और 510 बालिकाएं शामिल हैं। जूनियर छात्रावासों में 9 हजार 981 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्‍त कर रहे है। सीनियर छात्रावासों में 68 हजार 670 तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8 हजार 710 विद्यार्थियों को सुविधा दी जा रही है।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा है कि छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपये की खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराई जाती हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 5 हजार रुपये तथा फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को 2 हजार रुपये तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये प्रतिवर्ष स्टेशनरी सुविधा प्रदान की जाती है। इसके अलावा उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति छात्रावास एवं आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये , इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये तथा संधारण एवं अनुरक्षण के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जाते हैं।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग व्यवस्था भी की गई है, जिसमें 5 विषय पढ़ाए जाते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये तथा बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

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असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलेगी 3000 रुपये मासिक पेंशन सुविधा

कलेक्टर ने पात्र कर्मचारियों के प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना मे पंजीयन के दिए निर्देश

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में सभी पात्र कर्मचारियों के प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन करवाने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवायएम) भारत सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु के ऐसे कर्मचारी पात्र होंगे जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम हो, जो आयकर दाता न हों तथा कर्मचारी भविष्य निधि, राज्य कर्मचारी बीमा या राष्ट्रीय पेंशन योजना के सदस्य न हों।

योजना के तहत हितग्राहियों को आयु के अनुसार 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान जमा करना होगा। हितग्राही द्वारा जमा की जाने वाली राशि के बराबर अंशदान केंद्र सरकार द्वारा भी जमा किया जाएगा। योजना में शामिल हितग्राहियों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 3000 रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाएगी। हितग्राही की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। जिले के सभी विभागों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों का प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन कराया जाएगा ताकि उन्हें भविष्य में वृद्धावस्था पेंशन का लाभ प्राप्त हो सके।

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स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध: मंत्री श्री काश्यप

मंत्री श्री काश्यप से युवा उद्यमी श्री रत्नेश ने की सौजन्य भेंट युवा उद्यमी द्वारा फ्रांस को 46 हजार आईस्ड टी प्रीमिक्स पैक्स किया का निर्यात

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप ने भोपाल के युवा स्टार्टअप उद्यमी एवं प्रमाणित टी टेस्टर श्री आरिन रत्नेश की अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स अब वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने और युवाओं को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

भोपाल स्थित स्टार्टअप कंपनी हरितिमा फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा फ्रांस को 46 हजार आईस्ड टी प्रीमिक्स पैक्स का सफल निर्यात किए जाने पर श्री आरिन रत्नेश ने मंत्री श्री काश्यप से उनके कार्यालय में सौजन्य भेंट की तथा उन्हें अपने उत्पादों की श्रृंखला भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव एमएसएमई श्री राघवेंद्र सिंह तथा उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।

मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्यमों के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऐसे अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपने नवाचारों को सफल व्यवसाय में परिवर्तित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि आरिन रत्नेश की उपलब्धि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह दर्शाती है कि मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स में वैश्विक प्रतिस्पर्धा की अपार क्षमता है।

मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स को निवेशकों से जोड़ने, विपणन अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर द्वारा श्री आरिन रत्नेश को वर्ष 2025 में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ 2025) में मध्यप्रदेश पवेलियन के माध्यम से अपने उत्पादों के प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध कराया गया था। इससे उनके उत्पादों को व्यापक पहचान मिली और अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक संभावनाओं को विस्तार मिला।

श्री आरिन रत्नेश ने राज्य शासन एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्राप्त सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी सहायता और उचित मंच मिलने से उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार नवाचार, उद्यमिता और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे युवा उद्यमियों की सफलता मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी स्टार्टअप राज्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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एनसीसी कैडेट्स को दिया गया आपदा प्रंबधन का प्रशिक्षण

21 म.प्र. बटालियन एनसीसी रतलाम द्वारा वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 20 मई से 02 जून तक शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सैलाना में आयोजित किया जा रहा है ।

शिविर में कमान अधिकारी कर्नल राघवेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में एव प्रशासनिक अधिकारी कर्नल संदीप अहलावत के निर्देशन में प्रतिदिन प्रातः सैन्य विषय के प्रशिक्षण अन्तर्गत शस्त्र प्रशिक्षण, फायरिंग, नेवीगेशन, टेन्ट पिंचिंग, कवायद, मेप रीडिंग इत्यादि विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसी के साथ-साथ ही प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के मोटिवेशनल एवं सुरक्षात्मक विषयो पर व्याख्यान कैडेटस को दिए जा रहे है।

शिविर में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल, रतलाम से आए श्री बर्द्री मंडलोई, प्लाटून कंमाडर द्वारा जनसुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के प्रति कैडेटस को जागरूक करने के लिए जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में श्री मंडलोई द्वारा भूकंप, बाढ़, आग लगने, आकाशीय बिजली एवं अन्य आपदाओं के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आपदा प्रंबधन की टीम द्वारा भूकंप आने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने, आग लगने पर प्राथमिक उपचार अपनाने, बाढ़ के समय सुरक्षित स्थानों पर पहुॅचने तथा प्राथमिक उपचार देने की विधियों का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान श्री मंडलोई द्वारा बताया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय संयम एवं सर्तकता से कार्य करना चाहिए। समय पर सही निर्णय एवं आवश्यक जानकारी से जन-माल की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक उपचार, सीपीआर, अग्निशमन यंत्रों के उपयोग एवं आपातकालीन हेल्पलाईन नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गई।

व्याख्यान माला की इसी कडी में श्री राजेश सुराणा, राज्य निदेशक, राष्ट्रीय अपराध जॉच ब्यूरो द्वारा साइबर अपराध पर जागरूकता व्याख्यान दिया। श्री सुराणा द्वारा बताया गया कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहै हैं। ऑनलाईन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधडी, सोशल मीडिया हैंकिग तथा बैंकिग फ्रॉड जैसी घटनाए आम है। उनके द्वारा इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए बताया गया कि बैंक खाते की जानकारी, एटीम पिन, ओटीपी तथा पासवर्ड किसी अनजान से साझा नही करें। सोशल मिडिया पर अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना एवं केवल सुरक्षित और विश्वसनीय वेबसाईटों का ही उपयोग करना चाहिए। मोबाईल एवं कंप्यूटर में मजबूत पासवर्ड तथा टू स्टेप वेरिफिकेशन का उपयोग करना चाहिए। श्री सुराणा द्वारा बताया गया कि साइबर अपराधी लोगों को लालच, ड़र अथवा झूठे प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाते है। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल पर तुरंत विश्वास नही करना चाहिए। और यदि आपके साथ काई साइबर धोखाधडी हो जाती है तो तुरंत 1930 पर शिकायत करना चाहिए।

इस दौरान लेफ्टिनेंट विजेन्द्र सोंलंकी, सी/ओ सुरेन्द्र सिंह चौहान, सी/ओ डॉ विजयसिंह पुरावत, एफ/ओ माया मेहता, एफ/ओ धर्मपाल मीणा, एस/ओ कौशल सिंह, राकेश हरोड, चंद्रप्रकाश सोलंकी, सआदत खान सहित पीआई स्टॉफ तथा कार्यालयीन स्टॉफ उपस्थित थे ।

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