मल्हारगढ़ में मौत बन चुके घिसे स्पीड ब्रेकर, दो दिनों में भीषण हादसे, प्रशासन कब जागेगा?
मल्हारगढ़ में मौत बन चुके घिसे स्पीड ब्रेकर, दो दिनों में भीषण हादसे, प्रशासन कब जागेगा?
मल्हारगढ़। नगर के बस स्टैंड और मुख्य मार्गों पर बने स्पीड ब्रेकर अब केवल नाम मात्र के रह गए हैं। पूरी तरह घिस चुके ब्रेकरों और तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक आंखें मूंदे बैठा है। बीते दो दिनों में हुए भीषण हादसों ने नगरवासियों में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
मंगलवार रात करीब 10:40 बजे मल्हारगढ़ बस स्टैंड क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार नीमच की ओर जा रही एक वेन्यू कार ने अन्यदेव निवासी हेमराज प्रजापति की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हेमराज जी और उनकी बाइक करीब 25 से 30 मीटर दूर जा गिरे। हादसे के बाद बस स्टैंड क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों को लगा कि बाइक सवार का बचना मुश्किल है, लेकिन सौभाग्य से हेमराज जी की जान बच गई। हादसे में उनके गाल पर गंभीर चोटें आई हैं, वहीं हाथ-पैरों में भी गंभीर चोट लगने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत मानवता का परिचय देते हुए घायल को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
इसके अगले ही दिन रात करीब 9 बजे फिर एक तेज रफ्तार फोर व्हीलर वाहन ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और घायल कई फीट दूर जा गिरा। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वाहन की गति नियंत्रित होती तो हादसे टल सकते थे।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बस स्टैंड और मुख्य मार्गों पर बने स्पीड ब्रेकर पूरी तरह घिस चुके हैं। कई जगह तो ब्रेकर दिखाई तक नहीं देते, वहीं स्पीड ब्रेकर से पहले चेतावनी संकेत और छोटे ब्रेकर भी नहीं बनाए गए हैं। इसी कारण वाहन चालक तेज रफ्तार से निकलते हैं और आए दिन हादसे हो रहे हैं।
नगरवासियों ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद से तत्काल नए स्पीड ब्रेकर बनाने, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा बस स्टैंड क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि अब भी प्रशासन नहीं जागा तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अब सवाल यही उठ रहा है कि आखिर प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार क्यों कर रहा है?
—
दीपक प्रजापति, मल्हारगढ़



