जल आवर्धन योजना 8 साल बाद भी अधूरी, ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड, 8 हजार आबादी अनफिल्टर्ड पानी पीने को मजबूर

लेट लतीफी,,,,2018 में शुरू हुई रूपानिया डेम योजना 8 साल में भी पुरी नहीं हुई
विधायक बोले: जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो विधानसभा में उठाएंगे मामला
राजकुमार जैन| नगरी
नगर परिषद क्षेत्र में मीठा व फिल्टर पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई 7 करोड़ 14 लाख रुपए की मुख्यमंत्री जल आवर्धन योजना 8 साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। 2018 में शुरू हुई योजना के तहत रतलाम जिले के रूपानिया डेम से करीब 9 किमी दूर से पानी लाकर नगरवासियों को 24 घंटे शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का दावा किया था।
योजना 4 साल में पूरी होना थी लेकिन ठेकेदार की सुस्ती व प्रशासनिक उदासीनता के चलते काम अब तक अधूरा है। इसका खामियाजा नगर परिषद क्षेत्र की करीब 8 हजार आबादी भुगत रही है। यह आज भी खारा और बिना बन फिल्टर पानी पीने को मजबूर है।
नगर परिषद क्षेत्र के करीब 1157 नल उपभोक्ताओं को एक या दो दिन छोड़कर ट्यूबवेल व कुएं का मिक्स पानी सप्लाई किया जा रहा है। नप के पास पानी फिल्टर करने की व्यवस्था तक नहीं है जिससे नागरिक अशुद्ध पानी पीने को मजबूर हैं। लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। योजना की धीमी रफ्तार को लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें की गईं लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। नप अध्यक्ष प्रतिनिधि घनश्याम बग्गड़ ने बताया कि ठेकेदार की लापरवाही की जानकारी वरिष्ठ प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर दी थी। इसके बाद ठेकेदार को कार्य से हटा दिया है। शेष काम के लिए री-टेंडर प्रक्रिया कर जल्द योजना पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस बेरोजगार प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सुरेश टेलर ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में 80 रुपए मासिक जलकर लेने के बावजूद लोगों को मीठा पानी नहीं मिल रहा। 7 करोड़ की जल आवर्धन योजना 8 साल बाद भी अधूरी है।
फिल्टर प्लांट एवं संपवेल निर्माण सहित अन्य कार्य महीनों से बंद हैं।
योजना का 70% काम पूरा, आगे कार्य किस एजेंसी से करवाने के दिशा-निर्देश का इंतजार
नगरी में जल आवर्धन योजना का काम वर्ष 2018 में मेसर्स इंजीनियरिंग प्रा. लि. सूरत को दिया था। ठेकेदार ने कई बार समय सीमा बढ़वाई लेकिन इसके बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। योजना का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। काम में लगातार देरी और अधूरा कार्य रहने के कारण संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर हटा दिया गया है। अब शेष कार्य कब व किस एजेंसी के माध्यम से पूरा कराया जाएगा, इस संबंध में वरिष्ठ स्तर से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अतुल डामोर, इंजीनियर, नगर परिषद
आज तक लाभ नहीं मिल पाया
नगरी नगर परिषद क्षेत्र की जल आवर्धन योजना चार साल पहले पूरी हो जानी थी, लेकिन अनियमितताओं के कारण आज तक लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। हाल ही में नगरी के जनप्रतिनिधियों व नागरिकों से मुलाकात कर योजना की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की थी। जल आवर्धन योजना से जुड़े विभागीय अधिकारियों से चर्चा करेंगे। यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो मामला विधानसभा में उठाया जाएगा, ताकि नगरीवासियों को शुद्ध और मीठे पेयजल की सुविधा मिल सके।
– विपिन जैन,
क्षेत्रीय विधायक मंदसौर
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