बृहस्पति का कर्क राशि मे गोचर,जाने बारह राशियों का राशिफल

बृहस्पति का कर्क राशि मे गोचर,जाने बारह राशियों का राशिफल
ज्योतिषाचार्य पंडित यशवंत जोशी
7024667840,8085381720
जय दुर्गा ज्योतिष सेवा संस्थान एवं अनुष्ठान केंद्र मंदसौर
आगामी 2 जून 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में अतिचारी (अत्यधिक तीव्र गति) होकर गोचर करेंगे। 5 महीनों का यह गोचर देश-दुनिया में स्वर्ण और पिली वस्तुओ के दामों में उछाल और बड़े प्रशासनिक बदलाव लाएगा। आइए जानते हैं, इस तीव्र चाल का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा-
मेष राशि-
चौथे भाव में गुरु का अतिचार भूमि, भवन और वाहन सुख में तेजी लाएगा। अटके हुए पैतृक मामले अचानक सुलझेंगे। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, परंतु स्वयं को सीने या हृदय जनित विकारों के प्रति सावधान रखना होगा। कार्यस्थल पर आपके त्वरित निर्णय करियर को नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करेंगे।
वृषभ राशि-
तृतीय भाव में गुरु का गोचर आपके पराक्रम और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त वृद्धि करेगा। छोटे भाई-बहनों से कोई शुभ समाचार शीघ्र प्राप्त होगा। व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होंगी। भाग्य का पूरा साथ मिलने से सोचे हुए कार्य बिना विघ्न के समय से पहले पूरे होंगे।
मिथुन राशि-
द्वितीय (धन) भाव में गुरु की अतिचारी चाल आकस्मिक धन लाभ के प्रबल योग बना रही है। फंसा हुआ पैसा अप्रत्याशित रूप से वापस मिलेगा, जिससे वित्तीय स्थिति सुधरेगी। वाणी के प्रभाव से प्रशासनिक व पारिवारिक कार्य शीघ्र पूरे होंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी।
कर्क राशि-
आपकी ही राशि के लग्न भाव में गुरु उच्च के होकर अतिचारी हो रहे हैं, जिससे मानसिक भ्रम और तनाव से तत्काल मुक्ति मिलेगी। अध्यात्म और गूढ़ ज्ञान की ओर झुकाव तेजी से बढ़ेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के रिश्ते अत्यंत तीव्र गति से आएंगे। मान-सम्मान और सामाजिक साख में भारी वृद्धि होगी।
सिंह राशि-
बारहवें भाव में गुरु का गोचर धार्मिक यात्राओं और मांगलिक कार्यों पर खर्च बढ़ाएगा। हालांकि, विदेश यात्रा या दूर के स्थानों से जुड़े व्यापार में बहुत जल्दी बड़ा लाभ देखने को मिलेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलेगी। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, विशेषकर खान-पान पर नियंत्रण रखें।
कन्या राशि–
एकादश (लाभ) भाव में गुरु का अतिचार आपकी आय के स्रोतों में अचानक बड़ी वृद्धि करेगा। बड़े भाई-बहनों और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग उम्मीद से कहीं ज्यादा प्राप्त होगा। लंबे समय से रुकी हुई व्यावसायिक डील इन 5 महीनों में पूरी हो सकती है। संतान की ओर से भी सुखद समाचार मिलेंगे।
तुला राशि-
दशम (कर्म) भाव में गुरु की स्थिति करियर और व्यापार में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या मनचाहा स्थानांतरण बहुत तेजी से मिल सकता है। पैतृक व्यापार से जुड़े लोगों को बड़ा आर्थिक मुनाफा होगा। पिता से संबंध सुधरेंगे और उनका पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
वृश्चिक राशि
भाग्य भाव (नवम) में गुरु का गोचर आपके सोए हुए भाग्य को त्वरित गति से जगाएगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगिता परीक्षाओं से जुड़े शिक्षार्थियों को बड़ी सफलता मिलेगी। लंबी दूरी की तीर्थ यात्रा के प्रबल योग बनेंगे। सामाजिक रूप से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आर्थिक रुकावटें स्वतः दूर होंगी।
धनु राशि
अष्टम भाव में गुरु का अतिचार शोध, गुप्त विद्याओं और ज्योतिष के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा। वसीयत या गुप्त धन की प्राप्ति के योग बनेंगे। हालांकि, उदर और लीवर से संबंधित विकार अचानक उभर सकते हैं। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा।
मकर राशि
सप्तम भाव में गुरु का गोचर दांपत्य जीवन की कड़वाहट और दूरियों को तुरंत समाप्त कर मधुरता लाएगा। साझेदारी के व्यापार में बड़ा निवेश करने और मुनाफा कमाने के उत्तम अवसर मिलेंगे। नए व्यापारिक अनुबंध बहुत तेजी से आकार लेंगे। अविवाहितों के विवाह के मार्ग प्रशस्त होंगे।
कुंभ राशि-
छठे भाव में गुरु का गोचर शत्रुओं, अदालती मामलों और विरोधियों को स्वतः शांत कर देगा। पुराने कर्ज या लोन से मुक्ति के मार्ग तेजी से प्रशस्त होंगे। नौकरी में सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है; बढ़ते वजन और मौसमी बीमारियों से बचें।
मीन राशि-
पंचम भाव में गुरु का अतिचार विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। एकाग्रता बढ़ने से प्रतियोगी परीक्षाओं में त्वरित सफलता मिलेगी। संतान पक्ष की उन्नति देखकर मन प्रसन्न रहेगा और उनकी ओर से सुखद समाचार मिलेगा। प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे और आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे।



