डिजिटल घोटाले की आशंका: पंचायत दर्पण पर खाली बिल, सरपंच-सचिव ने निकाले लाखों

श्रीहरि ट्रेडर्स और यश सिंह परिहार के नाम पर बिना काम के भुगतान, GST नंबर भी सिर्फ दिखावे के लिए
✍🏻 विकास तिवारी
गुढ़। रायपुर कर्चुलियान जनपद पंचायत के तहत ग्राम पंचायत चौडियार में पंचायत दर्पण ऐप को ढाल बनाकर लाखों रुपये के फर्जी भुगतान का मामला सामने आया है। जांच में दो फर्मों *श्रीहरि ट्रेडर्स* और *यश सिंह परिहार* के नाम पर अपलोड किए गए बिल पूरी तरह खाली पाए गए, फिर भी उन्हीं बिलों पर सरकारी खजाने से भुगतान निकाल लिया गया।
खाली बिल, पूरा भुगतान
पंचायत दर्पण ऐप पर अपलोड बिलों में GSTIN दर्ज है, लेकिन विवरण, मात्रा, दर और राशि का कॉलम खाली है। इसके बावजूद सरपंच-सचिव ने भुगतान प्रक्रिया पूरी कर दी। श्रीहरि ट्रेडर्स का GSTIN 23GSYPP3016H1ZD और यश सिंह परिहार का GSTIN 23CIQPSZ179L1Z1 है, लेकिन बिलों में न तारीख है, न सामान का ब्यौरा।
पंचायत दर्पण पर दिखावा, गांव में हकीकत अलग
ऐप में दर्ज कार्यों को क्रॉस-चेक करने के लिए गांव में जमीनी मुआयना किया गया। हकीकत में न तो काम पूरे मिले, न ही भुगतान के अनुपात में गुणवत्ता दिखी। आधे से ज्यादा काम कागजों तक सीमित हैं, जो हुए हैं वो भी घटिया स्तर के हैं।
सरकार को दोहरा नुकसान
1. *GST चोरी*: खाली बिलों पर भुगतान से शासन को जीएसटी राजस्व का नुकसान।
2. *खनिज रायल्टी चोरी*: रेत, मुरुम, गिट्टी की खरीदी के नाम पर फर्जी फर्मों से रायल्टी की चोरी।
ऐसे चल रहा है डिजिटल घोटाला
सिर्फ कागज और बिल बुक में बनी फर्मों के नाम पर बिल लगाए जाते हैं। सरपंच, सचिव और जिम्मेदार अधिकारी मिलकर बिना सत्यापन के भुगतान कर देते हैं। पंचायत दर्पण ऐप को पारदर्शिता का जरिया बनना था, लेकिन यहां वो घोटाले को छिपाने का माध्यम बन गया है।
स्थानीय लोगों ने मांगी जांच
ग्राम के लोगों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है, और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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नोट:-यह रिपोर्ट पंचायत दर्पण ऐप में अपलोड दस्तावेजों, उपलब्ध बिलों और गांव में किए गए जमीनी सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित पक्ष अपना पक्ष रखने के लिए संपर्क कर सकते हैं।



