नरसिंहपुरमध्यप्रदेश

एसडीएम पूजा सोनी (IAS) का स्टेनो 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप

एसडीएम पूजा सोनी (IAS) का स्टेनो 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप

नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो (बाबू) सौरभ यादव को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर की टीम ने 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 14 मई 2026 को की गई, जिसमें 13 सदस्यीय EOW टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा।इस कार्रवाई में आधिकारिक तौर पर स्टेनो ही ट्रैप हुआ है, लेकिन शिकायतकर्ता संजय राय ने मीडिया कैमरों के सामने वर्तमान एसडीएम पूजा सोनी (IAS)पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि रिश्वत की यह मांग उन्हीं के निर्देश पर की जा रही थी। आवेदक संजय राय ने अपनी कॉलोनी के निर्माण के नक्शे और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) से संबंधित फाइल की स्थल निरीक्षण रिपोर्ट आगे बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। इस कार्य के एवज में स्टेनो सौरभ यादव द्वारा 30 हजार रुपए की घूस मांगी गई थी।घटना के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता संजय पिता अशोक राय 32 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक-7, तेंदूखेड़ा ने ईओडब्ल्यू जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कॉलोनी निर्माण के नक्शे के प्रस्ताव पर स्थल निरीक्षण रिपोर्ट लगाने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था।

आरोप है कि एसडीएम कार्यालय द्वारा बिना किसी ठोस कारण के फाइल को लटकाया जा रहा था। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में संपर्क किया, तो स्टेनो सौरभ यादव ने कार्य पूरा करने के बदले 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।

ईओडब्ल्यू की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद आज दिनांक 14 मई को टीम ने जाल बिछाया और स्टेनो को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा।

आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

शिकायतकर्ता संजय राय ने मामले में एक नया मोड़ लाते हुए एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि स्टेनो सौरभ यादव केवल एक माध्यम था, और रिश्वत की असल मांग एसडीएम मैडम के निर्देश पर की गई थी।

संजय राय ने आरोप लगाया कि स्टेनो ने उन्हें बताया था कि 30 हजार रुपये की रिश्वत के अलावा, उन्हें एसडीएम कार्यालय के रेनोवेशन (नवीनीकरण) और कलर-पेंट आदि के खर्चों के लिए भी दबाव डाला जा रहा था।

पीड़ित का आरोप है कि वे भीषण गर्मी में बार-बार एसडीएम मैडम के पास आकर अपने काम के लिए निवेदन कर रहे थे, लेकिन मैडम द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था।

ईओडब्ल्यू की इस कार्रवाई और शिकायतकर्ता द्वारा एसडीएम पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

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