
विक्रमगढ़ में एक युवक की अपहरण के बाद की गई नृशंस हत्या ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया

किशनगढ़ तालठा शंभू सिंह तंवर
रविवार को सुबह मनीष कश्यप उज्जैन से आलोट पहुंचा गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का शव बीच सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हत्यारों का सार्वजनिक जुलूस निकाला जाए और उनके अवैध मकानों को तत्काल जमींदोज किया जाए। बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करते हुए आरोपियों के मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। दोपहर 2:00 बजे बाद ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए इस बीच लोगों ने आरोपियों के मकान में भी तोड़फोड़ की।
घटनाक्रम के अनुसार, शुक्रवार रात को आलोट से एक युवक का अपहरण किया गया था। आरोपी उसे उज्जैन जिले की सीमा में ले गए, जहां उसकी हत्या कर शव को एक घर में छिपा दिया गया। जैसे ही हत्या की खबर फैली, शनिवार शाम से ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को थाने के घेराव के बाद, रविवार सुबह परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एसडीओपी पल्लवी गौर ने बताया कि न्यायालय ने सभी पांचों आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि घटना वाले दिन आरोपियों ने नशे की हालत में मनीष का अपहरण किया और उज्जैन ले जाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। एसडीओपी ने कहा कि पीड़ित की मांग आरोपी के जुलूस निकाने की है लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता मामले मे नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।



