मंदसौरमध्यप्रदेश

जल गंगा संवर्धन अभियान से संवरी थडोद की ऐतिहासिक प्राचीन हजरत गालिब की बावड़ी

जल संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम, गांव को मिला स्थायी जल स्रोत

मंदसौर। उपेक्षा और जर्जर हालत का सामना कर रही ग्राम थडोद की अति प्राचीन हजरत गालिब की बावड़ी आज पुनः अपनी पुरानी गरिमा और उपयोगिता के साथ जीवंत हो उठी है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत हुए इस सराहनीय कार्य ने न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर को नया जीवन दिया, बल्कि गांव के जल संरक्षण प्रयासों को भी नई दिशा प्रदान की है।

उपेक्षा से उपयोगिता तक का सफर- ग्राम थडोद, जनपद पंचायत मल्हारगढ़ अंतर्गत स्थित यह प्राचीन बावड़ी वर्षों से गंदगी, मलबे और अव्यवस्था के कारण अपनी पहचान खोती जा रही थी। जल स्रोत होते हुए भी इसका उपयोग लगभग बंद हो चुका था। लेकिन जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इसे पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया।

जनभागीदारी बनी सफलता की कुंजी- इस कार्य में प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर अनुकरणीय सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत किया। सीईओ श्रीमती सृष्टि भदौरिया, ग्राम पंचायत सरपंच श्री जगदीश चंद्रावत, सचिव एवं ग्रामवासियों ने श्रमदान और समर्पण से बावड़ी एवं कूप की व्यापक साफ- सफाई और जीर्णोद्धार किया।ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ मलबा हटाया, जल स्रोत को साफ किया और आसपास के क्षेत्र को भी व्यवस्थित किया, जिससे यह स्थान अब स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोगी बन गया है।

जल संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम- जल गंगा संवर्धन अभियान (19 मार्च से 30 जून 2026) के अंतर्गत जिले में खेत तालाब, कूप रिचार्ज, चेक डैम, स्टॉप डैम, पुराने जल स्रोतों का जीर्णोद्धार एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं।थडोद की बावड़ी का पुनरुद्धार इस अभियान की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है, जो यह दर्शाता है कि यदि सामूहिक प्रयास हो, तो जल संकट जैसी बड़ी चुनौती से भी प्रभावी तरीके से निपटा जा सकता है।

गांव को मिला स्थायी जल स्रोत- इस प्रयास से न केवल भू-जल स्तर में सुधार की संभावना बढ़ी है, बल्कि ग्रामीणों को एक स्थायी और स्वच्छ जल स्रोत भी उपलब्ध हुआ है। आने वाले समय में यह बावड़ी गांव की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।ग्राम थडोद की यह पहल अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है। यह साबित करता है कि जब प्रशासन और आमजन मिलकर कार्य करते हैं, तो विकास की नई मिसालें स्थापित होती हैं।

========

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}