समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 06 अप्रैल 2026 सोमवार

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भगवान पशुपतिनाथ लोक बना आस्था, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का अद्भुत संगम
मंदसौर 5 अप्रैल 2026/ जिले के प्रमुख आस्था केंद्र भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में विकसित भगवान पशुपतिनाथ लोक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 29 जनवरी 2026 को इसका लोकार्पण किया गया था। प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह भव्य लोक अब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
भव्यता और आध्यात्मिकता का संगम
पशुपतिनाथ लोक ने मंदिर परिसर की सुंदरता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पहले से ही आस्था का केंद्र रहे इस परिसर को अब आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक संरचनाओं के साथ विकसित किया गया है। पास ही बहने वाली शिवना नदी की जलधारा इस स्थल की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगाती है।
त्रिनेत्र रुद्राकनी बना आकर्षण का केंद्र
लोक में स्थापित 22 फीट ऊंचा त्रिनेत्र रुद्राकनी श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। इसके मध्य में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दिव्य आभास कराता है, जो दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
चार भव्य प्रवेश द्वार
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लोक में चार विशाल एवं व्यवस्थित प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिससे विभिन्न दिशाओं से आने वाले भक्तों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है।
सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए ओपन एयर थियेटर
यहां निर्मित ओपन एयर थिएटर सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन का प्रमुख स्थल बन चुका है। यहां समय-समय पर रंगमंचीय प्रस्तुतियां एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।
सुविधाओं का विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में कई आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं—
भीड़ के समय आराम हेतु प्रतीक्षालय, आपात स्थिति के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष, स्वच्छ एवं व्यवस्थित पाथवे, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, हरित वातावरण के लिए उद्यान क्षेत्र।
कला और संस्कृति की झलक
मंदिर परिसर में बनाई गई म्यूरल वॉल्स पर भगवान शिव की लीलाओं की अद्भुत नक्काशी की गई है। साथ ही पशुपतिनाथ महादेव के इतिहास पर आधारित सुंदर पेंटिंग्स भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। शिव स्तंभ एवं सत्संग भवन इस लोक को और भी आध्यात्मिक आयाम प्रदान करते हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था
पशुपतिनाथ लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। यह स्थल अब न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
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एचपीवी वैक्सीनेशन जागरूकता रथ गांव-गांव पहुंचकर फैला रहा जागरूकता का संदेश
मंदसौर 5 अप्रैल 2026/ जिले के मल्हारगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कनघटी, नारायणगढ़ एवं पिपलिया मंडी सहित विभिन्न ग्रामों में एचपीवी वैक्सीनेशन जागरूकता रथ के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य 14-15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूक करना है।
जागरूकता रथ गांव-गांव पहुंचकर आमजन एवं अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में जानकारी दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी श्री जगदीश खींची द्वारा लोगों को समझाइश दी जा रही है कि यह वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित है और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम है।
अभियान के तहत अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे अपनी 14-15 वर्ष की बालिकाओं का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं तथा किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों एवं स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध है।
श्री खींची ने जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, समाजसेवियों, शिक्षकों एवं धर्मगुरुओं से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक बालिकाओं को इस जीवनरक्षक टीकाकरण का लाभ मिल सके।
इस अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिक, डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी, नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम, ड्रेसर, फार्मासिस्ट एवं लैब टेक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। फोटो संलग्न
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उर्वरक वितरण में गड़बड़ी करने पर प्रशासन सख्त
एम.पी.एग्रो, सहकारी समितियों सहित तीन निजी फर्मो को जारी नोटस
मंदसौर 5 अप्रैल 26/ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग उपसंचालक श्री रविंद्र मोदी द्वारा बताया गया कि जिले में रासायनिक उर्वरको के वितरण में नियमो की अनदेखी सामने आने पर जिला प्रशासन मंदसौर ने सख्त रुख अपनाते हुए एमपी एग्रो, सहकारी समितियों सहित तीन निजी उर्वरक विक्रेताओ को कारण बताओ नोटिस जारी किये है। वर्तमान में 1 अप्रैल 2026 से रासायनिक उर्वरको का वितरण अनिवार्य रूप से ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किये जाने के स्पष्ट निर्देश जारी किये गये थे। इसके बावजूद कुछ संस्थाओ द्वारा उर्वरक वितरण POS मशीन (आई.एफ.एम.एस. पोर्टल) के माध्यम से किया गया। जारी नोटिस के अनुसार एमपी एग्रो मंदसौर ने 1 में.टन यूरिया, सहकारी समिति खजुरी नाग वि.ख. सीतामऊ एस.एस.पी 18 में.टन, यूरिया 18 में.टन, सहकारी समिति सान्तलखेडी वि.ख. सीतामऊ द्वारा 1 में.टन डीएपी, एस.एस.पी 3 में. टन उर्वरको का वितरण ई-विकास प्रणाली की बजाए आई.एफ.एम.एस.पोर्टल के माध्यम से किया गया।
इसी प्रकार निजी क्षेत्र की फर्मों में अंकुर खाद भंडार झारडा वि.ख. मल्हारगढ़ ने 2 में. टन यूरिया, किसान कृषि बाजार डीगाँवमाली 1 में. टन यूरिया एवं श्री राम एग्रो एजेंसी मंदसौर ने 1 में.टन यूरिया का वितरण भी निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत पाया गया। यह कृत्य उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के नियमो का स्पष्ट उलंघन है। शासन द्वारा पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के उदेश्य से ई-विकास प्रणाली को अनिवार्य किया गया है, जिसकी अवहेलना गंभीर मानी गई है।
इस मामले में उक्त उर्वरक विक्रेताओ को तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्त करने की कार्यवाही की जावेगी।
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सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायल व्यक्ति के गोल्डन ऑवर मे त्वरित उपचार हेतु राहवीर योजना
मंदसौर 5 अप्रैल 26 / स्वास्थ्य विभाग मीडिया प्रभारी द्वारा बताया गया कि, सड़क दुर्घटना में पीड़ित घायल व्यक्ति के सही समय पर अस्पताल न पहुंचने के कारण घायल व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने मे आम नागरिकों को यह भय रहता है कि वे भी पुलिस कार्यवाही के भागी बन जायेंगे अर्थात घायल को अस्पताल पहुंचाने की मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस द्वारा पुछताछ की जायेंगी, जिस कारण आम नागरिक चाहते हुवे भी पुलिस कार्यवाही के भय से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में ले जाने से कतराते है किन्तु ऐसा नही है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25,000/- रू. एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान करने का प्रावधान है।
शासन द्वारा सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार कराने के उद्देश्य से गुड सेमेरिटन योजना लागू की गई है ताकि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से पीड़ित को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन स्वरूप राशि प्रदान की जा सकें। इस योजनांतर्गत सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को राहवीर की परिभाषा मे शामिल किया गया है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25,000/-रू. एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना से सड़क दुर्घटना मे गम्भीर घायल व्यक्ति का त्वरित उपचार संभव हो सकेगा वही प्रोत्साहन राशि 25,000/-रू. के कारण नवयुवा एवं आम आदमी पीड़ित की मदद के लिये तत्पर रहेंगे, जिससे सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति की जान भी बचेगी, सड़क दुर्घटना मे होने वाली मृत्युदर में कमी परिलक्षित हो सकेंगी।
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