मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 28 मार्च 2026 शनिवार

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जल गंगा संवर्धन अभियान में नाला सफाई एवं वाटर कूलर का हुआ शुभारंभ

मंदसौर 27 मार्च 2026/ जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर परिषद नारायणगढ़ एवं मल्हारगढ़ द्वारा स्वच्छता एवं जल संरक्षण को लेकर विभिन्न गतिविधियां संचालित की गईं।

नगर परिषद नारायणगढ़ द्वारा अभियान के तहत वार्ड, बस्ती, मोहल्लों सहित मुंदेडी रोड एवं मल्हारगढ़ रोड पर नालों की साफ-सफाई का कार्य कराया गया। इस दौरान जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने एवं स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी क्रम में नगर परिषद मल्हारगढ़ के वार्ड क्रमांक 11 गांधी चौक पर जन सहयोग से स्थापित वाटर कूलर का विधिवत शुभारंभ किया गया। साथ ही आसपास क्षेत्र में साफ-सफाई भी कराई गई।

अभियान के माध्यम से नागरिकों को जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया तथा जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया गया।

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जिला मुख्यालय मंदसौर पर भूकंप आपदा प्रबंधन कार्यशाला का हुआ आयोजन

मंदसौर 27 मार्च 26/ भूकंप पूर्व तैयारी एवं बचाव, सावधानी क्षमतावर्धन कार्यक्रम, के अन्तर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं आपदा प्रबंधन संस्थान, भोपाल से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में मंदसौर डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड एवं एसडीईआरफ वीरेंद्र सिंह जादौन के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट विद्यालय मंदसौर के खेल परिसर में “भूकंप आपदा जोखिम प्रबंधन, खोज एवं बचाव” विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, इस कार्यशाला में भूकंप क्या होता है, कैसे होता है, इसके कारण क्या होते है, इससे होने वाली क्षति से कैसे बचा जा सकता है, क्या क्या सावधानी आम व्यक्ति को रखना चाहिए, इसके बारे में आपदा प्रबंधन मुख्य प्रशिक्षक एवं सिविल डिफेंस डिप्टी चीफ वार्डन, डॉ हिमांशु यजुर्वेदी द्वारा जानकारी प्रदाय की गई, प्लाटून कमांडर संदीप भंवर एवं रब्बी काजी के माध्यम से एसडीईआरएफ/होमगार्ड टीम के द्वारा बचाव उपकरणों की मदद से भूकंप के दौरान खोज एवं बचाव सहित सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान सभी खिलाड़ियों के साथ सिविल डिफेंस टीम के माध्यम से एक बचाव मॉकड्रिल का भी अभ्यास किया गया, जिसमें खुले मैदान में किस तरह खुद को भूकंप आने की स्थिति में सुरक्षित रखा जाता है, यह सिखाया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट स्कूल प्राचार्य श्री रविंद्र दवे, जिला सिविल डिफेंस ब्लॉक वार्डन शक्ति सिंह शक्तावत, ईश्वरलाल बंजारा, खेल प्रशिक्षक रवि कोपरगांवकर, अंकुर त्रिपाठी एवं प्रशिक्षु खिलाड़ी उपस्थित रहे।

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हनुमंतिया में जल मंदिर (प्याऊ) का उद्घाटन हुआ, जल संवर्धन पर बैठक सम्पन्न

मंदसौर। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मल्हारगढ़ ब्लॉक के सेक्टर 4 के ग्राम हनुमंतिया में जल मंदिर (प्याऊ) का उद्घाटन किया गया। समिति ने जल संवर्धन के महत्व पर चर्चा के लिए एक विशेष बैठक भी आयोजित की। इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रस्फुटन समिति और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की। मुख्य प्रतिभागीः प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष सीताराम दहना, सचिव लाल सिंह, सदस्य कन्हैया लाल, और संस्था सचिव राधिका तिवारी मौजुद रहे। संस्था का उद्देश्यः “जल शक्ति से नव भक्ति“ कार्यक्रम के अंतर्गत जल संरचनाओं का संरक्षण और भीषण गर्मी में आमजन के लिए शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करना है। विशेष गतिविधिः इस अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान (19 मार्च -30 जून 2026) के अंतर्गत जल के संरक्षण और आगामी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। यह पहल मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमति तृप्ती बैरागी के मार्गदर्शन के अनुसार ’जल शक्ति से नव भक्ति’ गतिविधि का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है।

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संजय गांधी उद्यान में 1 से 5 अप्रैल तक लगेगा भव्य पुस्तक मेला”

पुस्तकों पर 15% छूट, कॉपियों पर 30% और गणवेश पर 10% रियायत मिलेगी

मंदसौर 27 मार्च 2026/ जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 1 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 तक पं. मदनलाल जोशी सभागार (संजय गांधी उद्यान) मंदसौर में विशेष पुस्तक एवं स्टेशनरी मेला आयोजित किया जाएगा। मेले का समय प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से सायं 08:00 बजे तक रहेगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के निर्देशन में किया जा रहा है, जिससे निजी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को रियायती दरों पर पुस्तकें एवं शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

मेले में कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तकों पर प्रिंट रेट से 15% तक की छूट प्रदान की जाएगी, जबकि NCERT की पुस्तकें नेट रेट पर उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा सभी प्रकार की कॉपियों पर 30% तक की छूट दी जाएगी।

इसी के साथ निजी विद्यालयों की गणवेश, टाई एवं मौजों पर भी 10% की रियायत दी जाएगी, जिससे अभिभावकों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी।

पुस्तक मेले में ऑक्सफोर्ड, पियरसन, नवनीत, नेक्स्ट एजुकेशन, मैकमिलन, ओरिएंटल, ब्लैकस्वान, E-DAC, गुडलक सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी।

इस संबंध में कलेक्टर द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम में स्टेशनरी एवं पुस्तक विक्रेता संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। निर्णय लिया गया है कि मेला अवधि के दौरान शहर की दुकानों पर पुस्तकों का विक्रय नहीं किया जाएगा।

विशेष पहल के रूप में मेले में “पुस्तक बैंक” भी स्थापित किया जाएगा, जहां अभिभावक एवं विद्यार्थी अपनी पुरानी उपयोग में नहीं आ रही पुस्तकें जमा कर सकेंगे। इन पुस्तकों को जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला प्रशासन ने जिले के समस्त अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील की है कि वे इस पुस्तक मेले का लाभ उठाकर रियायती दरों पर शैक्षणिक सामग्री क्रय करें।

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खतरनाक उद्योगों में बाल श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर शून्य रेटिंग

मंदसौर 27 मार्च 26 / प्रदेश में 14 से 18 वर्ष तक के बच्चों का खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। सहायक श्रम आयुक्त सुश्री राखी जोशी ने बताया है कि श्रम स्टार रेटिंग के अंतर्गत यदि किसी संस्थान में बाल श्रम अथवा बंधक श्रम पाया जाता है, तो जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उस संस्थान को शून्य अंक दिए जाएंगे। इस संबंध में मध्यप्रदेश के सभी श्रम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिन संस्थानों में बाल या बंधुआ श्रमिक नियोजित नहीं हैं, उन्हें अन्य मापदंडों में कुछ कमी होने के बावजूद श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

“वेदा पहल” के तहत बाल श्रम उन्मूलन और सतत निगरानी

बाल श्रम उन्मूलन के लिए श्रम विभाग द्वारा “वेदा पहल” के अंतर्गत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रत्येक शुक्रवार को नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है और अभियोजन मामलों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 (टोल-फ्री, 24/7) पर प्राप्त शिकायतों की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

बाल एवं बंधक श्रम पर सख्त दंड का प्रावधान

सहायक श्रम आयुक्त, श्रमायुक्त कार्यालय इंदौर से प्राप्त जानकारी के अनुसार कानूनी प्रावधानों के तहत बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत दोषी पाए जाने पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना और 6 माह से 2 वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है। वहीं, बंधक श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अंतर्गत अधिकतम 3 वर्ष कारावास या 2 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

बंधक श्रमिकों के पुनर्वास के लिये आर्थिक सहायता और कार्पस फंड व्यवस्था

बंधक श्रमिकों के पुनर्वास के लिए केंद्र प्रवर्तित योजना 2021 के तहत वयस्क पुरुष श्रमिकों को 1 लाख रुपये, महिला श्रमिकों और अनाथ बच्चों को 2 लाख रुपये तथा शारीरिक शोषण या मानव तस्करी के पीड़ितों को 3 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा प्रत्येक जिले में पुनर्वास के लिए कार्पस फंड का भी गठन किया गया है।

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स्कूलों में ही बनेंगे और अपडेट होंगे आधार कार्ड

मंदसौर 27 मार्च 26 / राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सहयोग से प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थियों के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार’ शिविर का अगला चरण एक अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके विद्यालय परिसर में ही आधार से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें नामांकन और अपडेट के लिए अलग से कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े। यह कार्यक्रम 18 अगस्त से 31 अक्टूबर 2025 के बीच दो चरणों में आयोजित किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ मिला था।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट को पूर्ण करने के उद्देश्य से ‘विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार’ अभियान का अगला चरण प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 15 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ही आधार से संबंधित सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

500 से अधिक ऑपरेटर्स का किया गया है चयन

आधार शिविरों के कुशल संचालन के लिए लगभग 500 से अधिक ऑपरेटर्स का चयन किया गया है। इसके साथ ही इस सबंध में शालाओं के प्रधानाध्‍यापकों को निर्देशित भी किया गया है कि वे यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल से उन विद्यार्थियों की सूची अद्यतन कर लें जिनके आधार में एमबीयू पेंडिंग हैं। ऐसे विद्यार्थियों को आधार अपडेट कराने के लिये जागरूक करें और इसके लिए एक रोस्टर बनाएं।

स्‍कूल शिक्षा विभाग की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पर केंद्रित है। जिसमें उनके आधार में उंगलियों के निशान, आइरिस स्केन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है जब बच्चा 15 वर्ष का हो जाए। दूसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होता है।

अपडेटेड बायोमेट्रिक्स वाला आधार कार्ड, स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षा, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसीलिए सरकार समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत अपार आईडी (अपार आईडी) बनाने का भी लक्ष्य रख रही है। अपार आईडी विद्यार्थियों को उनके सभी शैक्षणिक क्रेडिट, जैसे स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेड शीट, डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और सह-पाठ्यचर्या संबंधी उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहित, प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करती है। यह आईडी शिक्षा जगत में छात्र के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है। अपार आईडी के लिए महत्वपूर्ण है कि स्कूलों द्वारा अपार आईडी बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल में दर्ज छात्र का नाम, आधार कार्ड में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए।

स्कूल एडमीशन, प्रवेश परीक्षा, स्कॉलरशिप और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रोग्राम जैसी सर्विस पाने के लिए स्टूडेंट के पास मौजूदा बायोमेट्रिक्स वाला आधार होना ज़रूरी है। स्टूडेंट्स के लिए सबसे नए बायोमेट्रिक्स वाला अपडेटेड आधार भी ज़रूरी है, क्योंकि एनटीए, यूपीएससी, जेईई, एनईईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने और परीक्षा केन्‍द्रों में आगे एंट्री के लिए मोबाइल नंबर से जुड़ी आधार विवरण आवश्‍यक होता है। अपडेटेड आधार से स्टूडेंट की अपार आईडी भी आसानी से बन जाती है।

पहले चरण में 2000 से अधिक स्कूलों में लगा था शिविर

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए, मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (यूआईडीएआई) के सहयोग से ‘विद्यार्थी के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार’ पहल शुरू की गई है। पहले चरण में प्रदेश के 2000 से ज़्यादा विद्यालयों में एमबीयू कैंप लगाए गए थे, जिनमें 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने आधार में बायोमेट्रिक्स अपडेट किए थे।

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