मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: राज्यमंत्री अब 25 हजार तक दे सकेंगे सहायता

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: राज्यमंत्री अब 25 हजार तक दे सकेंगे सहायता
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल बैठक में जनहित और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने सामाजिक सहायता, किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए राहत भरे फैसले किए हैं।
स्वैच्छानुदान राशि में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के स्वैच्छानुदान की सीमा 16 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी है। अब मंत्री जरूरतमंद नागरिकों को एक बार में अधिकतम 25 हजार रुपए तक आर्थिक सहायता प्रदान कर सकेंगे।
वृद्धावस्था पेंशन और स्वास्थ्य क्षेत्र को मंजूरी
बैठक में वृद्धजनों की पेंशन योजना के लिए 6116 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु भी करोड़ों रुपए की राशि मंजूर की गई, जिससे प्रदेश में उपचार सुविधाएं मजबूत होंगी।
छोटे ठेकेदारों को राहत
लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों में बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब 10 करोड़ रुपए से कम लागत वाली परियोजनाओं में लागत वृद्धि का अतिरिक्त भार राज्य सरकार वहन करेगी। इससे छोटे और मध्यम ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी और विकास कार्यों की गति प्रभावित नहीं होगी।
गेहूं उपार्जन में नया रिकॉर्ड
कैबिनेट बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास विषयों की समीक्षा भी की गई। सरकार के अनुसार प्रदेश में गेहूं उपार्जन के दौरान 10 लाख किसानों का आंकड़ा पार हो चुका है और इस मामले में मध्यप्रदेश, पंजाब व उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से आगे निकल गया है।
सिंचाई और पर्यटन पर भी जोर
नीमच क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए 163 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई। वहीं ‘जल गंगा अभियान’ की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा सराहना का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने और अनावश्यक विदेशी खर्च कम करने की अपील की गई।
कैबिनेट के इन फैसलों को सरकार ने जनहित, ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।



