सामाजिकमंदसौर जिलासीतामऊ

स्व शांतिलाल जी घाटिया के परिवार कि समाज के लिए परंपरा में अनुपम पहल

रिति-रिवाजों के बढ़ते अंबार से गरीब के लिए आयोजन करना मुश्किल, कार्यक्रम संस्कृति के अनुसार हो – श्री घाटिया

सीतामऊ। आज जहां महंगाई के जमाने में घर चलाना मुश्किल हो रहा वहीं समाज में रिती रिवाजों का एक से बढ़कर एक चलन बढ़ता ही जा रहा है।इस दौर में स्व शांतिलाल जी घाटिया के परिवारजनों ने एक परंपरा ढुंढ एक पारंपरिक उत्सव है, जो परिवार में जन्म लेने वाले नवजात शिशु की पहली होली पर आयोजित किया जाता है। पर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को उपहार प्रदान करने कि परंपरा बंद कि शुरुआत कर स्व श्री घाटिया के पुत्र प्रदीप घाटिया अनिल घाटिया, प्रमोद घाटिया तरुण घाटिया द्वारा पौत्र एवं माता श्रीमती द्रौपतीदेवी घाटिया के प्रपौत्र कि ढुंढ राशि समाज को 5100 रुपए कि सहयोग राशि वरिष्ठ श्री बंशीलाल फरक्या कि उपस्थिति में अध्यक्ष श्री कैलाश घाटिया काका वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मांदलिया उपाध्यक्ष रामगोपाल घाटिया प्रदान कि गई। इस अवसर पर परिजन रिश्तेदार जन एवं समाज कि मातृशक्ति उपस्थित रहें।

इस अवसर पर श्री प्रदीप घाटिया ने कहा कि हर कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के अनुसार होने चाहिए पर अंधाधुंध होड़ में दिन रोज कोई न कोई रिवाज बढ़ रहा है। इससे एक गरीब परिवार के लिए आयोजन करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में जिन परंपरा कि आवश्यकता नहीं है वो सभी बंद होना चाहिए। श्री घाटिया ने समाज से ऐसी परंपरा जिसकी आवश्यकता नहीं उसको बंद करने का आह्वान किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}