दशा माता पूजन श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न, मातृ-शक्तियों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई

दशा माता पूजन श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न, मातृ-शक्तियों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई
रिपोर्टर – पंकज बैरागीसुवासरा। नगर में परंपरा अनुसार इस वर्ष भी होली दहन के पश्चात शीतला सप्तमी के तीन दिन बाद 13 मार्च शुक्रवार को दशा माता का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न प्राचीन मंदिरों में सर्वधर्म समाज की मातृशक्तियों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
स्थानीय रेलवे स्टेशन कॉलोनी स्थित प्राचीन पिपलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में पीपल माता की विशेष पूजा की गई। इस अवसर पर मातृशक्तियों ने पारंपरिक वेशभूषा, लाल चुनरी एवं विभिन्न रंग-बिरंगी साड़ियों में सजकर पीपल माता की परिक्रमा लगाई तथा दशा माता का व्रत रखकर गले में सूत का धागा धारण किया। महिलाओं ने अपने घरों में भी दशा माता की पूजा कर माताजी के हाथ के थप्पे लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मातृशक्तियों ने दशा माता से नगर में सुख-समृद्धि, व्यापार-व्यवसाय की उन्नति, किसानों की फसलों में बंपर पैदावार तथा आपसी भाईचारे की प्रार्थना की। रेलवे कॉलोनी मंदिर के पुजारी पंडित हरीश दुबे एवं उनकी पूजनीय माताजी द्वारा उपस्थित मातृशक्तियों को दशा माता की कथा का श्रवण करवाया गया।
वहीं दूसरी ओर सुवासरा नगर के तरनोद रोड स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर समिति परिसर में भी मातृशक्तियों ने पीपल माता एवं भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर दशा माता से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर पंडित अरुण दुबे द्वारा दशा माता की कथा सुनाई गई, जबकि मंदिर के पुजारी अशोक गिरी ने भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की।
इस अवसर पर उपस्थित सभी मातृशक्तियों ने धार्मिक आस्था और जागरूकता का परिचय देते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाने हेतु पुण्य लाभ अर्जित किया। उक्त जानकारी समाजसेवी पंकज बैरागी ने प्रेस नोट के माध्यम से दी।



