नीमचमध्यप्रदेश

विधानसभा श्री परिहार ने उठाया अशुद्ध पानी से निर्मित आईस्क्रीम और एक्स्पायर पैकेज्ड फूड का मामला

’नीमच जिला जीबीएस वायरस की चपेट में आने की आशंका जताई विधायक परिहार ने ’

नीमच। विधायक दिलीपसिंह परिहार ने विधानसभा के तारांकित प्रश्न क्र. 3270 के माध्यम से एवं शून्यकाल में राजस्थान से मध्यप्रदेश के नीमच जिले के ग्रामीण अंचलों तक धडल्ले से खपाए जा रहे एक्स्पायरी डेट के पैकेज्ड फूड और गंदे पानी से बने खाद्य पदार्थों का मामला उठाया और बताया कि नीमच जिले के जीबीएस वायरस की चपेट में आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सदन को बताया कि वे लगातार तीन विधानसभा सत्रों से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। शासन को अविलम्ब इस ओर ध्यान देना चाहिए। साथ ही श्री परिहार ने शून्यकाल में पालसोडा के आसपास के लगभग 15 गांवों में ओला पीडित किसानों के मुद्दे को भी उठाया और जल्द किसानों को राहत देने की मांग की।
श्री परिहार ने राजस्थान से सटे मध्यप्रदेश के नीमच जिले के ग्रामीण अंचलों तक अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही से धडल्ले से खपाए जा रहे एक्स्पायरी डेट के पैकेज्ड फूड और गंदे पानी से बने खाद्य पदार्थों के कारण अंचल में जीबीएस वायरस की आशंका भी व्यक्त की।
श्री परिहार ने सदन में बताया कि मध्यप्रदेश से सटे राजस्थान के चित्तौडगढ, उदयपुर, निम्बाहेडा के रास्ते नीमच जिले के ग्रामीण अंचलों में एक्स्पायरी डेट के बच्चों के पैकेज्ड फूड आ रहे हैं, विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि इनके माध्यम से जीबीएस वायरस का प्रवेश हो रहा है। अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही से यह काम हो रहा है। रात के अंधेरे में गाडियां आती हैं, एक्स्पायरी डेट का बिना टेस्टिंग माल, नीमच जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बडी मात्रा में खपाया जा रहा है। न तो इन खाद्य पदार्थों का परीक्षण हो रहा है, न लेबोरेट्री रिपोर्ट और न ही अधिकारी कर्मचारी इसकी जांच करते हैं। जीबीएस वायरस अशुद्ध पानी और अशुद्ध अधपके खाद्य पदार्थों से होता है। बाहरी बडी कम्पनियों की जांच की जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर भी रेण्डमली जांच होना चाहिए। गाडियों को पकडकर मौके पर ही जांच होना चाहिए। राज्य स्तरीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट ली जाना चाहिए कि कौन से खाद्य पदार्थ खाने लायक हैं। उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, स्थानीय स्तर पर अधिकारी कर्मचारियों की इस गोरखधंधे में लापरवाही हो रही है।
विधायक श्री परिहार ने आशंका व्यक्त की कि स्थानीय अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही से अशुद्ध पानी और गंदे खाद्य पदार्थों की सप्लाई से अंचल में जीबीएस वायरस हो सकता है। अंचल में पहले जीबीएस वायरस नहीं था। केमिकल, प्रिजर्वेटिव और तय मानक अवधि के बाद खाद्य पदार्थ जहर बन जाता है। महीनों तक फ्रीज में रखी हुई आईस्क्रीम और कुल्फियों के कारण अंचल में जीबीएस वायरस का प्रकोप बढ सकता है। जीबीएस वायरस का संक्रमण ज्यादातर बच्चे 18 साल से कम उम्र के बच्चों को होता है, जो ऐसे खाद्य पदार्थों के माध्यम से उनके लीवर पर अटैक करता है। नीमच जिला चपेट में आने की पूर्ण संभावना है। शासन को इस ओर ध्यान देकर वैज्ञानिक तौर पर इसका परीक्षण करवाना चाहिए।
विधायक श्री परिहार के तारांकित प्रश्न के प्रत्युत्तर में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने बताया कि वर्तमान में ऐसी कोई जानकारी नहीं प्राप्त हुई है, लेकिन फिर भी शासन द्वारा इस मामले की जांच करवाई जाएगी और जनहित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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