नाबालिग से गैंगरेप के तीन दोषियों को आजीवन कारावास
CBI sub-inspector sentenced to 5 years in prison in bribery case

नाबालिग से गैंगरेप के तीन दोषियों को आजीवन कारावास
गरोठ के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नाबालिग से गैंगरेप के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला बुधवार को को सुनाया गया। मामला गरोठ थाना क्षेत्र के गांव लाखा खेड़ी की एक नाबालिग लड़की से जुड़े क्रूर अपराध का है।
घटना 14 जून 2022 को हुई थी, जब नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था। आरोपी ललित (पिता कैलाश बलेचा, उम्र 18, निवासी कुंडी, थाना भानपुरा), अर्जुन (पिता जैतारण मेघवाल, उम्र 19, निवासी कुंडी, थाना भानपुरा) और प्रदीप (पिता भेरुलाल अलावा, उम्र 18, निवासी पिपलियाजत्य, थाना गरोठ) उसे बाइक पर शामगढ़ (मंदसौर) ले गए। इसके बाद वे उसे अहमदाबाद के पास ग्राम बावला क्षेत्र में ले गए, जहां 17 जुलाई 2022 तक लगातार उसका रेप किया था।
पीड़िता की मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान ग्रामीणों और प्रधान आरक्षक मानसिंह राठौर को मिली सूचना के आधार पर मामले का खुलासा हुआ। गरोठ थाने में 14 जून 2022 को अपराध पंजीकृत किया गया था।
गवाहों के बयानों पर तीनों आरोपी दोषी पाए गए थे
अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजन अधिकारी कमलेश श्रीवास ने प्रभावी पैरवी की। विशेष न्यायाधीश निरंजन कुमार पांचाल ने साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अन्य प्रमाणों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई।
यह फैसला बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे जघन्य अपराधों पर त्वरित कार्रवाई का स्पष्ट संदेश देता है। स्थानीय स्तर पर इसे न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवार को राहत मिलेगी और समाज में अपराधियों को कड़ी चेतावनी मिलेगी।


