सात दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, विद्यार्थी सीख रहे विचार से प्रकाशन तक लेख लिखने की कला

सात दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, विद्यार्थी सीख रहे विचार से प्रकाशन तक लेख लिखने की कला
दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
एडुक्रिया ग्लोबल एसोसिएशन और विद्यासागर कॉलेज ऑफ एजुकेशन, दार्जिलिंग के संयुक्त तत्वावधान में लेख कैसे लिखें — विचार से प्रकाशन तक विषय पर सात दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला आज चार नवंबर से शुरू हो गई है। यह कार्यशाला ग्यारह नवंबर तक चलेगी।
आयोजकों ने बताया कि आठ नवंबर को दीपावली के अवसर पर कार्यशाला का अवकाश रहेगा। इस प्रकार कार्यशाला चार, पाँच, छह, सात, नौ, दस और ग्यारह नवंबर को आयोजित होगी।
इस ऑनलाइन कार्यशाला का मुख्य आकर्षण विशेष पुस्तक परियोजना मेरा कॉलेज जीवन है, जिसमें विद्यार्थियों के लेखों को पुस्तक रूप में प्रकाशित किया जाएगा।
ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला में देशभर के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को लेखन की प्रारंभिक अवधारणा से लेकर अंतिम प्रकाशन तक की पूरी यात्रा से अवगत कराना है।
चार नवंबर — पहले दिन प्रतिभागियों को लेख क्या है, इसके प्रकार, संरचना और उद्देश्य के बारे में बताया गया। लेख, निबंध, शोध पत्र और ब्लॉग के बीच के अंतर को सरल भाषा में समझाया गया।
पाँच नवंबर — दूसरे दिन शोध और विचार चयन की कला पर सत्र होगा। मजबूत विषय और शीर्षक चुनने, पुस्तकों, शोध पत्रिकाओं, इंटरनेट और क्षेत्र कार्य से सामग्री एकत्र करने, टिप्पणी बनाने और रूपरेखा तैयार करने की विधि सिखाई जाएगी। साथ ही साहित्यिक चोरी और शैक्षणिक नैतिकता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
छह नवंबर — तीसरे दिन लेखन प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रभावशाली प्रस्तावना लिखना, उदाहरणों और आंकड़ों के साथ तर्क विकसित करना, सरल और अकादमिक भाषा का प्रयोग और एक अनुच्छेद को दूसरे से जोड़ने की कला सिखाई जाएगी।
सात नवंबर — चौथे दिन संपादन, प्रूफरीडिंग और संदर्भ शैली पर सत्र होगा। स्वयं संपादन की तकनीक, सामान्य व्याकरण की गलतियों से बचाव, संदर्भ जोड़ने की विधि और लेखन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक उपयोग पर चर्चा होगी।
आठ नवंबर को दीपावली के कारण अवकाश रहेगा।
नौ नवंबर — पाँचवें दिन प्रकाशन की प्रक्रिया समझाई जाएगी। समाचार पत्र, पत्रिका, शोध पत्रिका और पुस्तक अध्याय में प्रकाशन, संपादक को कार्य भेजने की प्रक्रिया, कॉपीराइट और लेखक परिचय के बारे में बताया जाएगा। इस दिन हर प्रतिभागी अपना मौलिक लेख तैयार करेगा।
दस और ग्यारह नवंबर — छठे और सातवें दिन विशेष रूप से मेरा कॉलेज जीवन पुस्तक परियोजना पर कार्य होगा। विद्यार्थी अपने कॉलेज की यादों — पहला दिन, दोस्त, शिक्षक, कैंटीन, कॉलेज सप्ताह, राष्ट्रीय सेवा योजना, पुस्तकालय आदि को एकत्र कर रूपरेखा बनाएंगे और चार सौ से पाँच सौ शब्दों का अंतिम लेख सरल भाषा में तैयार करेंगे।
इस ऑनलाइन कार्यशाला में देश की प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. सविता मिश्रा, डॉ. रिशिका वर्मा, डॉ. संजुक्ता पाढ़ी, डॉ. सुसांत सरकार, डॉ. मुक्ता गोयल, डॉ. शिप्रा गंगवार और डॉ. नाहिद बी अतिथि वक्ता और प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन दे रहे हैं।



