मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और विकास के संकल्प का पर्व

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और विकास के संकल्प का पर्व
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
ताल। मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 1 नवंबर को पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास एवं गौरव के साथ मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ था। यह दिन प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और विकास यात्रा का स्मरण कराने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।
मध्यप्रदेश को देश का हृदय प्रदेश कहा जाता है। अपनी भौगोलिक स्थिति, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के कारण प्रदेश की देश में विशिष्ट पहचान है। उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर, सांची स्तूप, खजुराहो के विश्वविख्यात मंदिर, मांडू की ऐतिहासिक विरासत तथा कान्हा और बांधवगढ़ के राष्ट्रीय उद्यान प्रदेश की गौरवशाली पहचान हैं।
मध्यप्रदेश ने शिक्षा, कृषि, उद्योग, सिंचाई, सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। प्रदेश की उन्नति में किसानों, श्रमिकों, शिक्षकों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं तथा समाज के प्रत्येक वर्ग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन, शिक्षा की गुणवत्ता और जनकल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का संकल्प लेने का भी दिन है।
आइए, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर हम सभी प्रदेश की एकता, अखंडता, गौरवशाली परंपराओं और उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लें तथा अपने प्रदेश को विकास, समृद्धि और खुशहाली के नए शिखर पर पहुंचाने में सहभागी बनें।



