मंदसौर रेलवे ब्रिज पर पतंग की खतरनाक डोर से बड़ा हादसा टला, हेलमेट से टकराई डोर, युवक की गर्दन पर हुआ घाव

घायल होने से बचा, बाइक पर बीमार मां को अस्पताल ले जा रहा था युवक
मंदसौर। मंदसौर रेलवे ब्रिज, सीतामऊ फाटक के समीप आज पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाली खतरनाक डोर के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक युवक अपनी बीमार मां को बाइक पर बैठाकर उपचार के लिए मंदसौर अस्पताल ले जा रहा था। इसी दौरान अचानक पतंग की डोर युवक की गर्दन की ओर आ गई।
गनीमत रही कि डोर युवक की गर्दन से टकराने के बजाय पहले उसके हेलमेट से टकरा गई, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि, डोर की चपेट में आने से युवक की गर्दन पर घाव हो गया, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल होने से बच गया। डोर के अचानक सामने आने से युवक घबरा गया और उसने तत्काल बाइक की गति कम कर किसी तरह वाहन को नियंत्रित किया।
युवक गांव सरसोद निवासी नरेंद्र पिता भरत कुमावत
प्रत्यक्ष स्थिति को देखते हुए यदि डोर हेलमेट के बजाय युवक के गले से टकरा जाती अथवा बाइक की गति थोड़ी अधिक होती, तो युवक और उसकी बाइक पर सवार बीमार महिला के साथ गंभीर अथवा जानलेवा हादसा हो सकता था।
यह घटना एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा करती है कि प्रतिबंधित एवं खतरनाक पतंग की डोर का उपयोग आखिर किस तरह जारी है। सड़क, रेलवे ब्रिज और सार्वजनिक मार्गों पर ऐसी डोर राहगीरों, वाहन चालकों और दोपहिया वाहन सवारों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग
घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से मांग है कि मंदसौर रेलवे ब्रिज, सीतामऊ फाटक सहित शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में खतरनाक पतंग की डोर की बिक्री एवं उपयोग के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया जाए। दुकानों पर जांच कर ऐसी डोर की बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
एक छोटी-सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है। इसलिए आमजन से भी अपील है कि पतंग उड़ाते समय सुरक्षित एवं निर्धारित डोर का ही उपयोग करें और ऐसी खतरनाक डोर का इस्तेमाल न करें।
प्रशासन से शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा है, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान न गंवानी पड़े। बड़ा हादसा टल जाए।



