MP में डायल-112 की अब रोज होगी निगरानी, देरी करने वाली एफआरवी पर कार्रवाई

MP में डायल-112 की अब रोज होगी निगरानी, देरी करने वाली एफआरवी पर कार्रवाई
मध्यप्रदेश में आपात स्थिति में पुलिस की डायल-112 सेवा कितनी देर में मौके पर पहुंच रही है, इसकी अब रोज निगरानी होगी। पुलिस रेडियो मुख्यालय ने प्रदेशभर में सबसे तेज और सबसे देरी से पहुंचने वाली एफआरवी की जिलावार सूची तैयार करना शुरू कर दिया है। टीम रोज देरी करने वाली एफआरवी के स्टाफ से फोन पर कारण पूछेगी। बार-बार देरी मिलने पर संबंधित टीम के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
एसएसपी रेडियो समीर सौरभ जिलों के एसपी से समन्वय कर तकनीकी और मैदानी समस्याएं दूर कराने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लक्ष्य प्रदेश के औसत रिस्पॉन्स टाइम को पहले 13 और फिर 10 मिनट तक लाना है। इसके लिए कंप्यूटर एडेड डिस्पैच (CAD) सिस्टम में ऑटो मेल फीचर जोड़ा गया है।
वर्तमान में प्रदेश का औसत रिस्पॉन्स टाइम 15 मिनट है। शहरी क्षेत्रों में यह 14:30 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 16 मिनट है। भोपाल-इंदौर जोन में बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी के चलते औसत समय करीब 13 मिनट है।
जांच में सामने आया कि कई जवान मौके पर पहुंचने के बाद डिजिटल डिवाइस पर ‘स्टाफ अराइव’ दर्ज करना भूल जाते हैं, जिससे समय ज्यादा रिकॉर्ड होता है। वहीं, खराब सड़कें और हाईवे पर मवेशी भी ग्रामीण क्षेत्रों में एफआरवी की रफ्तार प्रभावित कर रहे हैं। प्रदेश की करीब 1200 एफआरवी में 100 वाहन खराबी या मेंटेनेंस के कारण ऑफ-रोड हैं।


