प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शिव ध्वजा (झंडा) लगाई गई और स्नेह मिलन का हुआ आयोजन

नशा कौन सा भी हो, चाहे नशीली वस्तु हो या किसी हट का दोनों ही परिवार को समाप्ति कि और ले जाते हैं- बीके ऊषा दीदी
सीतामऊ। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सीतामऊ द्वारा समाज में आध्यात्मिक जागृति, शांति, को लेकर शिव ध्वजा (झंडा) लगाने और स्नेह मिलन समारोह का आयोजन अनिल कुमार ओसवाल एवं संगीता ओसवाल के सूर्य नगरी सीतामऊ में आयोजित किया गया।
आयोजन में राजयोगिनी बीके श्यामा दीदी (मंदसौर)ने कहा कि चार युगों के तो नाम सबने सुनें पर पांचवां युग वर्तमान समय पुरुषोत्तम संगम युग चल रहा है।इस काल में आत्माएं योग और ज्ञान द्वारा खुद को पवित्र बनाकर नर से नारायण या नारी से लक्ष्मी (देवता पद) बनने का अधिकार प्राप्त करती हैं। और शिव बाबा निराकार रूप में धरा पर आकर सभी को राजयोग और आत्मिक ज्ञान सिखा रहे हैं।बस हमें उन्हें समझने पहचानने कि जरुरत है। जिससे उन्हें पहचान समझ लिया उसे जीवन का आनंद प्राप्त लिया।
राजयोगिनी बीके कृष्णा दीदी ने कहा कि यह झंडा केवल एक कपड़ा नहीं जो हम हवा में लहरा रहे या किसी स्वार्थ के लिए नहीं जिसके माध्यम से शक्ति प्रदर्शन कि जा रही है।यह झंडा शिव बाबा का है और इस झंडे में बाबा का आशीर्वाद है जिनके घर पर यह झंडा लगा रहता है शिव बाबा कि कृपा उस परिवार को प्राप्त होती रहेगी।यह झंडा जहां होता है। उस घर परिवार में रावण रुपी क्रोध का अंत होकर सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होकर सात्विकता और पवित्रता जागृत होती है।
बीके ऊषा दीदी (शामगढ़) ने कहा कि नशा करने से घर परिवार बिखर जाते हैं।उस परिवार कि माताएं बहनें बच्चे दर दर कि ठोकरें खाते हैं।नशा केवल मादक पदार्थ बिडी सिगरेट शराब, गांजा, भांग, अफिम चरस आदि का होता है जो तन मन और धन तीनों के साथ परिवार को भी खत्म कर देता है। इसके अलावा एक और नशा गलत संगति जूएं, सट्टे और अत्यधिक इच्छा का जो सर्व विनाश कि कगार पर पहुंचा देता है।
दिदी ने कहा कि माताओं बहिनें घर में सुख-शांति से रहना है तो किसी बात के हट नशा नहीं करे तथा स्वयं या परिवार में कोई नशीली वस्तु का सेवन कर रहा तो उसे रोकें बंद कर और प्रतिदिन कुछ समय निकल कर शिव बाबा का ध्यान मेडिटेशन करें। और परिवार को भी जोड़े।इस आध्यात्मिक ज्ञान कि प्राप्ति के लिए आपके सीतामऊ नगर में आश्रम बना हुआ है। जहां पर जाकर ध्यान योग मेडिटेशन का लाभ प्राप्त करें।
इस अवसर पर नशा मुक्त समाज के निर्माण के भाव के साथ सभी उपस्थित बहिनों भाईयों को नशा नहीं करने और नशा करने से रोकने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर गंगा दीदी गांधीसागर, सुवासरा से नंदिनी दीदी गरोठ से हेमा दिदी, प्रिती बहिन,विद्युलता दिदी हेमलता दिदी भारती दिदी,प्रिति दीदी गौरव जैन, दशरथ पाटीदार मोडीराम भोई, पदमा मेहरा सहित कालोनी वासी तथा आसपास क्षेत्र कि गीता पाठशाला के भाई बहिन उपस्थित रहे।



