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समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 27 जुलाई 2026 सोमवार

युवा संगम : लाखों युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान, रोजगार और स्व-रोजगार का बना सशक्त मंच

युवाओं को एक ही स्थान पर रोजगार, स्व-रोजगार, अप्रेंटिसशिप और शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके, इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युवा संगम पहल आज युवाओं के लिए अवसरों का सशक्त मंच बनकर उभरी है। गत नवंबर 2024 से जून 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों में 1012 युवा संगम आयोजित किए गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से 3 लाख 62 हजार 799 युवाओं को रोजगार, स्व-रोजगार और अप्रेंटिसशिप से जोड़ा गया है। इनमें 1 लाख 81 हजार 248 युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के ऑफर लेटर, 17 हजार 887 युवाओं का अप्रेंटिसशिप के लिए चयन तथा 1 लाख 63 हजार 664 युवाओं को स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ मिला है। राज्य सरकार की यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश में रोजगारोन्मुख वातावरण तैयार करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है।

एक ही मंच पर रोजगार, स्व-रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के संयुक्त प्रयास से नवंबर 2024 से प्रदेश के प्रत्येक जिले में प्रतिमाह निर्धारित तिथि पर युवा संगम का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत रोजगार दिवस, रोजगार मेला और अप्रेंटिसशिप मेले को एकीकृत कर युवाओं के लिए एक ही स्थान पर विभिन्न अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रोजगार संचालनालय, कौशल विकास संचालनालय तथा एमएसएमई विभाग के समन्वित प्रयास से युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सरकारी योजनाओं से भी जुड़ रहे युवा

युवा संगम केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। युवा संगम मेले में युवाओं को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के नशा मुक्ति अभियान, स्वास्थ्य विभाग की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता गतिविधियां तथा युवाओं से जुड़ी अन्य शासकीय योजनाओं को भी इस मंच से जोड़ा गया है। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार जिला प्रशासन आयोजन की तिथि में परिवर्तन भी कर सकता है, जिससे अधिकाधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

हर वर्ष बढ़ता गया युवा संगम का प्रभाव

युवा संगम की पहुंच और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। गत नवंबर 2024 से मार्च 2025 तक आयोजित कार्यक्रमों में 236 युवा संगम के माध्यम से 47 हजार 109 युवाओं को लाभ मिला। इनमें 36 हजार 641 युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर, 5 हजार 388 युवाओं का अप्रेंटिसशिप के लिए चयन तथा 5 हजार 80 युवाओं को स्व-रोजगार योजनाओं से जोड़ा गया।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पहल ने और व्यापक स्वरूप लिया। इस दौरान 626 युवा संगम आयोजित किए गए, जिनसे 2 लाख 68 हजार 283 युवा लाभान्वित हुए। इनमें 1 लाख 25 हजार 268 युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर, 10 हजार 912 युवाओं का अप्रेंटिसशिप के लिए चयन तथा 1 लाख 32 हजार 103 युवाओं को स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ मिला। यह वर्ष युवा संगम की सबसे प्रभावशाली उपलब्धियों में शामिल रहा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के केवल पहले तीन माह (अप्रैल से जून 2026) में ही 150 युवा संगम आयोजित किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से 47 हजार 407 युवाओं को लाभ मिला। इनमें 19 हजार 339 युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर, 1 हजार 587 युवाओं का अप्रेंटिसशिप के लिए चयन तथा 26 हजार 481 युवाओं को स्व-रोजगार योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कैरियर काउंसलिंग से मिल रही सही दिशा

युवाओं को केवल रोजगार के अवसर ही नहीं, बल्कि सही कैरियर चयन के लिए मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। शासकीय हाई स्कूलों, हायर सेकेंडरी स्कूलों, आईटीआई और अन्य शिक्षण संस्थानों में 4089 कैरियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए हैं। इन सत्रों के माध्यम से 1 लाख 61 हजार 915 विद्यार्थियों को कैरियर विकल्पों, कौशल विकास, रोजगार, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी देकर उन्हें भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान की गई है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की मजबूत नींव बन रहा युवा संगम

इस तरह युवा संगम आज केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को अवसरों से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुका है। यह पहल प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ विकसित और रोजगारसमृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में AI और फिनटेक विथ एआई सर्टिफिकेट कोर्स की होगी नि: शुल्क पढ़ाई

IIT दिल्ली के सहयोग से विद्यार्थियों को दिया जाएगा आधुनिक तकनीकी कौशल आधारित प्रशिक्षण
प्रदेश के 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस व 13 स्वशासी महाविद्यालयों में मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए महाविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एआई एवं फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस तथा 13 स्वशासी महाविद्यालय शामिल हैं। यह कोर्स आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

शासकीय महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में AI और फिनटेक विथ एआई सर्टिफिकेट कोर्स की पढ़ाई कराई जाएगी। पाठ्यक्रम का संचालन IIT दिल्ली के सहयोग से किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। महाविद्यालयों में संचालित यह सर्टिफिकेट कोर्स विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क होगा।

2000 विद्यार्थियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 2000 विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फिनटेक विथ आई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में यह लक्ष्य 1000 विद्यार्थियों का था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है।

सर्टिफिकेट कोर्स से विद्यार्थियों को होने वाले लाभ

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे AI और FinTech with AI Certificate कोर्स का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। जिससे वे नई तकनीकों का प्रभावी उपयोग करते हुए नवाचार और डिजिटल युग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इससे विद्यार्थियों को करियर में नए अवसर मिलेंगे। वर्तमान के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फिनटेकका महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में एआईऔर फिनटेक विथ एआई सर्टिफिकेट कोर्सविद्यार्थियों के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कौशल-विकास कार्यक्रम बनकर उभर रहा है। इस कोर्स से विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, साइबर सुरक्षा, वित्तीय प्रौद्योगिकी तथा एआईआधारित आधुनिक वित्तीय समाधान का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। साथ ही वे बैंकिंग, फिनटेक कंपनियों, आईटी क्षेत्र, स्टार्ट-अप और डिजिटल वित्तीय सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

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जिले में अब तक 290.75 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 290.75 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में रतलाम जिले में 1.88 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

पिछले 24 घन्टों में आलोट में 0.00 मि.मी., जावरा में 0.00 मि.मी., ताल में 0.0 मि.मी., पिपलोदा मे 1.0 मि.मी., बाजना में 2.0 मि.मी., रतलाम में 1.0 मि.मी., रावटी में 4.0 मि.मी. एवं सैलाना में 7.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 322.0 मि.मी., जावरा में 309.0 मि.मी., ताल में 250.0 मि.मी., पिपलोदा में 360.0 मि.मी., बाजना में 186.0 मि.मी., रतलाम में 372.0 मि.मी., रावटी में 230.0 मि.मी. एवं सैलाना में 297.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

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मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 82.70 लाख से अधिक किसानों को 3308 करोड़ रूपए अंतरित

  • प्रत्येक हितग्राही किसान के खाते में पहुंचे एकमुश्त चार हजार रूपए
  • किसानों को वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का जरिया है बलराम कृषि महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • खण्डवा में होगी पुलिस बटालियन की स्थापना, मूंदी से खण्डवा रोड बनेगा शीघ्र
  • मुख्यमंत्री ने जैविक, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के लिए किसानों को किया सम्मानित
  • मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया एन्फ्लुएंसर्स को दिए प्रशस्ति-पत्र
  • मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव में की किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिला मुख्यालय में हुये बलराम कृषि महोत्सव में प्रदेश के 82 लाख 70 हजार से अधिक किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 3308 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से अंतरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई उन्नत कृषि पर केंद्रित कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती-किसानी को लाभदायी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन न होकर किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह किसानों का अपना कार्यक्रम है, किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खंडवा की बात ही अलग है। अतीत का खानदेश अब कई खासियतों के लिए मशहूर है। यहाँ की काली मिट्टी फसलों के लिए सोने जैसी है। इसीलिए यहां की फसलें भी सोने के भाव बिकती हैं। खंडवा जिले के हर खंड में किसानों की मेहनत से खुशहाली है। बात खेती-किसानी की हो, या जल और पर्यावरण बचाने की, खंडवा हर मामले में अव्वल है। यहां के परिश्रमी किसानों ने अपनी उद्यमशीलता और नवाचारों से पूरे देश और प्रदेश में खेती का एक अलग ही स्टैंडर्ड मॉडल सेट किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अनुरोध करते हुए कहा कि बलराम कृषि महोत्सव आपका अपना महोत्सव है। इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि परम्परागत खेती अब गुज़रे ज़माने की बात हो गई है। अब आधुनिक और उन्नत खेती का दौर है। किसान बंधु अपने खेत की मिट्टी की जांच करायें। मिट्टी की उत्पादकता के अनुसार ही फसल लें। बहुत अधिक रायायनिक उर्वरकों का उपयोग करने से बचें, जितनी जल्दी हो सके, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ें। फसल विविधीकरण अपनाएं। एक ही किस्म की फसल के स्थान पर एक ही समय में खेत में एकाधिक फसल लें। इससे किसानों के खेतों में नई फसल किस्मों की हरियाली आयेगी, साथ ही आमदनी भी बढ़ेगी।

किसानों के प्रति सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न उगाते हैं और भूखों को अनाज उपलब्ध कराते हैं। किसानों के प्रति हमारी सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान है। किसान भाइयों को आज एक साथ 4000 रुपए सम्मान निधि के रूप में उनके बैंक खातों में भेजे गए हैं।

कृषक कल्याण वर्ष में किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की क्षमताओं को पहचानती है। भारत वह देश है, जो अपनी परम्पराओं में वसुधैव कुटुम्बकम का भाव रखते हुए संपूर्ण विश्व को एक परिवार मानता है। हमारी संस्कृति “जियो और जीने दो” पर विश्वास करती है। भगवान बलराम कृषि क्षेत्र के पहले देवता हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए हम वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं। इसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाये जा रहे हैं।

दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह किसानों के प्रति हमारी संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हैक्टेयर हो गया है, जो कि वर्ष 2002-03 से पहले मात्र 44 लाख हैक्टेयर था। पिछले ढाई साल में सिंचाई का रकबा 10 लाख हैक्टेयर से अधिक बढ़ चुका है। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में सर्वांगीण विकास के लिए किसानों को बिजली, पानी, बेहतर सड़कें, प्राकृतिक खेती और आधुनिक खेती से जोड़ा है। किसान भाई अब ड्रोन से खेतों में खाद-बीज का छिड़काव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्षाकाल के बाद किसानों को रात के साथ दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। दूध उत्पादन को वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर हमने 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

अब एक समान कानून से चलेगा मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब एक देश, एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का संकल्प पूरा हो रहा है। ‘सब समान-सबको सम्मान’ ही हमारा भाव है। हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा से पास करवाया है। अब हमारा प्रदेश एक समान कानून से चलेगा। उन्होंने बताया कि यूसीसी के संबंधित सर्वे में साढ़े 3 करोड़ से अधिक लोगों को एसएमएस भेजे गए। इसके लिए 10 लाख से अधिक सुझाव मिले। सर्वे में 76 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम बहनों ने यूसीसी लागू करने का समर्थन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बहनों को तीन तलाक से मुक्ति मिल चुकी है। सभी समुदायों की महिलाएं हमारी बहनें हैं।

अगले माह से मिलेगी सरकारी रोडवेज बसों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। हर महीने रक्षाबंधन मनता है। अगले महीने से प्रदेश के नागरिकों को सरकारी रोडवेज बसों की सौगात मिलेगी। यह गरीब, किसानों के कल्याण का समय है। प्रदेश में गरीब-जरूरतमंदों को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी धार्मिक स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। सिंहस्थ: 2028 के आयोजन की तैयारियों के साथ ही ओंकारेश्वर धाम में भी 3 हजार करोड़ की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं।

गरीबों का कष्ट मिटाना, यही जीवन और राजनीति का मर्म है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खंडवा के दादाजी धूनीवाले के धाम और समाधि स्थल पर विकास के कार्य तेजी से जारी हैं। हमारा इरादा सभी को साथ लेकर आगे बढ़ते हुए प्रदेश को बेहतर राज्य बनाना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश के 80 करोड़ से अधिक गरीबों को नि:शुल्क अनाज वितरित किया जा रहा है, जिससे अन्न के अभाव में कोई भी भूखा न सोये। गरीबों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में नि:शुल्क पीएम आवास उपलब्ध कराए गए हैं। गरीब का हाथ थामकर उनके जीवन के कष्ट मिटाना, यही जीवन है, यही राजनीति का मर्म है।

प्रदेश में बनेंगे 275 सांदीपनि विद्यालय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और खंडवा और निमाड़ क्षेत्र को मां नर्मदा का विशेष आशीर्वाद मिला हुआ है। निमाड़ के किसानों को सिंचाई के लिए मां नर्मदा का जल मिल रहा है। दो दिन बाद गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेश को नए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिलेगी। प्रदेश में पहले चरण में 275 सांदीपनि विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 136 बनकर तैयार हो चुके हैं और 105 विद्यालयों का लोकार्पण भी हो चुका है। दूसरे चरण में हम 200 नये सांदीपनि विद्यालय बनायेंगे। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को संस्कारों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में युवाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त नए मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय खोले जा रहे हैं। भारत के युवा खेलों में भी देश का मान बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में जहां कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की बेटी सुश्री मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक और श्री राजा मुथुपांडी ने रजत पदक अपने नाम किया है। क्रिकेट में नौजवान खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने विरोधी टीम के छक्के छुड़ाये।

हर घर तिरंगा अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का किया आव्हान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि आने वाले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस से पहले हर घर तिरंगा अभियान चलेगा और सभी लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, मदनलाल ढींगरा जैसे सभी वीरों के बलिदान का स्मरण करें।

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष में प्रदेश के अन्नतादाओं को लगातार बड़ी सौगातें दे रही है। खंडवा की महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में उन्नत कृषि और किसान की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरीब, किसान, युवा और नारी सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के साथ ही खंडवा में भी जल संचय के लिए अनेक कार्य किए गए हैं। पहले जिले में हर वर्ष जल संकट की स्थिति रहती थी, लेकिन आज खंडवा में पर्याप्त जल उपलब्ध है।

प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खण्डवा में पुलिस बटालियन की स्थापना करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मूंदी से खंडवा के बीच नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 15 सितंबर से पहले टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।

बलराम कृषि महोत्सव की स्मृति के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने हल भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैविक, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान बंधुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया एन्फ्लुएंसर्स को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री नारायण पटेल, विधायक श्रीमती छाया मोरे, नगर निगम अध्यक्ष श्री अनिल विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।

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