उज्जैन में नगरीय विकास की नई दिशा: क्षमता वर्धन कार्यशाला में गूंजा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का मंत्र

गरोठ नपं अध्यक्ष सेठिया एवं उपाध्यक्ष मालवीय की सक्रिय सहभागिता, स्वच्छ, व्यवस्थित पर हुआ मंथन
गरोठ। नगरीय प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्य प्रदेश तथा फीडबैक फाउंडेशन, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन स्थित होटल मित्तल पैराडाइज में प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के लिए क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में गरोठ नगर परिषद अध्यक्ष राजेश सेठिया एवं उपाध्यक्ष महेश मालवीय ने सक्रिय सहभागिता करते हुए शहरी विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों के विचारों एवं तकनीकी जानकारियों का लाभ लिया।कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि शहरों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।
घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग), गीले एवं सूखे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण तथा नागरिक सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।इसके साथ ही नगरीय निकायों में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, जनसहभागिता, सतत विकास एवं आधुनिक शहरी प्रबंधन प्रणाली पर भी विशेषज्ञों ने विस्तृत मार्गदर्शन दिया। वक्ताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की दक्षता एवं जागरूकता ही शहरों के समग्र विकास की आधारशिला है।
कार्यशाला में शामिल गरोठ नगर परिषद अध्यक्ष राजेश सेठिया एवं उपाध्यक्ष महेश मालवीय ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्राप्त अनुभवों एवं सुझावों को गरोठ नगर में लागू करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित नगर के निर्माण के साथ नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यशाला ने जनप्रतिनिधियों को आधुनिक शहरी प्रबंधन, स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नवीन कार्यप्रणालियों से अवगत कराया, जो भविष्य में नगरों के समग्र एवं टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

