ज्ञान मौन, दिन भर प्रतिशत का शोर -एम. हामिद ईज्जी

ज्ञान मौन, दिन भर प्रतिशत का शोर -एम. हामिद ईज्जी
✍️पंकज बैरागी
सुवासरा()आज कल हर स्कूल के बाहर चौराहे पर बड़े बड़े होडिंग बैनर यहां वहां पोस्टर नज़र आ रहे हैं 100% 98% हमारे छात्र छात्राएं जिले में टाॅपर सुबह शाम लाउडस्पीकर पर गली-मोहल्लों में अखबारों के पूरे पूरे पन्ने विज्ञापनों से भरे नज़र आते हैं
ऐसा लगता है मानो शिक्षा नहीं कोई व्यापारिक उत्पाद बिक रहा है
वही विज्ञापन की चमक दिन भर के शोरगुल में पेरेंट्स भी
कुछ नहीं समझ पा रहे।
अब ज़रा कोई यह भी पूछे कि इन ऊंचे ऊंचे प्रतिशतों के पीछे
बच्चों का सामान्य ज्ञान कितना है? क्या इन्हें देश का संविधान पता है? प्रदेश के राज्यपाल कोन है अपने आस पास की दुनिया को समझते है क्या उनसे तर्क करने की क्षमता है देश-दुनिया समाजिक ज्ञान विकसित हुई है?
मगर अफसोस यह है कि इन बातों पर ना पेरेंट्स बोलते हैं ना सामाजिक ना मीडिया की बहस
अच्छे अंक नौकरी दिला सकते हैं, लेकिन अच्छा ज्ञान जीवन चलता है
डिग्री दीवार पर टंग सकते हैं
लेकिन विवेक समझदारी
सभ्यता समाज को संभालता है रटे मार मार कर प्रतिशत बढ़ाने वाले बच्चे देश का भविष्य नहीं बना पाएंगे
जब तक हर बच्चा शक्ति को पहचानना सीखे प्रश्न पूछना सीखे संविधान को समझे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने सीखे तब जाकर देश का भविष्य बनेगा
मेरा हर शिक्षा केन्द्र स्कूलों से निवेदन विज्ञापन का कारोबार ना बनाकर राष्ट्र निर्माण का अभियान बनाए जनता पेरेंट्स अंधी दौड़ में शामिल ना होकर
विवेक से काम लें आपका समय और पैसा कहीं आपके बच्चों को परसेंट की मारामारी में संस्कार समाज से दूर करके डब्बू तो नहीं बना रहा राष्ट्रीय सद्भावना ग्रुप मुर्तजा हामिद ईज्जी



