रतलामजावरा

जावरा नगर में विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के समापन अवसर पर दुर्गा वाहिनी का भव्य शौर्य संचलन निकला

जावरा नगर में विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के समापन अवसर पर दुर्गा वाहिनी का भव्य शौर्य संचलन निकला

ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा

 

विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग मालवा प्रांत का जावरा के फोनिक्स इंटरनेशनल स्कूल में 15 मई से चल रहा है। जिसका आज शौर्य संचलन के साथ समापन हुआ। समापन सत्र में मंचासीन- रहे माननीय श्रीमती पिंकी पवार दुर्गा वाहिनी राष्ट्रीय सहसंयोजीका, प्रांत उपाध्यक्ष डॉक्टर माला सिंह ठाकुर, प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, प्रांत संयोजिका वर्ग प्रमुख ज्योति प्रिया शर्मा, वर्ग अभिभावक श्रीमती अर्पिता सिकरवार मंचासीन रहे।

 

समापन सत्र पर मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती पिंकी पवार दुर्गा वाहिनी राष्ट्रीय सहसंयोजीका ने बताया की विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी के शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य युवतियों में आत्मबल, साहस और संस्कार जगाना होता है। यह एक आवासीय प्रशिक्षण शिविर होता है, जिसमें शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियाँ कराई जाती हैं।

दुर्गा वाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में मुख्य रूप से सिखाई जाने वाली मुख्य बातें।

शारीरिक प्रशिक्षण (Physical Training)-

आत्मरक्षा (Self-defense) के लिए बालिकाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाया जाता है। जिसमें मुख्य रूप से नियुद्ध बिना हथियार के आत्मरक्षा के तरीके।, दंड संचालन- लाठी चलाने का अभ्यास।, निशानेबाजी – एकाग्रता और लक्ष्य साधने के लिए।, साहसिक खेल- बाधाएं पार करना और शारीरिक सहनशक्ति बढ़ाना।

मानसिक एवं बौद्धिक विकास (Mental & Intellectual Growth)

केवल शरीर ही नहीं, शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में विचारों को भी सशक्त बनाने पर जोर दिया जाता है इसमें मुख्य रूप से बौद्धिक सत्र – राष्ट्रवाद, भारतीय संस्कृति और इतिहास के बारे में जानकारी देना।, चर्चा- वर्तमान सामाजिक चुनौतियों और महिलाओं की भूमिका पर संवाद।, प्रेरक प्रसंग- वीरांगनाओं (जैसे रानी लक्ष्मीबाई, मां जीजाबाई) के जीवन की गाथाएं सुनाना।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा इस मे योग और प्राणायाम – मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य के लिए।, भजन और आरती- सांस्कृतिक जुड़ाव और अनुशासन के लिए।, संस्कार- परिवार और समाज के प्रति कर्तव्यों की सीख।

अनुशासन और नेतृत्व विकास के लिए शिविर में दिनचर्या बहुत अनुशासित होती है (सुबह जल्दी उठने से लेकर रात को सोने तक)। वर्ग से दुर्गा वाहिनियों में नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क का विकास होता है।

समापन सत्र के बाद गीता भवन से दुर्गा वाहिनी शौर्य संचलन 3 घोष के साथ प्रारंभ हुआ जिसमें 400 दुर्गा वाहिनी की उपस्थिति रही। शौर्य संचलन- गीता भवन से प्रारंभ होकर, रावण दरवाजा, शुक्रवारिया, पिपली बाजार, जवाहर पथ, बजाज खाना, घंटाघर, कोठी बाजार, नीम चौक, पिंजरवाड़ी, आजाद चौक, सोमारिया और रावण दरवाजा होते हुए पुनः गीता भवन पर दुर्गा वाहिनी प्रार्थना के साथ समापन हुआ।

इस कार्यक्रम में जावरा जिले से जिला अध्यक्ष श्री मधुसूदन जी पाटीदार, जिला मंत्री तूफान सिंह यादव, जिला सहसंयोजक संदीप राठौर, जिला सुरक्षा प्रमुख विकास सोनी, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मंगल गिर, जावरा प्रखंड मंत्री सुनील पाठक, प्रखंड सह मंत्री ज्ञान सिंह ठाकुर, प्रखंड उपाध्यक्ष राजेश पांचाल, प्रखंड संयोजक आदित्य धारीवाल, प्रखंड से राम पाटीदार, महेंद्र सिंह, शिवम गहलोत, सुनील कैतवास, रिंगनोद प्रखंड संयोजक ओम सरगरा, रिंगनोद प्रखंड सहसंयोजक कमल धाकड़, बड़ावदा प्रखंड से धीरज अंजना, विपुल अंजना, आलोट प्रखंड से शंभू लाल चौधरी। और विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। जानकारी जावरा जिला मंत्री तूफान सिंह यादव द्वारा दी गई।

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