समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 23 मई 2026 शनिवार

////////////////////////////////////////
मारपीट करने वाले आरोपीगण को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास
मंदसौर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मंदसौर श्रीमती रोहिणी तिवारी द्वारा आरोपीगण सोनू जटिया पिता नागेश्वर जटिया व रवि पिता नागेश्वर जटिया दोनो निवासीगण शीतला माता मंदिर के पास इंद्रा कॉलोनी मंदसौर को मारपीट करने के अपराध में दोषी पाते हुए 02-02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 8000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गयाा ।
अभियोजन मीडिया प्रभारी/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री बलराम सौलंकी द्वारा घटना के संबंध में बताया कि दिनांक 14.03.2025 को फरियादिया पानीबाई का लड़का पवन रात्रि 12:30 बजे घर पर था तो उसके पडोस में रहने वाले सोनू व रवि जटिया आये और पवन को आवाज दी तो वह वाहर आया तो उसके साथ दोनों ने मां वहन की नंगी नंगी गालियां देने लगे। फरियादिया पानीबाई व उसका पति जब बाहर आये तव वह दोनो आरोपीगण लट्ठ से पवन के साथ मारपीट करने लगे। जब फरियादिया पानीबाई बीच बचाव करने आई तो उसके साथ भी आरोपीगण सोनू व रवि ने मारपीट की व जान से मारने की धमकी देकर बोले की आज तो बच गये, आइंदा नहीं बचोगे। उक्त घटना की रिपोर्ट थाना वायडीनगर पर की गई , जिस पर से अपराध क्रमांक 144/2025 के अंतर्गत धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में पुलिस द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र पेश किया गया था।
माननीय न्यायालय के समक्ष प्रकरण का संचालन श्रीमती भारती चौहान सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा किया गया।
=============
हुनर से मिली पहचान, आईटीआई मंदसौर के छात्र अशोक मालवीय बने सफल रोजगारदाता
मंदसौर 22 मई 26 / मंदसौर जिले के ग्राम नगरी के रहने वाले युवक अशोक मालवीय ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, तकनीकी शिक्षा और सही मार्गदर्शन के दम पर गांव का युवा भी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। शासकीय आईटीआई मंदसौर से ड्राफ्ट्समैन सिविल ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अशोक आज एक सफल उद्यमी और रोजगारदाता के रूप में पहचान बना चुके हैं।
आईटीआई में प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक श्री अजमत खान के मार्गदर्शन में अशोक ने तकनीकी नक्शों और डिजिटल ड्राफ्टिंग की गहरी समझ विकसित की। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्होंने मात्र 8 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर एक रोड कंसल्टेंसी में नौकरी शुरू की। यहां दो वर्षों तक कार्य करते हुए उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों की तकनीकी बारीकियां सीखीं और अपने अनुभव को मजबूत किया।
इसके बाद व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने एक अनुभवी सिविल ठेकेदार के साथ करीब 2 से 3 वर्षों तक साइट पर कार्य किया। इस दौरान उन्हें लेबर मैनेजमेंट, मटेरियल सप्लाई, बिलिंग एवं टेंडर प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण व्यावसायिक व्यवस्थाओं की जानकारी मिली। उनकी मेहनत और लगन के कारण वे 30 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन तक पहुंचे।
लगभग पांच वर्षों के अनुभव के बाद अशोक मालवीय ने अपनी स्वयं की कॉन्ट्रैक्टिंग फर्म “शशि कंस्ट्रक्शन” की स्थापना की। कंसल्टेंसी और साइट मैनेजमेंट के बेहतरीन तालमेल के कारण उन्हें स्थानीय सड़क परियोजनाओं के टेंडर मिलने लगे। गुणवत्ता और समयबद्ध कार्यशैली ने उन्हें बाजार में एक मजबूत पहचान दिलाई। वर्तमान में उनकी फर्म रतलाम नगर के वार्ड क्रमांक 09 में सड़क एवं ड्रेनेज निर्माण कार्य कर रही है।
आज अशोक मालवीय केवल एक सफल व्यवसायी ही नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए रोजगार का माध्यम भी बने हैं। उनकी फर्म में सुपरवाइजरों सहित कई ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। उनकी प्रेरणादायक सफलता यह संदेश देती है कि यदि युवा सही दिशा में कौशल प्रशिक्षण लेकर धैर्य और मेहनत से आगे बढ़ें, तो वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
=================
ग्राम बिल्लौद, मूंदड़ी एवं बर्डिया अमरा में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित
100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों को दी स्वास्थ्य सेवाएं
मंदसौर 22 मई 26 / 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम बिल्लौद, मूंदड़ी एवं ग्राम बर्डिया अमरा में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
शिविर के दौरान एक्स-रे, सीवाई जांच, ब्लड टेस्ट, आरबीएस, एचआईवी जांच एवं सीबी-नाट जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों की जांच कर आवश्यक परामर्श भी दिया गया।
इस अवसर पर टीबी मरीजों एवं जरूरतमंद लोगों को फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना तथा टीबी रोग की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करना रहा।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
========
अज्ञात वाहन से दुर्घटना घायल होने पर 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता स्वीकृत
मंदसौर 22 मई 26 / अज्ञात वाहन से दुर्घटना में घायल होने पर 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृत कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने प्रदान की है। मोटरयान दुर्घटना पीडित प्रतिकर स्कीम 2022 के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल होने पर आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इस प्रावधान के तहत अज्ञात वाहन से घायल होने पर दिलीप पिता भेरूलाल निवासी भून्याखेड़ी को 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता मंजूर कि गई।
==================
वृक्ष कटाई के प्रकरण में राजेन्द्रसिंह पर 50 हजार रू का अर्थदण्ड अधिरोपित
मंदसौर 22 मई 26 / सीतामऊ एसडीएम श्रीमती शिवानी गर्ग द्वारा बताया गया कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखण्ड सीतामऊ न्यायालय द्वारा अवैध वृक्ष कटाई के प्रकरण में कठोर कार्यवाही करते हुए आरोपी पर पचास हजार रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।
न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 12/बी-121/2026-27 में राजेन्द्रसिंह पिता मानसिंह, जाति राजपूत, निवासी ग्राम लखवा तहसील सुवासरा द्वारा शासकीय भू सर्वे नंबर 177 एवं निजी भूमि पर स्थित इमली, महुवा तथा बबूल सहित फलदार वृक्षों की बिना अनुमति अवैध कटाई किये जाने का प्रकरण संज्ञान में आया था। प्रकरण की सुनवाई उपरांत मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 एवं संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 241 के अंतर्गत राजेंद्र सिंह पिता मानसिंह जाति राजपूत निवासी लखवा तहसील सुवासरा पर पचास हजार रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। प्रत्येक वर्ष अनेकों पेड़ कट जाने से पर्यावरण का तापमान प्रति वर्ष बढ़ा रहा है तथा आमजन से अपील है कि हरे भरे वृक्षों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध वृक्ष कटाई की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
==============
जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक 25 मई को
मंदसौर 22 मई 26 / अतिरिक्त जिला जनगण्ना अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनगणना 2027 की तैयारी हेतु जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक 25 मई 2026 को दोपहर 12:00 बजे टी.एल. बैठक के पश्चात सुशासन भवन के सभाकक्ष में होगी।
====================
अग्निवीर सेना भर्ती
ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम 1 से 12 जून तक होगी अग्निवीर भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा
परीक्षा केंद्रों पर होगा क्लर्क व स्टोर कीपर का टाइपिंग टेस्ट, एडमिट कार्ड जारी
मंदसौर 22 मई 26 / भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ‘ज्वाइन इंडियन आर्मी’ की वेबसाइट पर पंजीकृत अभ्यर्थियों की ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) 1 जून से 12 जून 2026 तक भोपाल के दो परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। विभिन्न श्रेणियों के लिए यह परीक्षा प्रतिदिन चार शिफ्टों में होगी। इस वर्ष से अग्निवीर क्लर्क और स्टोर कीपर (टेक्निकल) के पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का टाइपिंग टेस्ट भी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर ही लिया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड 15 मई 2026 से भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट (www.joinindianarmy.nic.in) पर उपलब्ध करा दिए गए हैं, जहां से अभ्यर्थी इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं।
सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) के लिए भोपाल में दो केंद्र बनाए गए हैं। पहला केंद्र आईओएन डिजिटल जोन (आईडीजेड) प्रेस्टीज श्री जयराम एजुकेशन सोसायटी, कोकता बायपास, रायसेन रोड और दूसरा केंद्र आईओएन डिजिटल जोन (आईडीजेड) आरजीपीएम, सांखेड़ी, दानिश कुंज, कोलार रोड पर स्थित है।
सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट अनिवार्य रूप से अपने साथ लाएं। साथ ही एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और निर्धारित समय पर अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।
भारतीय सेना में चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और चयन केवल योग्यता (मेरिट) के आधार पर किया जाता है। सेना भर्ती कार्यालय ने सभी अभ्यर्थियों को दलालों और धोखाधड़ी करने वालों से सावधान रहने की सख्त हिदायत दी है। भर्ती से संबंधित किसी भी प्रकार के स्पष्टीकरण या सहायता के लिए अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल के दूरभाष क्रमांक 0755-2540954 और 9039018588 पर कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
=================
25 मई गंगा दशहरा पर जन आंदोलन बनेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान”
जिलेभर में होंगे जल संरक्षण, श्रमदान और सांस्कृतिक कार्यक्रम
जल स्रोतों के संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी की जाएगी सुनिश्चित
मंदसौर 22 मई 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिन्दु संस्कृति के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी और प्रकृति एवं जन-जीवन को धन्य किया था। इस वर्ष गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए जन-जन को जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी आधारित व्यापक अभियान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की आवश्यकता है और इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता जरूरी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी विज़न के अनुक्रम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 25 मई को प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
दो चरणों में होंगे विशेष कार्यक्रम
गंगा दशहरा पर आयोजित कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जनसहभागिता से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके बाद द्वितीय चरण में गंगा दशहरा विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रमों में क्षेत्र के सांसद, विधायक, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
श्रमदान से होगा जल संरचनाओं का पुनर्जीवन
अभियान के अंतर्गत जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जाएगा। श्रमदान तथा मशीन, ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों के सहयोग से कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
इसके साथ ही घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी और बंद पड़े पुराने बोरवेल और ट्यूबवेल के पास रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सके। शासन द्वारा प्रत्येक जिले में 4 से 5 उत्कृष्ट कार्य चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक चलेगा अभियान
अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संगठनों और महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त अथवा जिला शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे।
==========



