अपराधमंदसौर जिलाशामगढ़

शामगढ़ युवक अपहरण कांड के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, थाने पहुंचते ही उलटी पड़ गई बाजी, पुलिस ने पहचाना असली चेहरा

शिकारी यहां खुद शिकार हो गया

शामगढ़ युवक अपहरण कांड के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, थाने पहुंचते ही उलटी पड़ गई बाजी, पुलिस ने पहचाना असली चेहरा

मंदसौर कोतवाली पुलिस ने वायरलेस पर कहा- ‘इसे संभालकर रखो, हम आ रहे हैं’ 

शामगढ़। किस्मत जब रूठती है, तो इंसान खुद चलकर सलाखों के पीछे पहुंच जाता है। मंदसौर जिले के शामगढ़ में एक ऐसा ही फिल्मी वाकया सामने आया है, जहां एक शातिर अपराधी दूसरे युवक को डरा-धमकाकर और मारपीट कर अपनी धौंस जमाने थाने लेकर पहुंचा था। लेकिन वहां पहुंचते ही पूरी कहानी पलट गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस को वो सुराग दे दिया, जिससे यह रंगबाज खुद कानून के शिकंजे में फंस गया। पुलिस ने जब उसका पुराना रिकॉर्ड खंगाला तो पैरों तले जमीन खिसक गई—वह कोई मामूली शख्स नहीं, बल्कि पिछले 15 सालों से फरार चल रहा कोर्ट का ‘स्थायी वारंटी’ था।

क्या है पूरा मामला:

जानकारी के अनुसार, आरोपी राकेश (पिता बालुराम राठौर), जो मूल रूप से कालाखेत बालागंज (मंदसौर) का रहने वाला है और फिलहाल शामगढ़ की लक्ष्मण कॉलोनी में रह रहा था, उसने शामगढ़ में एक युवक के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद किया। आरोपी ने सरेराह युवक के साथ मारपीट की और उसे जबरन कार में पटककर शामगढ़ थाने ले आया।

इसी दौरान इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया (व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म) पर तेजी से वायरल हो गया। शामगढ़ पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी राकेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2), 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत अपहरण और मारपीट का मामला (अपराध क्रमांक 179/2026) दर्ज कर लिया।

सोशल मीडिया पर वीडियो देख कोतवाली पुलिस कि पहचान:-

जैसे ही इस अपहरण और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मंदसौर की सिटी कोतवाली पुलिस की नजर इस पर पड़ी। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौर और उनकी टीम ने वीडियो में दिख रहे आरोपी के चेहरे और नाम को ध्यान से देखा। पुलिस का माथा ठनका कि यह हुलिया तो उनके रिकॉर्ड के एक बड़े फरार अपराधी से मिलता है।

कोतवाली पुलिस ने तुरंत शामगढ़ थाने से संपर्क कर आरोपी का नाम, पता और पूरी कुंडली मंगवाई। जब रिकॉर्ड का मिलान किया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यह वही राकेश राठौर था, जो एक-दो नहीं बल्कि 09 वर्ष, 11 वर्ष और 15 वर्ष पुराने तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में कोर्ट से स्थायी वारंटी घोषित था और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।

इन मामलों में बरसों से थी तलाश:

साल 2011: न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मंदसौर (प्रकरण क्रमांक 745/11)

साल 2013: न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री सुशील गेहलोत (प्रकरण क्रमांक 2211/2023)

साल 2017: न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री के.एस. मेड़ा (प्रकरण क्रमांक 351/2011)

कोतवाली पुलिस ने कहा- ‘इसे संभालकर रखो, हम आ रहे हैं’:- 

सच्चाई सामने आते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने शामगढ़ पुलिस को वायरलेस पर संदेश भेजा—”यह हमारे यहाँ का मोस्ट वांटेड है, इसे अपनी अभिरक्षा में सुरक्षित बिठाकर रखो, हम तुरंत आ रहे हैं।” इसके बाद कोतवाली पुलिस की टीम बिना वक्त गंवाए शामगढ़ पहुंची और आरोपी को अपनी कस्टडी में ले लिया। पूछताछ और तस्दीक के बाद पुलिस ने उसे तीनों पुराने मामलों में गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अब माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}