नीमचमध्यप्रदेश

नीमच की बेटियों ने दिखाया शौर्य, भारत विकास परिषद् का आत्मरक्षा शिविर ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न

नीमच की बेटियों ने दिखाया शौर्य, भारत विकास परिषद् का आत्मरक्षा शिविर ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न

नीमच | 10 मई 2026 सेवा संस्कार में अग्रणी भारत विकास परिषद्, शाखा नीमच द्वारा आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क आत्मरक्षा एवं खेलकूद शिविर का CSV अग्रोहा भवन में भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह में नगर की बालिकाओं ने लाठी और तलवार संचालन कर शौर्य और साहस का हैरतअंगेज प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।मीडिया प्रभारी मनोज माहेश्वरी ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर के अंतिम दिन, 8 से 19 वर्ष की बालिकाओं ने उज्जैन की प्रसिद्ध आत्मरक्षा शिक्षिका प्रांतीय महिला प्रमुख श्रीमती पूजा चित्तोड़ा एवं उनकी सहयोगी बालिकाओं सम्रद्धि चित्तोड़ा, कनिष्का जायसवाल एवं सलोनी कुशवाह के मार्गदर्शन में सीखे गए गुरों का प्रदर्शन किया। मुख्य आकर्षण एक रूपता के साथ सफ़ेद कुरते और नारंगी दुपट्टे धारण किये गए हुए बालिकाओं द्वारा किया गया पारंपरिक शस्त्र संचालन (लाठी एवं तलवार प्रदर्शन) रहा, जिसे देख अतिथियों ने बेटियों के साहस की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। प्रशिक्षण में आधुनिक आत्मरक्षा (Self Defence) के साथ-साथ विभिन्न खेलकूद एवं व्यायाम गतिविधियाँ भी शामिल रहीं।
समारोह की विशिष्ट बात यह रही कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं में बड़े उत्साह के साथ नायशा खंडेलवाल – महारानी लक्ष्मीबाई, स्वस्ति धनोतिया – स्वामी विवेकानंद, मनस्वी राज चंद्रावत – छत्रपति शिवाजी, आयुषी अग्रवाल – अहिल्या बाई का रूप धारण करके आये और प्रशिक्षण सहयोगी बालिकाओं सम्रद्धि चित्तोड़ा, कनिष्का जायसवाल एवं सलोनी कुशवाह के पारंपरिक शस्त्र संचालन लाठी एवं तलवार प्रदर्शन को देखकर परिषद् की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती सुचित्रा दिलीप सिंह परिहार से भी रहा नहीं गया और उन्होंने भी तलवार संचालन का साहसिक प्रदर्शन किया जिसे सभी ने सराहा।
शिविर में शामिल समस्त प्रतिभागी बालिकाओं को परिषद् परिवार की ओर से सहभागिता के लिए प्रशंसा पत्र से सम्मान करते हुए सभी प्रशिक्षु बालिकाओं को एक – एक लाठी भेंट की ताकि उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत रहे और वे निरंतर इसका अभ्यास करती रहें। परिषद् की ओर से मात्र 3 दिनों में ही प्रशिक्षण में पारंगत हो चुकी 25 बालिकाओं को उपहार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया । सायं 5:00 बजे आयोजित समापन समारोह में प्रशिक्षु बालिकाओं के जोश और ऊर्जा से भरपूर इस समारोह में विशिष्ट अतिथि श्री निर्मल जी जैन “रारा” ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बेटियों का आत्मनिर्भर और सशक्त होना अनिवार्य है। इस अवसर पर मध्य भारत पश्चिम के रीजनल सचिव संपर्क श्री प्रदीप चोपड़ा, प्रांतीय संरक्षक श्री सुनील सिंहल, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री अशोक मंगल, नगर समन्वयक श्री राजेश गट्टानी एवं श्रीमती सुचित्रा परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति गौरव चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षु बालिकाओं के परिवारजन, नगर के गणमान्य नागरिक, परिषद् परिवार के सदस्य और मातृशक्ति उपस्थित रही।
भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर मंचासीन अतिथियों द्वारा पुष्पार्पण पश्चात् मंचासीन अतिथियों का स्वागत दुपट्टे एवं मोती की माला से सचिव सतीश गोयल, कोषाध्यक्ष संदीप दरक, जितेन्द्रसिंह शक्तावत, महेश वर्धानी, राजेश जायसवाल, मुकेश डबकरा एवं शाखा महिला सह-संयोजिका हेमा गुप्ता, महिला सह-संयोजिका सुनीता सिंहल, सुनीता मंगल, सरिता पोरवाल द्वारा किया गया।
परिषद् के अध्यक्ष पुरुषोत्तम गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए शिविर में 150 से अधिक संख्या में पंजीकृत समस्त बालिकाओं के परिजनों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सभी ने गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए अपनी बालिकाओं को इस शिविर के माध्यम से आत्मरक्षा के गुर सीखने के लिए प्रोत्साहित किया और परिषद् का यह प्रयास नीमच की बेटियों में आत्मविश्वास भरने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
शिविर संयोजिका श्रीमती मीना जायसवाल ने बताया कि पूर्व पंजीयन की अनिवार्य प्रक्रिया एवं तीनों दिन प्रशिक्षण के सभी सत्रों में अनिवार्य सहभागिता के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्राओं ने इस अनुशासनबद्ध प्रशिक्षण का लाभ उठाया। यह शिविर न केवल शारीरिक सशक्तिकरण बल्कि मानसिक सुदृढ़ता की दृष्टि से भी बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ है।
परिषद् महिला प्रमुख श्रीमती सुनीता चौधरी ने विशेषज्ञ प्रशिक्षिका श्रीमती पूजा चित्तोड़ा (उज्जैन) का विशेष आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने अपने अद्भुत कौशल से बालिकाओं को लाठी और शस्त्र संचालन में निपुण बनाया। साथ ही सी.एस.वी. अगोहा भवन को इस सेवा कार्य के लिए न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराने के लिए समस्त कार्यकारिणी एवं दानदाताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आपके आर्थिक और नैतिक सहयोग ने इस पुनीत विशिष्ट आयोजन को भव्यता प्रदान की। समाज के प्रति आपकी यह संवेदनशीलता अनुकरणीय है। आपने कहा कि परिषद परिवार के सभी कर्मठ सदस्यों के निस्वार्थ परिश्रम और कुशल प्रबंधन एवं शिविर के दौरान समस्त मातृ शक्ति की निरंतर गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन ने बालिकाओं के भीतर नई ऊर्जा और सुरक्षा की भावना जागृत की। आप सभी के सहयोग के बिना यह विशाल आयोजन संभव नहीं था।
राष्ट्रगान पश्चात सभी अतिथियों के स्वल्पाहार के साथ समारोह का समापन हुआ
कार्यक्रम का सफल संचालन सचिव सतीश गोयल एवं पूर्व अध्यक्ष सुशिल गट्टानी ने किया।
तीन दिन तक छः सत्रों में आयोजित इस शिविर को ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न कराने में परिषद् के सक्रिय सदस्य अशोक अग्रवाल, राजेश जायसवाल, मुकेश डबकरा, मनोज माहेश्वरी, हिम्मत सिंह चंद्रावत, आशीष मित्तल, शिखर जैन, आदित्य मालू, जितेन्द्रसिंह शक्तावत, महेश वर्धानी, सुनीश चौरडिया, राजेश गट्टानी, रवि पोरवाल, अनिल चौधरी, पिन्टू शर्मा एवं मातृशक्ति शाखा महिला सह-संयोजिका हेमा गुप्ता, महिला सह-संयोजिका सुनीता सिंहल, सुनीता मंगल, सरिता पोरवाल. अर्चना ग‌ट्टानी, उर्मिला जैन, संगीता गोयल, नीतू मित्तल, माधवी जाधव, माया पोरवाल, अंजना गोयल, टीना दरक, रेखा नायर आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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