
रिपोर्टर जितेंद्र सिंह चंद्रावत जडवासा
जिंदा महिला को मृत बताकर सरकारी रिकॉर्ड से किया ‘आउट’, अब भटक रही पीड़िता खुद को जिंदा साबित करने के लिए
पिपलौदा/रतलाम। नगर के समीप स्थित ग्राम खेड़ा कलालिया में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक जीवित महिला को ग्राम पंचायत के दस्तावेजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया। आलम यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में मृत होने के कारण पीड़िता अब तमाम शासकीय योजनाओं से वंचित हो गई है। पीड़िता ने अनुविभागीय अधिकारी शिकायत दर्ज की।
ग्राम खेड़ा कलालिया की निवासी और वार्ड क्रमांक 14 की पंच, रईसा बाई पति जगदीशनाथ ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन कागजों में उन्हें मृत बता दिया गया है। पीड़िता के अनुसार, सरपंच गोपाल कुंवर और सचिव बापू जाट की मिलीभगत से 15 जनवरी 2023 को उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा दिया गया।
योजनाओं का लाभ बंद, पीड़िता परेशान
महिला ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में खुद को मृत देखकर उनके होश उड़ गए। मृत घोषित होने के बाद से उनका नाम सभी सरकारी योजनाओं की सूची से काट दिया गया है, जिससे उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर ग्रहण लग गया है। इस लापरवाही के कारण उन्हें अपना हक पाने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
दोषियों पर कार्रवाई की मांग सोमवार को रईसा बाई ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा ग्राम पंचायत सचिव द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास ई केवाईसी करने के दौरान एक दो अंक इधर-उधर होने से यह मिस्टेक हो गई है जहां पर की जीवित महिला को मृत कर दिया गया जिसको लेकर मेरे द्वारा सीईओ को लेटर भेजा जा चुका है। जल्द ही ई केवाईसी के दौरान हुई ग़लती को सुधारा जाएगा।



