मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 25 अगस्त 2026 मंगलवार

एसडीएम किसानों की जमीन का ई-विकास पोर्टल पर तुरंत सत्यापन करें : कलेक्टर श्री कटेसरिया

आबकारी विभाग सक्रिय होकर प्रभावी कार्यवाही करें

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने सोमवार को साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।

सभी एसडीएम किसानों की जमीन का सत्यापन कर फार्मर आईडी जनरेट कराएं

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम ई-विकास पोर्टल पर किसानों की जमीन का सत्यापन तत्काल सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सत्यापन के कार्य में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होना चाहिए। किसानों की फार्मर आईडी शीघ्र जनरेट कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी किसानों के लिए विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में महत्वपूर्ण है। इसलिए संबंधित अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करें।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का संतुष्टि पूर्वक निराकरण करें

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि शिकायतों का तत्काल एवं संतुष्टि पूर्वक निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी बिल्कुल नहीं होना चाहिए। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवेदक की शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण की कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर ने आबकारी विभाग की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विभाग सक्रिय होकर प्रभावी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर एवं प्रभावी रूप से दिखाई देनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर ने बैठक के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों से भी पूछा कि क्या आबकारी विभाग के द्वारा कार्यवाही की जाती है। अगर किसी ने कार्यवाही होते हुए देखी है या सुना है, कही पड़ा है तो बताएं। इस पर किसी भी अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।

बैठक में कलेक्टर ने समय सीमा के प्रकरणों की एक-एक कर गंभीरता से समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पेंशन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, नगर निगम आयुक्त श्री अनिल भाना सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर रोज प्रभावी कार्यवाही करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : कलेक्टर श्री कटेसरिया

नारकोटिक्स रोकथाम बैठक में कलेक्टर ने जताया कड़ा असंतोष, कहा—अगली बैठक में कार्रवाई का पूरा हिसाब लेकर आएं

जिले में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

“क्या किसी ने इन विभागों की कार्रवाई देखी, सुनी या पढ़ी है?”—कलेक्टर ने जताया कड़ा असंतोष

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग एवं ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई पर कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों विभागों की कार्रवाई प्रभावी और लगातार दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्रवाई यदि हो भी रही है तो वह जनता के बीच दिखाई नहीं दे रही है।

कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से सवाल किया, “क्या किसी ने इन विभागों की कार्रवाई होते हुए देखी है, किसी ने सुना है या कहीं पढ़ा है?” इस पर बैठक में कोई भी अधिकारी जवाब नहीं दे सका। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रतिदिन सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उसका प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए। इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।

ड्रग इंस्पेक्टर से मांगा अगस्त माह की कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड

कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए कि अगस्त माह के दौरान विभाग द्वारा की गई सभी कार्रवाई का विस्तृत विवरण तत्काल प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सबसे पहले इसी विषय पर चर्चा होगी और यह बताया जाएगा कि कितनी कार्रवाई की गई तथा उसके क्या परिणाम रहे। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को भी निर्देश दिए कि अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने पुलिस एवं संबंधित विभागों को मादक पदार्थों की तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफेमा अधिनियम सहित उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए।

उन्होंने स्कूलों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने, व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा आरटीओ के माध्यम से बसों में नशामुक्ति संबंधी फ्लेक्स एवं बैनर लगाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नशे के दुष्प्रभावों का संदेश पहुंच सके।

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हाईवे से बंपर हटाए एवं कनेक्टिंग रोड पर बंपर लगाए : कलेक्टर श्री कटेसरिया

108 एंबुलेंस द्वारा लापरवाही करने पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करे
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट, अवैध कट, स्पीड ब्रेकर तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने निर्देश दिए कि हाईवे से अनावश्यक बंपर हटाए जाएं तथा हाईवे से जुड़ने वाली सभी कनेक्टिंग एवं साइड सड़कों पर आवश्यकतानुसार बंपर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि बंपर मुख्य हाईवे पर नहीं, बल्कि साइड रोड पर लगाए जाने चाहिए, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारू रहे और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। उन्होंने निर्देश दिए कि किन स्थानों पर बंपर लगाए जाने हैं, इसका सर्वे कराया जाए। आगामी बैठक में पुलिस द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए कि संबंधित विभागों द्वारा निर्देशानुसार बंपर लगाए गए हैं अथवा नहीं। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर ने एमपीआरडीसी की सड़कों पर एक ही स्थान पर बनाए गए अधिक संख्या में स्पीड ब्रेकरों को भी कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक साथ छह ब्रेकर होने से भी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है, इसलिए आवश्यकतानुसार इनकी संख्या कम की जाए। जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट से जुड़ने वाली सड़कों पर भी आवश्यकतानुसार बंपर लगाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एमपीआरडीसी द्वारा बताया गया कि जिले में चिन्हित 30 अवैध कट में से 24 अवैध कट बंद किए जा चुके हैं, जबकि 6 अवैध कट शेष हैं। कलेक्टर ने शेष सभी अवैध कट तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पूर्व यह भी अध्ययन किया जाए कि संबंधित स्थान पर वास्तव में कट की आवश्यकता है अथवा नहीं। यदि किसी स्थान पर नियमानुसार कट की आवश्यकता हो तो उसे वैध बनाने की प्रक्रिया अपनाई जाए। अवैध कट बंद करने की कार्रवाई के दौरान निर्धारित गाइडलाइन एवं नियमों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

108 एंबुलेंस की लापरवाही पर एफआईआर के निर्देश

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने 108 एंबुलेंस सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यदि एंबुलेंस संचालन के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही अथवा गलत कार्य किया जाता है तो पुलिस द्वारा नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत, एडिशनल एसपी, सड़क सुरक्षा समिति के सचिव श्री महेंद्र चौहान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का आयोजन 07 सितम्बर से 12 सितम्बर 2026 तक

परीक्षार्थियों के लिए नवीन जाँच प्रक्रिया लागू

परीक्षा प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री संजय कुमार ने बताया कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का आयोजन 07 सितम्बर 2026 से 12 सितम्बर 2026 तक कुल 6 दिवस, एक सत्र में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक ऑफलाइन पद्धति से किया जाएगा।

राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों हेतु परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान त्रिस्तरीय नवीन जाँच प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत सीसीटीवी सर्विलेंस, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्केनिंग, एचएचएमडी के माध्यम से तलाशी एवं VOIP की व्यवस्था आयोग द्वारा अनुबंधित एजेंसी एसपीए (Innovatiview India Limited) के माध्यम से की गई है।

इसके अंतर्गत परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर अनिवार्यतः परीक्षा समय के 90 मिनिट पूर्व पहुँचना होगा। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों की त्रिस्तरीय जाँच की जाएगी। परीक्षा केन्द्र के प्रवेश द्वार के समीप अनुमत एवं वर्जित वस्तुओं की जानकारी चस्पा होगी, जिसका पूर्णतः पालन करना होगा।

परीक्षार्थियों की HHMD के माध्यम से जाँच (Frisking) की जाएगी, जिसमें पुरुष परीक्षार्थियों की जाँच पुरुष वीक्षकों द्वारा एवं महिला परीक्षार्थियों की जाँच महिला वीक्षकों द्वारा निर्धारित कक्ष में की जाएगी। ट्रांसजेण्डर अभ्यर्थियों के पास अपनी फ्रिस्किंग महिला अथवा पुरुष कर्मचारी से करवाने का विकल्प रहेगा।

परीक्षार्थी स्वयं के साथ केवल बॉलपेन एवं एक पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र व आईडी कार्ड साथ में ला सकते हैं। आवश्यक दवाईयां भी साथ लाई जा सकती हैं।

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दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई, मावा-घी सामग्री जप्त

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री कमलेश जमरा द्वारा जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आलोट क्षेत्र के ग्राम शेरपुर खुर्द स्थित श्री कृष्णा दूध डेयरी एवं मावा भंडार पर कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान भैंस के दूध, घी, मावा तथा घी एवं मावा में मिलाए जाने वाले वनस्पति के नमूने लिए गए। मिलावट की आशंका के चलते मौके से 58 किलोग्राम घी, अनुमानित मूल्य 31 हजार 900 रुपए, 150 किलोग्राम मावा, अनुमानित मूल्य 30 हजार रुपए तथा 10 किलोग्राम वनस्पति, अनुमानित मूल्य 1 हजार 400 रुपए जप्त किया गया। जप्त सामग्री को जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक सुरक्षित रखा गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा लिए गए सभी नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जाएंगे। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबल 2.0 योजना अंतर्गत जिले के कुल 75 श्रमिक परिवारों को 1 करोड़ 58 लाख रुपये की सहायता राशि का वितरण किया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 24 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना अंतर्गत 9 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 203 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया।

रतलाम जिले के कुल 75 श्रमिक परिवारों को 1 करोड़ 58 लाख रुपये की सहायता राशि का वितरण किया गया। जिला स्तर पर कार्यक्रम NIC कक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं संबल योजना के हितग्राही ने उपस्थित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उद्बोधन सुना एवं देखा।

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औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हरसंभव सहयोग एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा : कलेक्टर श्री कटेसरिया

कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्र का किया भ्रमण

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योगों को आवश्यक प्रोत्साहन, सहयोग एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। उद्योगों की आवश्यकताओं को समझते हुए उनके विकास एवं विस्तार में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने जिले के औद्योगिक क्षेत्र एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन औद्योगिक क्षेत्र तथा अल्कोहल प्लांट का निरीक्षण कर वहां चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रगतिरत विद्युत ग्रिड निर्माण एवं विद्युत लाइन के विकास कार्यों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य पूर्ण होने के पश्चात भूखण्डों के आवंटन की प्रक्रिया, भूखण्डों के दर निर्धारण तथा उद्योग स्थापना के लिए आवंटित भूखण्डों पर इकाइयों को उपलब्ध कराई जाने वाली समय-सीमा के संबंध में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्यों को बेहतर समन्वय के साथ गति प्रदान की जाए, ताकि आगामी समय में अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके।

कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण कर उनके द्वारा निर्मित उत्पादों, उत्पादन प्रक्रिया, आधुनिक मशीनरी, कच्चे माल, बाजार एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उद्योग संचालकों से उनकी आवश्यकताओं एवं संभावनाओं के संबंध में भी चर्चा की और उद्योगों के विस्तार के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी ली।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने ऋषभ इंडस्ट्रीज पहुंचकर स्टेशनरी सामग्री निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने स्टेशनरी निर्माण में उपयोग की जा रही मशीनों एवं तकनीक की जानकारी लेते हुए उत्पादन प्रक्रिया को बारीकी से समझा। उन्होंने तैयार उत्पादों के सप्लाई एवं बाजार के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

इसके पश्चात उन्होंने अजमेरा स्टील का भ्रमण किया। यहां उन्होंने रि-रोलिंग प्रक्रिया से तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया को समझा तथा अलग-अलग आकार के पाइप निर्माण में उपयोग की जा रही मशीनों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।

कलेक्टर ने उद्योगों द्वारा संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं पर्यावरण अनुकूल पहल की सराहना की। उन्होंने उद्योग में 100 प्रतिशत वेस्ट के उपयोग तथा सोलर पैनल लगाए जाने के कार्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने मालपानी पाइप उद्योग का भी भ्रमण किया। उन्होंने वहां फाइबर केबल एवं स्प्रिंकलर पाइप सहित विभिन्न उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया और उद्योग की उत्पादन क्षमता एवं बाजार की संभावनाओं की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने कहा कि रतलाम जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि उद्योगों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों और नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित हो। उन्होंने कहा कि जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन की ओर से हरसंभव प्रोत्साहन, सहयोग एवं मदद लगातार उपलब्ध कराई जाएगी। औद्योगिक विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

भ्रमण के दौरान महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र सहित संबंधित अधिकारी एवं औद्योगिक इकाइयों के संचालक उपस्थित रहे।

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कलेक्टर एवं एसपी ने गढ़ कैलाश मंदिर से शाही सवारी का पूजन कर किया शुभारंभ

सावन माह के अंतिम सोमवार के अवसर पर गढ़ कैलाश सेवा समिति द्वारा आयोजित शाही सवारी का सोमवार को गढ़ कैलाश मंदिर से विधिवत शुभारंभ हुआ। कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने भगवान गढ़ कैलाश की पूजा-अर्चना एवं आरती कर शाही सवारी की पालकी का पूजन किया और सवारी का शुभारंभ किया।

सवारी प्रारंभ होने से पूर्व कलेक्टर श्री कटेसरिया ने गढ़ कैलाश मंदिर में भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की तथा जिले में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने शाही सवारी की पालकी को अपने कंधों पर उठाकर कुछ दूरी तक सहभागिता की। शाही सवारी में श्रद्धालुओं ने उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ सहभागिता की।

इस अवसर पर जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य श्री प्रदीप उपाध्याय सहित गढ़ कैलाश मंदिर सेवा समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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दत्तक ग्रहण के माध्यम से बालक को मिला नया आशियाना

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने वात्सल्य भाव से बालक को दुलारा, नवीन परिवार के सुपुर्द किया

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में जिले में बाल अधिकारों के संरक्षण एवं प्रत्येक बालक को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक और सुखद पहल हुई। कलेक्टर कार्यालय में आज दत्तक ग्रहण संबंधी प्रकरण में आदेश जारी कर शिशु गृह रतलाम में निवासरत बालक वेद (परिवर्तित नाम) को विधिवत दत्तक ग्रहण हेतु उसके दत्तक माता-पिता के सुपुर्द किया गया।

इस भावुक अवसर पर कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने बालक को वात्सल्य से दुलारा और उसे स्नेह एवं आशीर्वाद दिया। बालक को अपने हाथों से स्नेहपूर्वक दुलारते हुए कलेक्टर ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान वातावरण में अपनत्व और वात्सल्य की भावनाएं स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। बालक को एक ऐसा परिवार मिला, जहां उसे प्रेम, सुरक्षा, अपनापन और अपनेपन से भरा बचपन मिल सकेगा। दत्तक माता-पिता ने बालक को पूरे स्नेह, सुरक्षा और अपनत्व के साथ पालने तथा उसे बेहतर शिक्षा, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया।

दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के माध्यम से बालक को अब एक सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं पारिवारिक वातावरण प्राप्त हुआ है, जो उसके समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर श्री कटेसरिया ने कहा कि प्रत्येक बालक को परिवार का प्यार और संरक्षण मिलना उसका अधिकार है। दत्तक ग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी बालक को परिवार, अपनापन और जीवनभर का स्नेह देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बालकों को सुरक्षित एवं प्रेमपूर्ण परिवार उपलब्ध कराने की दिशा में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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विद्यार्थी विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य हैं : मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आज लखनऊ में “चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) और ईसीआईएनईटी” पर दूसरा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का उद्देश्य युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों सहित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, विद्यार्थियों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं के ज्ञान और समझ को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र को समृद्ध करने के लिए चुनावी परिषदें अनिवार्य हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही कराए जाते हैं और राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की समवर्ती लेखापरीक्षा के तहत सभी चरणों में पारदर्शिता के साथ संचालित होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं तथा भारतीय चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया। युवा नागरिकों की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में उनका विश्वास और सूचित भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में एक निवेश है। ईएलसी 2.0, जिसका ताना “लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।” है, युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को न केवल लोकतंत्र को समझने के लिए बल्कि सार्थक रूप से भाग लेने और इसकी प्रगति में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को सुदृढ़ करता है।

श्री ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को अपने पुराने विद्यालय, कोल्विन तालुकदार कॉलेज का दौरा किया और वहां के शिक्षकों और छात्रों से बातचीत की। कल, दौरे के दूसरे दिन मुख्य आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार उत्तर प्रदेश के बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बातचीत करेंगे।

ईएलसी 2.0 चुनावी साक्षरता क्लबों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संरचित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफार्मों के रूप में पुनर्परिभाषित करता है। इस पहल में युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और उनके परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों में चुनावी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर, वर्ष भर चलने वाली गतिविधियों की परिकल्पना की गई है। ईएलसी 2.0 व्यापक ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगा, जो एक बटन के क्लिक पर नामांकन से लेकर मतदान तक सभी चुनाव संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। ईसीआईएनईटी पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल का उपयोग करके ईएलसी का एक सुव्यवस्थित अखिल भारतीय नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भारत के विशाल शैक्षिक तंत्र को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण है, जिसमें लगभग 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ विद्यार्थी और एक करोड़ से अधिक शिक्षक शामिल हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और लगभग 70,000 शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं। इस व्यापक संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से, ईएलसी 2.0 तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देना चाहता है, भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता, अखंडता और विश्वसनीयता के बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहता है, और युवा नागरिकों को सूचित लोकतांत्रिक भागीदारी के राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है। ईएलसी (इलेक्ट्रॉनिक लीगल सेंटर) चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, जिनमें चुनावी पंजीकरण, मतदान और मतगणना शामिल हैं, के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए मंच के रूप में भी काम करेंगे, साथ ही ईसीआईएनईटी ऐप और भारत निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों के माध्यम से भी जानकारी प्रसारित करेंगे।

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दुग्ध उत्पादन में बनेगा मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिला और संभाग स्तर पर होंगे कृषि नवाचार संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि संकाय के विद्यार्थियों, किसानों और कृषि स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों से किया संवाद
रवीन्द्र भवन में हुआ कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा शक्ति को उन्नत खेती से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के निर्यात पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है। बदलते दौर में खेती का भी समय बदला है। नई तकनीक और नई फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ा रहना आवश्यक है। युवा कृषि संकाय की पढ़ाई कर अपने लिए भविष्य के लिए नए रास्ते बनाएं। किसान, वेयरहाउस, पॉली हाउस स्थापित करें। मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। राज्य सरकार मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना चाहती है। दुग्ध उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने में विशेष रूप से सहायक है। राज्य सरकार के प्रयासों से किसानों को अब दूध के दाम 8 से 10 रुपए प्रति लीटर अधिक मिलने लगे हैं। प्रदेश में प्रतिवर्ष एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना शीघ्र ही क्रियान्वित की जाएगी, इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा। पशुपालकों को उन्नत नस्लें उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। किसान खेती के माध्यम से कई लोगों को आजीविका का साधन उपलब्ध करता है और प्रकृति की सेवा भी करता है। किसान का हित राज्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश युवा आयोग द्वारा आयोजित कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवीन्द्र भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, कृषि स्टार्टअप प्रतिनिधियों, एग्रीकल्चर इन्फ्लुएंसर्स तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार कर रहे व्यक्तियों से संवाद किया।

युवा कृषि की नई तकनीक अपनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने अगले 5 साल में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हमारी कोशिश है कि हर गांव तक स्वच्छ पेयजल और हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाए। उन्होंने कहा कि हजारों सालों से हमारी पहचान कृषि प्रधान देश की है। राज्य सरकार खेती में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर प्रकार से मदद कर रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू करवाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में समृद्ध बनाने के लिए संभाग और जिलास्तर पर कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़ने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को फसल के लिए एमएसपी पर उचित मूल्य मिले, इसके लिए राज्य सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने किसानों को एमएसपी पर हर साल बोनस देकर गेहूं खरीदा है। मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक गेहूं की खरीद करने वाला राज्य बना है। सोयाबीन की फसल पर भी किसानों को भावांतर योजना के अंतर्गत लाभ दिया गया है।

खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आय बढ़ाने के उद्देश्य से युवाओं को बहुफसलीय खेती करने, कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान कृषि यंत्रों की नई तकनीक को आत्मसात करते हुए नवाचारी तरीकों को आगे बढ़ाएं। पहले किसान एक फसल लेकर काम चलाते थे, अब दो से तीन फसलें लेने और वैकल्पिक खेती से किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के प्रति प्रतिबद्धता से निर्णय लेते हुए कृषक कल्याण वर्ष की शुरुआत की है। इसमें फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता के विकास पर विशेष जोर है। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना हमारा लक्ष्य है।

कृषि क्षेत्र में नवाचार पर हुआ संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कृषि संकाय के विद्यार्थियों, कृषि क्षेत्र में नवाचार कर रहे उद्यमियों और कृषकों ने संवाद किया। इसके अंतर्गत उद्यानिकी फसलों, मोती और मशरूम, एवाकाडो, सोना मोती गेहूं की खेती, पॉली हाऊस, मधुमक्खी पालन, जैसे नवाचारों, कृषि तकनीक पर विकसित एप, शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों आदि पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेत-खलिहान से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को सकारात्मकता के साथ कृषि क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले बंगाल से मछली का बीज मध्यप्रदेश लाकर मछुआरे भाई उत्पादन करते थे। प्रदेश में तालाब और जलाशयों की संख्या पर्याप्त संख्या है। राज्य सरकार ने मछली के बीज तैयार करने के लिए तीन हैचरी की शुरुआत की है। मत्स्य पालन के माध्यम से भी युवा बेहतर लाभ कमा रहे हैं।

प्रदेश में युवाओं को कृषि और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने की मुहिम जारी

खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि विकसित भारत के लिए मूल आधार कृषि ही है। भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने चार वर्गों- गरीब, किसान, युवा और नारी के कल्याण की बात कही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि और किसान को समृद्धशाली बनाने के लिए यह वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। प्रदेश में युवाओं को कृषि और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने की मुहिम जारी है। युवा ही परिवर्तन का आधार बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वर्णिम मध्यप्रदेश और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी, कृषि महाविद्यालयों के फैकल्टी मेंबर, कृषि वैज्ञानिक, कृषि स्टार्टअप प्रतिनिधि, युवा सरपंच, कृषि शोधकर्ता, कृषि क्षेत्र में नवाचारों के साथ कार्य करने वाले युवा साथी और कृषि प्रभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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वर्तमान समय में स्किल नई करेंसी और इनोवेशन नई इकोनॉमी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत को उसके सामर्थ्य से परिचित कराया
मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और यहां पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं
“एक संस्थान–एक संकल्प” का विचार मध्यप्रदेश के भविष्य निर्माण की कार्ययोजना है
प्रदेश में स्थित केन्द्रीय संस्थाओं की समृद्ध मध्यप्रदेश @ 2047 के लक्ष्य प्राप्ति में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक दिवसीय कॉन्क्लेव
विभिन्न संस्थानों के बीच हुआ एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सभी क्षेत्रों में सशक्त हो रहा है। भारत के पास अपने सामर्थ्य से हर प्रकार की चुनौती से निपटने की क्षमता है। जिस प्रकार रामायण में जामवंत ने समुद्र लांघने के लिए हनुमान जी को उनकी शक्ति से परिचित कराया था, उसी प्रकार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत को उसके सामर्थ्य से परिचित कराया है। आज स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनामी। हमारी संस्थाओं को कौशल, शोध, नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनना होगा। पब्लिकेशन से लेकर पेटेंट तक, पेटेंट से प्रोटोटाइप तक और प्रोटोटाइप से लेकर एंटरप्राइज की इकोनामिक और नॉलेज वैल्यू चैन की स्थापना करनी होगी। मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और प्रतिभाशाली युवा, प्राकृतिक संसाधन, कृषि शक्ति, उद्यमशीलता और औद्योगिक क्षमता हमारे संसाधन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीटयूशन्स फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्जलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।

“वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” रही कॉन्क्लेव की थीम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्मारिका-समृद्ध मध्यप्रदेश @ 2047 केन्द्रीय संस्थाओं का सम्मेलन विमोचन किया। कॉन्क्लेव अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा आयोजित किया गया। “वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” की थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश में स्थित केन्द्रीय संस्थाओं की समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्य प्राप्ति में भागीदारी और सहभागिता सुनिश्चित करना है। कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में विभिन्न संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।

संस्थानों में उपलब्ध ज्ञान और तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों का एक मंच पर एकत्र होना मध्यप्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। इससे संस्थानों को अपनी उपलब्धियां, विशेषज्ञता और भविष्य की योजनाएं साझा करने के साथ प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप योगदान देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि संस्थानों में उपलब्ध ज्ञान और तकनीक का लाभ प्रयोगशालाओं और परिसरों तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। “एक संस्थान–एक संकल्प” केवल एक विचार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के भविष्य के निर्माण की कार्ययोजना है। प्रत्येक संस्थान प्रदेश के विकास से संबंधित ऐसा व्यावहारिक संकल्प ले, जिसे निश्चित समय-सीमा में धरातल पर उतारा जा सके। राज्य सरकार इन संकल्पों और नवाचारों को क्रियान्वित करने में पूरा सहयोग प्रदान करेगी।

स्पष्ट दृष्टि और सामूहिक इच्छाशक्ति से समस्याओं का समाधान संभव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया के अनेक देशों ने विपरीत परिस्थितियों से उभरकर ज्ञान, अनुशासन और तकनीकी क्षमता के आधार पर उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान भारत भी रक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान, डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। आधुनिक तकनीक ने देश की सीमाओं की सुरक्षा और विभिन्न चुनौतियों से निपटने की हमारी क्षमता को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ परस्पर सहयोग भी आवश्यक है। प्रत्येक राज्य आगे बढ़ेगा, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। राजस्थान के साथ वर्षों से लंबित जल संबंधी विषयों को संवाद और सहयोग से आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पष्ट दृष्टि और सामूहिक इच्छाशक्ति से जटिल समस्याओं का भी समाधान संभव है।

युवाओं के कौशल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन, भूमि, युवा शक्ति और संस्थागत क्षमता उपलब्ध है। आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं के कौशल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए। केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय संस्थान कौशल विकास, अनुसंधान, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, उद्योग और नवाचार के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करें। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश का संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित होगा।उन्होंने कहा कि शासन, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और उद्योगों के बीच प्रभावी समन्वय से मध्यप्रदेश ज्ञान एवं नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। संस्थानों द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान प्रदेश की वास्तविक समस्याओं के समाधान और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले होने चाहिए।

विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में सहभागी सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव, ज्ञान और संकल्प से “समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” की परिकल्पना को नई गति मिलेगी तथा विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

अगली पीढ़ी को सर्वश्रेष्ठ सौंपना है

मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 विजन डॉक्यूमेंट विकसित भारत का एक लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सप्त संकल्प बताए हैं। मध्यप्रदेश तकनीक और नवाचारों में अग्रणी राज्य है। वर्ष 2047 के लिए प्रदेश के विकासोन्मुख सभी प्रयासों को एक सूत्र में बांधना हमारा लक्ष्य है। इसमें सिविल सोसाइटी, उद्यमी, संस्थानों और हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। जब कोई विकासशील राज्य, विकसित राज्य के लक्ष्य की ओर बढ़ता है तो उसे हर क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और परिणामूलक कार्यों की आवश्यकता होती है। हम ऐसे बड़े लक्ष्य तय करें, जो हमें अपने सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनाए। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बहुत अधिक फोकस है, हमें हमारे युवाओं को एआई की चुनौती का सामना करने के उद्देश्य से कौशल सम्पन्न बनाना होगा। सभी केन्द्रीय संस्थान अपने-अपने क्षेत्र में संकल्प लें और परिणाम देने के उद्देश्य से कार्य करें। विकसित मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी सिर्फ शासन की नहीं, बल्कि हम सभी की है। यह ध्यान रखे कि हमारी अगली पीढ़ी, इस पीढ़ी के प्रयासों का मूल्यांकन करेगी और यह आकलन भी करेगी कि उसे क्या सौंपा गया। हमें अपनी अगली पीढ़ी को सर्वश्रेष्ठ सौंपना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, विकास के नए सौपान अर्जित करेगा

अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष श्री प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने पिछले साल समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 विजन डॉक्यूमेंट जारी किया था। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के विजन को मजबूती प्रदान करता है। मध्यप्रदेश चयनित 15 से अधिक प्रमुख सेक्टर में कार्य करते हुए विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस श्रेणी में कृषि, वानिकी, ग्रामीण विकास, नवकरणीय ऊर्जा, टेक्नोलॉजी एंड साइंटिफिक रिसर्च, डिफेंस एंड स्ट्रैटजिक इंस्टीट्यूशन मैनेजमेंट, ह्यूमैनिटी, एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट, डिजाइन, डेवलपमेंट एंड कल्चर और स्पोर्ट्स शामिल हैं। सभी के प्रतिनिधि इस कॉन्क्लेव में मौजूद हैं। इसमें राज्य के 60 से अधिक संस्थाएं शामिल हैं। इस क्रम में नॉलेज डिपॉजेटरी पोर्ट्ल आरंभ किया जाएगा, जिस पर संस्थाएं अपने विचार साझा कर सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नित नए सौपान अर्जित करेगा।

केंद्रीय संस्थान के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के समग्र विकास के संबंध में रखें विचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस सत्र को सुशासन संस्थान के चीफ साइंटिफिक एडवाइजर श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा ने मॉडरेट किया। प्रतिनिधियों ने सेमीकंडक्टर तकनीक, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, होम स्टे प्रशिक्षण, शारीरिक शिक्षण और खेलों के लिए प्रशिक्षण, क्रिटिकल एलिमेंट्स पर शोध, गांवों में स्मार्ट विलेज बनाने के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने और प्रदेश के समग्र विकास के बारे में विचार रखे। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के निदेशक श्री स्वरोचित सोमवंशी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक श्री अशोक कड़ेल, केंद्रीय संस्थानों के निदेशक और प्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों के कुलगुरु सहित बड़ी संख्या में नीति-निर्माता और विद्वान उपस्थित थे।

13 एमओयू हुए

कॉन्क्लेव में प्रदेश में शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के साथ 13 एमओयू किए गए। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) ग्वालियर, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल, आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) भोपाल, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) भोपाल, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (एबीवी-आईआईआईटीएम) ग्वालियर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) भोपाल, सीएसआईआर-उन्नत सामग्री एवं प्रक्रिया अनुसंधान संस्थान (एएमपीआरआई) भोपाल, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) भोपाल, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) भोपाल तथा प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंदौर शामिल हैं। इसके साथ ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल और डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के बीच भी एमओयू हुआ।

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राज्य सरकार हमेशा श्रमिकों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राखी से पहले हजारों श्रमिकों के लिए उमंग और उल्लास लेकर आई संबल योजना की राशि
प्रदेश के 9149 संबल हितग्राहियों को मिली 203 करोड़ रुपए अनुग्रह सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण योजना (संबल) 2.0 के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री निवास से जारी की 11वीं किश्त

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी हमारे लिए सबसे पहले है। हमारे श्रमिक अपने खून-पसीने से विकसित मध्यप्रदेश की नींव तैयार कर एक-एक ईंट जोड़ रहे हैं। हर परिस्थिति में श्रमिकों की कठिनाई को दूर करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों पर विपत्ति आने, घर चलाने वाले के असामयिक निधन, अचानक आर्थिक संकट आने पर लोग साथ छोड़ दें, परंतु हमारी सरकार कभी आपका साथ नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री संबल योजना 2.0 मुश्किल समय में श्रमिकों को आर्थिक सहारा भी देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश के श्रमिक बंधुओं को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन से पहले श्रावण के अंतिम सोमवार को श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत दी जाने वाली अनुग्रह सहायता राशि की 11वीं किश्त के रूप में 203 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से पात्र हितग्राहियों के खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 9 हज़ार 149 संबल हितग्राहियों को मिली यह राशि इन सभी परिवारों में आनंद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि संबल योजना ने प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कठिन समय में जब सभी रास्ते बंद होंगे, तब भी सरकार उनके साथ खड़ी है। यह राशि दु:ख की घड़ी में बड़ी राहत लेकर आती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर जेब में पैसे हों, तो अनेक विपत्तियों का सामना करने की हिम्मत भी आ जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछला बैकलॉग खत्म करते हुए निर्बाध रूप से श्रम सहित सभी विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों से वीसी से जुड़े श्रमिक हितग्राहियों को श्रावण सोमवार और आने वाले रक्षाबंधन पर्व की मंगलकामनाएं दी।

श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रख रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू की गई है। इसके साथ ही सरकार ने ‘श्रम स्टार रेटिंग’ की शुरुआत भी हमने की है, ताकि श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि हम श्रमिकों को उनके हुनर परिष्कृत कर मेहनत से आगे बढ़ना चाहते हैं। श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘श्रमणा’ योजना की शुरुआत की गई है।

अंत्योदय ही हमारी सरकार का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में काम करने का तरीका बदल रहा है। प्रदेश के नौजवान अब ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए रोजगार पा रहे हैं। इनकी आर्थिक सुरक्षा की चिंता करते हुए हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना 2.0 में शामिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार की सबसे बड़ी चिंता इलाज की होती है, ऐसे में संबल हितग्राहियों को भी आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से जोड़ा गया है। इसके साथ ही जिन श्रमिक हितग्राहियों के बच्चे मेडिकल, कानून, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे हैं, उनकी फीस की चिंता भी हमारी सरकार कर रही है।

गर्भवती श्रमिक बहनों को 16 हजार की सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब संबल योजना की लाभार्थी श्रमिक बहनों को गर्भावस्था में आर्थिक चिंता नहीं करनी पड़ती है और मां-बच्चे को बेहतर पोषण मिल रहा है। राज्य सरकार पात्र गर्भवती श्रमिक बहनों को 16 हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई श्रमिक अस्थायी रूप से दिव्यांग हो जाए, तो उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा न हो जाए, इसीलिए उसे अस्थायी दिव्यांगता हो जाने पर 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपये की सहायता संबल योजना के माध्यम से दी जा रही है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कार्यक्रम में वर्चुअली सहभागिता की। उन्होंने कहा कि संबल योजना के हितग्राहियों का बैकलॉग खत्म करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। आज 11वीं किश्त के रूप में उन्हें 1 जनवरी 2026 तक का भुगतान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी संवेदनशील सरकार हर गरीब और श्रमिक के साथ हमेशा खड़ी है।

मिली सहायता

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 की 11वीं किश्त के लाभार्थियों में सामान्य मृत्यु अनुग्रह सहायता के 8027 हितग्राही, दुर्घटना मृत्यु अनुग्रह सहायता के 1034, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के 66 और स्थायी दिव्यांगता के 22 हितग्राही शामिल हैं। राज्य सरकार संबल योजना के पात्र श्रमिकों को अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रुपए, सामान्य मृत्यु के लिए 2 लाख रुपए, दुर्घटना में मृत्यु के लिए 4 लाख रुपए, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के लिए 1 लाख रुपए और स्थायी दिव्यांगता के लिए 2 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि संबंधित हितग्राहियों या उनके निकटतम परिजन को उपलब्ध कराती है।

संबल योजना की सहायता राशि वितरण के इस कार्यक्रम में सचिव श्रम श्रीमती रानी बाटड़ सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

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