लोक निर्माण विभाग में कथित रिश्वतखोरी के मामले ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवालों के घेरे में

लोक निर्माण विभाग में कथित रिश्वतखोरी के मामले ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवालों के घेरे में
लोक निर्माण विभाग में कथित रिश्वतखोरी के मामले ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर के.के. लच्छे को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। उनके साथ धर्मवीर नाम के एक व्यक्ति को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि एक कंपनी को काम दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता सोनू सिंह, जो संबंधित कंपनी से जुड़े बताए जा रहे हैं, ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि पहले 50 हजार रुपये लिए गए थे और इसके बाद दोबारा रिश्वत की मांग की गई। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन किया और इसके बाद कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन स्थित आवास पर कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए चीफ इंजीनियर के.के. लच्छे और धर्मवीर को गिरफ्तार किया।
अब सवाल सिर्फ एक अधिकारी की गिरफ्तारी का नहीं है…
सवाल उस पूरी व्यवस्था का है, जहां सरकारी काम हासिल करने के लिए अगर ठेकेदारों और कंपनियों को कथित तौर पर रिश्वत का सहारा लेना पड़े,



