12 अगस्त को हरियाली अमावस्या और सूर्यग्रहण, 27 को होगा चंद्रग्रहण

12 अगस्त को हरियाली अमावस्या और सूर्यग्रहण, 27 को होगा चंद्रग्रहण
अगस्त में आसमान दो अहम खगोलीय घटनाओं का गवाह बनेगा। पहले 12 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहण और फिर 27-28 अगस्त की दरमियानी रात को आंशिक चंद्रग्रहण लगेगा। खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने कहा कि यह दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि हमारे यहां न सूतक लगेगा और न ही मंदिरों के पट बंद होंगे और न पूजा-अर्चना या धार्मिक अनुष्ठानों की दिनचर्या बदलेगी। शास्त्रों में ग्रहण की मान्यता दिखाई देने से जुड़ी मानी गई है। इसलिए जिन देशों में ग्रहण दिखाई देगा, वहां स्थानीय परंपराओं के अनुसार धार्मिक नियमों का पालन किया जाता है। अगस्त में भारत में दोनों ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण मंदिरों की आरती, अभिषेक, भोग, प्रसाद वितरण और अन्य धार्मिक गतिविधियां सामान्य रहेंगी। श्रद्धालु रोज की तरह दर्शन, पूजा, जप, दान और अन्य धार्मिक कार्य कर सकेंगे।
दुनियाभर में यह रहेगी स्थिति
12 अगस्त के पूर्ण सूर्यग्रहण के दौरान ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों में दिन के समय कुछ मिनट के लिए अंधेरा छा जाएगा। स्पेन और पुर्तगाल के कुछ क्षेत्रों में यह दुर्लभ नजारा सूर्यास्त के समय दिखाई देगा। यूरोप, रूस और उत्तर अटलांटिक क्षेत्र के कई देशों में इसका आंशिक रूप नजर आएगा। वहीं 27-28 अगस्त का आंशिक चंद्रग्रहण वर्ष के सबसे गहरे चंद्रग्रहणों में माना जा रहा है। इसमें चंद्रमा का लगभग 93% हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में रहेगा। यह ग्रहण उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप व अटलांटिक क्षेत्र के कई देशों में दिखाई देगा। यही वजह है कि भारत में अदृश्य रहने के बावजूद दोनों ग्रहण दुनियाभर के खगोल वैज्ञानिकों और स्काई वॉचर्स के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। (स्त्रोत : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का ग्रहण पोर्टल)


