बारिश का इंतजार… सूखने लगी खरीफ फसलें, किसान चिंतित, नमी के अभाव में मुरझाने लगी सोयाबीन, मक्का, मूंगफली की फसलें

बारिश का इंतजार… सूखने लगी खरीफ फसलें, किसान चिंतित, नमी के अभाव में मुरझाने लगी सोयाबीन, मक्का, मूंगफली की फसलें
गोवर्धनलाल कुमावत
सीतामऊ। सीतामऊ क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में मानसून की बेरूखी से किसानों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। क्षेत्र में करीब चार सप्ताह पहले फसलों की बिआई की गई थी। शुरुआत में अच्छी बारिश होने के बाद किसानों को अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन इसके बाद बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें नमी के अभाव में मुरझाने लगी हैं।
बुधवार को सुबह कई किसान खेतों पर पहुंच कर अपनी फसलो की स्थिति का निरीक्षण करते नजर आये और बारिश को लेकर चिंता व्यक्त की। किसानों का कहना है कि सोयाबीन, मक्का, उड़द, मुंगफली की फसलों सहित अन्य खरीफ फसलें बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में हैं। बारिश नहीं होने से खेतों की मिट्टी सुख चुकी है और फसलों का विकास रूकने लगा है। तेज धूप व गर्म हवाओं के कारण खेतों की बची हुई नमी भी सूख चुकी है जिससे पौधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में अगर अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलें सूखने की कगार पर पहुंच सकती हैं, जिससे किसानों को दोबारा बुवाई करने की नौबत आ सकती है। इससे बीज, मजदूरी और खेती की लागत बढ़ने के साथ आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ेगा। किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून के सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम में हल्के बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों की उम्मीदें लगातार टूट रही हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश ही फसलों को नया जीवन दे सकती है और खरीफ फसलों को बचा सकती है। किसानों का मानना है कि हालिया दौर में पड़ रही तेज गर्मी के बीच बारिश होना बेहद आवश्यक है।
किसानों की चिंता
चार सप्ताह पहले हुई थी फसलों की बिआई
▶ लगातार बारिश नहीं होने से फसलें मुरझाने लगीं
▶ नमी की कमी से बढ़वार रुकने लगी
दोबारा बुवाई की नौबत आने का डर
समय पर अच्छी बारिश की किसानों को उम्मीद
66 समय पर पहली बारिश से अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन अब कई दिनों से बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन गए हैं।- मोड़ीराम गुर्जर
अब पूरी उम्मीद आसमान पर टिकी है। जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल बचाना मुश्किल हो जाएगा। – रमेश गुर्जर
फसलें बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में हैं, नमी की कमी से विकास रुक गया है।-अम्बाराम प्रजापत
तेज धूप और गर्म हवाओं से खेतों की नमी पूरी तरह सूख गई है, पौधों पर असर पड़ रहा है।- जुगलगिर गोस्वामी
अगर जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी, जिस्से भारी नुकसान होगा। – रमेश मालवीय


