
देवास में श्रमजीवी पत्रकारों का जिला सम्मेलन सम्पन्न
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का एक दिवसीय देवास जिला सम्मेलन बुधवार 24 जून को देवास के गोकुल रिसोर्ट में आयोजित किया गया। सम्मेलन में संगठन के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देवास विधायक श्रीमंत गायत्री राजा परमार, जाने माने कवि शशिकांत यादव और नगर निगम के सभापति रवि जैन विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे। देवास जिले की सभी तहसीलों से बड़ी संख्या में श्रमजीवी पत्रकार साथी सम्मेलन में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद उज्जैन संभाग के अध्यक्ष मनोज जैन ने स्वागत भाषण दिया।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारिता की मर्यादा और जिम्मेदारी पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों में अनुशासन होना सबसे जरूरी है। भदौरिया ने कहा “पत्रकार सरस्वती पुत्र है इसलिए उन्हें किसी की चरण वंदना से बचना चाहिए। पत्रकार का काम सच दिखाना है, चापलूसी करना नहीं।”
उन्होंने अपने उद्बोधन में पौराणिक उदाहरणों से बात समझाई। बोले कि सूर्पनखा की एक गलत रिपोर्टिंग का परिणाम यह हुआ कि धरती से राक्षस संस्कृति खत्म हो गई। यानी एक गलत खबर पूरे समाज को प्रभावित कर सकती है। वहीं नारद जी का उदाहरण देते हुए कहा कि नारद देवताओं के हितैषी थे फिर भी वे राक्षसों के बीच सम्मान पाते थे। इसका सीधा मतलब है कि पत्रकार को सच और निर्भीक रहना चाहिए। पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि सच के साथ खड़ा होना चाहिए।
शलभ भदौरिया ने कहा कि समाज के प्रति पत्रकारों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। आज के दौर में पत्रकारिता पर कई सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में अनुशासन और मर्यादा ही पत्रकार की असली ताकत है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा “मेरी उम्र अधिक हो गई है फिर भी पत्रकारों के बिना मेरा जीवन अधूरा है। इसलिए आप सबको जगाने और एकजुट करने के लिए यहां आया हूं।”
उन्होंने अपनी बात की शुरुआत बालकवि बैरागी की सुप्रसिद्ध रचना “एक दिन सूर्य से इतना भर मैने कहा” से की। इस कविता के माध्यम से उन्होंने पत्रकारों को उनकी ताकत का अहसास कराया। अपने उद्बोधन का अंत उन्होंने इन शब्दों से किया मेरे जुनून का नतीजा जरूर निकलेगा इसी स्याह समन्दर से नूर निकलेगा इसका आशय था कि पत्रकारिता में जो भी सुधार या बदलाव आएगा, वो पत्रकारों के बीच से ही आएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवास विधायक गायत्री राजा परमार ने कहा कि पत्रकारिता एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। पत्रकार जो काम करते हैं उससे समाज में जागरूकता फैलती है, इसलिए उनका काम देव तुल्य है। उन्हें अपना काम पूरी आत्मीयता और ईमानदारी से करना चाहिए।
कवि शशिकांत यादव ने कहा कि पत्रकार, साहित्यकार और कवि एक ही खानदान के माने जाते हैं। अगर हम संगठित नहीं हैं तो अकेले पड़ जाते हैं। इस क्षेत्र में परेशानियां बहुत हैं फिर भी हम सब इसे पूरी निष्ठा से करते हैं।
सम्मेलन को छतरपुर संभाग के महासचिव प्रतीक खरे, महिला प्रकोष्ठ की प्रांतीय महासचिव संगीता राठौर, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र राठौर, राजेन्द्र पुरोहित,और डॉ. नरेंद्र सिंह राजावत सहित कई पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर एक भावुक पल भी आया जब सभी पत्रकार साथियों ने मिलकर केक काटा और प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया की 52वीं विवाह वर्षगांठ मनाई। कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष अरविंद चौकसे ने सभी अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार जताया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में पदाधिकारियों ने सभी मंचसीन अतिथियों का फुल मालाओ से स्वागत किया स्थनीय करनी सेना की जिला इकाई ने प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया जी का सम्मान किया,कार्यक्रम का संचालन अरविन्द दुबेदी ने किया



