मंदसौर जिलासीतामऊ
ढोल ढमाके बैंड बाजे के साथ निकली कलश पोथी यात्रा, मांगलिक भवन में हुई श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ

ढोल ढमाके बैंड बाजे के साथ निकली कलश पोथी यात्रा, मांगलिक भवन में हुई श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ


सीतामऊ। धर्म धर्म की नगरी छोटी काशी में भव्य कलश यात्रा के साथ आज 23 जून मंगलवार से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान अमृत महोत्सव का आयोजन प्रारंभ हुआ।रमेश चंद्र डबकरा पवन डबकरा गुप्ता परिवार चिकला वाले के मुख्य यजमनी में अंतरराष्ट्रीय जगतगुरु रामस्नेही संत श्री रामदास जी महाराज के सानिध्य में संत श्री शंभू राम जी महाराज जी के प्रेरणा में प्रसिद्ध राष्ट्रीय चिंतक एवं वह भक्त श्री मनोरथ राम जी महाराज मसलने वाले के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानामृत महोत्सव का आयोजन आज 23 जून 2026 मंगलवार से पोरवाल मांगलिक भवन सीतामऊ प्रारंभ हो गया।
कथा के प्रथम दिवस नगर के पंच तीर्थ हांडियां बाग गौशाला से आज सुबह ढोल दमा के बैंड बाजे एवं रामस्नेहीं ध्वजाओं के साथ कथा के गौ भक्त संत श्री मनोरथ राम जी महाराज को बग्गी रथ में पदार्पण कराया और मुख्य यजमान रमेशचंद्र डबकरा ने श्रीमद् भागवत पोथी धारण तथा मातृशक्ति कलश लेकर यात्रा प्रारंभ होकर महाराणा प्रताप लदुना चौराहा लाड़ली लक्ष्मी मार्ग होते हुए बस स्टैंड पहुंची जहां पर जबरिया हनुमान जी का नमन वंदन किया तत्पश्चात बस स्टैंड से सुवासरा रोड़ होकर पुनः मंदसौर रोड़ से राजा टोडरमल मार्ग होते हुए पोरवाल मांगलिक भवन पहुंची। जहां पर कलश स्थापित कर पोथी को व्यास पीठ पर विराजमान किया गया। कलश यात्रा में धर्म प्रेमी जन नाचते हुए भाव-विभोर के साथ भक्ति के रंग में संत श्री रामचरण जी महाराज संत श्री रामदयाल जी महाराज जयकारे लगा रहे थे।इस अवसर पर धर्म प्रेमी जनों मातृशक्तियों द्वारा कलश यात्रा का जगह जगह भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया। तथा संत श्री एवं पोथी का फुल माला से अभिनंदन वंदन किया गया।
कथा आयोजकों ने बताया कि आशिर्वाददाता रामदयाल जी महाराज संत शंभूराम जी महाराज के प्रेरणास्त्रोत में गौ भक्त संत श्री मनोरथराम जी महाराज द्वारा सात दिवसीय श्री भगवान कथा का ज्ञानामृत पान कराया जाएगा। कथा का आयोजन आज 23 जून को पोथी कलश यात्रा के साथ कथा महोत्सव प्रारंभ हो गया है।जो प्रतिदिन दोपहर 01 बजे से 04 बजे तक पोरवाल मांगलिक भवन में आयोजित कि जा रही है।कथा के पंचम दिवस 27 जून शनिवार को भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव 29 जून को पूर्णाहुति एवं प्रसादी वितरण के साथ कथा कि विश्रांति होगी। अतः अधिक से अधिक धर्म प्रेमी जन पधार कर ज्ञानामृत लाभ प्राप्त करें।


