मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 07 जून 2026 रविवार

समान नागरिक संहिता के लिए ucc.mp.gov.in पर अपने सुझाव दे

मध्यप्रदेश राज्य में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं अन्य संबंधित विषयों के संबंध में अध्ययन और परीक्षण करने हेतु समान नागरिक संहिता के संबंध में मध्यप्रदेश शासन द्वारा उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। समान नागरिक संहिता हेतु जन-परामर्श के सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट ucc.mp.gov.in तैयार की गई है।

जिला प्रशासन ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि समान नागरिक संहिता के लिए अपने परामर्श/सुझाव वेबसाईट ucc.mp.gov.in पर प्रेषित कर शासन का सहयोग करे।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवेश प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

  • हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग इकाई का पीथमपुर में 8 जून को होगा भूमि-पूजन
  • लगभग 2000 करोड़ रुपए का होगा निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेश संपर्क अभियानों, क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों तथा विदेश निवेश संवादों के माध्यम से प्रदेश में निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। इसी क्रम में विश्व की अग्रणी कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनी हेलियन द्वारा प्रदेश के पीथमपुर स्थित स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में स्थापित की जाने वाली भारत की पहली मैन्युफैक्चरिंग इकाई का भूमि-पूजन 8 जून को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा।

यह परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के यूनाइटेड किंगडम प्रवास और वहां आयोजित निवेश संवादों से सार्थक हुई है। निवेशकों के साथ हुई विस्तृत चर्चाओं और मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं के प्रभावी प्रस्तुतीकरण के बाद हेलियन ने प्रदेश में अपना निवेश विस्तार करने का निर्णय लिया। अब यह निवेश प्रस्ताव क्रियान्वयन के चरण में पहुंच चुका है, जो प्रदेश में निवेश परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

लगभग दो हजार करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाली यह परियोजना प्रदेश में साकार हो रही महत्वपूर्ण विदेशी निवेश परियोजनाओं में शामिल है। पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाने वाली यह अत्याधुनिक इकाई मुख्य रूप से ओरल हेल्थ उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित होगी। यहां उत्पादित सामग्री घरेलू बाजार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के अनेक देशों में निर्यात भी की जाएगी।

हेलियन वैश्विक स्तर पर कंज्यूमर हेल्थकेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। सेंसोडाइन, क्रोसिन, ईनो, ओट्रिविन, आयोडेक्स, सेंट्रम तथा ऑस्टोकैल्शियम जैसे लोकप्रिय उत्पादों के माध्यम से कंपनी विश्वभर में अपनी मजबूत पहचान रखती है। लगभग 170 से अधिक देशों में उपस्थिति रखने वाली यह कंपनी स्वास्थ्य एवं स्व-देखभाल (Self-Care) क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर चुकी है।

कंपनी की वैश्विक उपस्थिति और मध्यप्रदेश में प्रस्तावित यह निवेश, प्रदेश के औद्योगिक वातावरण और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र पर अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

परियोजना से लगभग 500 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही स्थानीय एमएसएमई इकाइयों, सप्लायर नेटवर्क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य सहायक उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय प्रतिभाओं के कौशल विकास को बढावा देने के साथ कम से कम 30 प्रतिशत महिला कार्यबल की रोजगार में भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देगी। स्थानीय मानव संसाधन के उपयोग पर विशेष ध्यान दिए जाने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने पिछले वर्षों में निवेश आकर्षित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य सरकार द्वारा विकसित औद्योगिक अधोसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियां, अनुमोदनों की सरलीकृत व्यवस्था, भूमि की उपलब्धता और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण ने मध्यप्रदेश को वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। हाल के वर्षों में प्रदेश में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किए गए निवेश इसी बढ़ते विश्वास का प्रमाण हैं।

हेलियन की यह परियोजना मध्यप्रदेश को वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह निवेश प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, निर्यात संवर्धन और वैश्विक निवेश आकर्षण के प्रयासों को नई मजबूती प्रदान करेगा और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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खाद्य सुरक्षा एवं पीएचई विभाग की संयुक्त कार्रवाई सांवरिया वाटर प्लांट का निरीक्षण किया

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती ज्योति बघेल एवं पीएचई विभाग के एसडीओ श्री इरफान अली द्वारा शनिवार को बड़ावदा स्थित सांवरिया वाटर प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पानी के नमूने लिए गए।

निरीक्षण में प्रतिष्ठान पर खाद्य पंजीयन पाया गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पानी का नमूना गुणवत्ता एवं मानक स्तर की जांच के लिए लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है।

निरीक्षण के दौरान प्लांट संचालक को परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य पंजीयन प्रमाण-पत्र को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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संध्याकालीन शिविरों में प्राप्त हुए 16 आवेदन

आज जिले की नगर पालिका परिषद जावरा एवं नगर परिषद सैलाना में संध्याकालीन शिविर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लगाए गए। जिसमें जल से संबंधित 5 आवेदन, सफाई से संबंधित 2 आवेदन एवं 09 आवेदन -निर्माण, आवास योजना, स्पीड ब्रेकर, पेड़ की अधिक फैली हुई शाखाएँ काटने आदि से संबंधित प्राप्त हुए।

उक्त जानकारी पीओ डूडा श्री अरुण कुमार पाठक द्वारा दी गई। जिले में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में नगरीय निकायों में 26 मई से लगातार समस्या निवारण शिविर आयोजित किये जा रहे हैं ।

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कृषि, उद्यानकी और सहकारिता के संयुक्त प्रयासों से किसानों को बेहतर सुविधाएं दी जाएं

  • कृषि बाजार आधारित मांग को फसलों से जोड़ा जाए
  • सभी जिलों में खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ाई जाए
  • संभाग के जिले में फलों को पकाने वाली आधुनिक यूनिट स्थापित हो –
  • कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने संभागीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
  • संभाग के सभी किसानों को सहकारिता से जोड़ा जाए-प्रमुख सचिव सहकारिता श्री आहूजा
  • प्रदेश के सभी जिलों में यूरिया और एनपीके की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है- कृषि सचिव श्री निशांत बरबडे

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने रबी फसल 2025-26 और खरीफ की आगामी फसल के संबंध में संभागीय समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार की मांग आधारित फसल को प्रोत्साहित किया जाए। कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं को बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया जाए। इन सामूहिक प्रयासों से किसानों को बेहतर गुणवत्ता के साथ अच्छी फसल मार्केट में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और किसानों की आय भी बेहतर होगी। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है।

 

सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी. पी. आहूजा, सचिव किसान कल्याण विभाग श्री निशांत बरबडे, आयुक्त उज्जैन श्री आशीष सिंह, सचिव उद्यानिकी श्री जान किन्सली ए आर, आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी श्री अरविंद दुबे, प्रबन्ध संचालक सहकारिता श्री अभिजीत अग्रवाल, पंजीयक सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबन्ध संचालक मंडी बोर्ड श्री कुमार पुरुषोत्तम और संभाग के जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ के साथ ही सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कारोबार को दोगुना करने के लक्ष्य पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक, खेती के साथ नवाचार, उद्यम के लिए प्रेरित किया जाए। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वर्णवाल ने कहा कि किसानों को बीज की उन्नत खेती के लिए प्रेरित किया जाए। पूसा अरहर फसल की जानकारी देकर किसानों को बताया जाए कि पूसा अरहर का उत्पादन भी बहुत अधिक है। किसानों को उद्यमिता के लिए प्रेरित करें।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग की अनेक योजना संचालित है, इनसे सम्बन्धित जानकारी किसान भाईयों को उपलब्ध कराएं। उद्यानिकी फसलों से किसानों को नगद राशि प्राप्त होती है और उनकी आय भी बेहतर हो जाती है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उद्यानिकी की एक दो फसलों को फोकस कर जिले में उनका बेहतर तरीके से उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करें, उसी से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और उनकी मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाए।

बैठक में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उज्जैन कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए फूलों की खेती के लिए रकबा बढ़ाने और करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती कराने के लक्ष्य से अवगत कराया। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सिंहस्थ के पहले फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए रकबा बढ़ाने के साथ ही किसानों को प्रोत्साहित कर लाभ दिलाया जाएगा। संभाग के अन्य सभी जिलों के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के नवाचार को लेकर जानकारी ली गई। जिलों के कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ ने उद्यानिकी फसलों को लेकर किए जा रहे नवाचार के साथ ही आलू, सतंरा, अश्वगंधा, शतावरी, धनिया, प्याज, ड्रेगन फ्रूट, खीरा, तरबूज, चिया सीड्स जैसे खाद्य फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ विक्रय के लिए मार्केट उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी गई।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वर्णवाल ने निर्देश दिए कि कोल्ड स्टोरेज, राइजनिंग चैंबर की क्षमताओं को बढ़ाया जाए और सभी जिलों में कम से कम एक राइजनिंग चैंबर आवश्यक रूप से हो जिससे कि‍ फसलों को पकाने के लिए सही तरीके का उपयोग हो सके। फूड प्रोसेसिंग यूनिट को भी बढ़ाने के प्रयास किया जाए। साथ ही किसानों को उद्यानकी योजनाओं को जानकारी देने के लिए जिलों में शिविर भी लगाया जाए।

सहकारिता की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वर्णवाल ने कहा कि सहकारिता से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए, उन्हे पर्याप्त मात्रा में ऋण उपलब्ध कराने और समय पर खाद-बीज देने से उनकी आय बेहतर होगी। किसानों को खेती, उपकरण, के लिए पूंजी उपलब्ध कराना सहकारिता का प्रमुख काम है। प्रमुख सचिव श्री डी. पी. आहूजा ने बैठक में सहकारिता से सम्बन्धित समस्त गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि जिलों में सहकारी समितियों से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए। पैक्स के माध्यम से किसानों को जोड़कर उनको बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।

प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद और उर्वरक उपलब्ध यूरिया और एनपीके की पर्याप्त मात्रा में उपलब्‍ध है- कृषि कल्‍याण विभाग सचिव श्री बरबड़े

कृषि उत्पादन आयुक्त की समीक्षा बैठक में किसान एवं कृषि कल्याण विभाग के सचिव श्री निशांत बरबडे ने बताया कि प्रदेश में यूरिया और एनपीके की पर्याप्त मात्रा में भंडारण है। किसी भी जिले में किसी प्रकार की कोई कमी नही है। किसानों की मांग के अनुसार उन्हें खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीयन के साथ ही किसानों को खाद उपलब्ध होगी और लगातार किसान इससे खाद ले सकेंगे ।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वर्णवाल ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद्य वितरण केंद्रों पर व्यापक रूप से सभी इंतजाम हो। किसानों के बैठने की व्यवस्था पीने का पानी और यदि धूप है तो छांव की व्यवस्था भी करना सुनिश्चित करें। इसके लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए है कि व्हाट्सएप के माध्यम से किसानों को फसल अनुसार खाद की उपयोगिता की सूचना दें और अन्य सोशल प्लेटफार्म का उपयोग कर किसानों को खाद उपलब्धता की समस्त जानकारी उपलब्ध कराए। इसी के साथ सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि खाद भंडारण में किसी प्रकार की समस्या ना हो इसके लिए अभी से व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें और जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता रखने के निर्देश भी बैठक में दिए गए हैं । सहकारिता के माध्यम से ऋणी और आऋणी किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश भी बैठक में दिए है। श्री वर्णवाल ने कहा कि फसल बीमा से संबंधित किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। किसी भी जिले में शिकायतें पैंडिग नही रहे। साथ ही अवैधानिक रूप से खाद्य विक्रय कर रहे पेस्टिसाइड्स का निर्माण और बिक्री और गलत बीजों के विक्रय पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए हैं ।

बैठक में किसान कल्याण और कृषि विभाग के सचिव श्री निशांत बरबड़े ने भी किसानों से संबंधित चल रही योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि किसानों को किसी प्रकार से खाद-बीज की कमी नही होने दी जाएगी। खाद पर्याप्त मात्रा में प्रदेश में आज भी उपलब्ध है।

बैठक में उद्यानिकी विभाग के आयुक्त सह संचालक श्री अरविंद दुबे ने बताया कि उद्यानिकी फसलों का अलग से पंजीयन किया जाए और गिरदावरी के समय भी इन फसलों का अलग से उल्लेख हो जिससे की वास्तविक आंकड़े उपलब्ध रहे ।

इसके साथ ही किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोडऩे के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के संबंध में भी कलेक्टर को निर्देशित किया गया।

फलों को पकाने के लिए राइजिंग चैंबर हर जिले में बनाया जाए, जिससे जनता को केमिकल रहित फल उपलब्ध हो। जिले में कोल्ड स्टोरेज और अन्य योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए भी व्यापक दिशा निर्देश बैठक में दिए गए।

इसके साथ ही उद्यानिकी फसलों को राजस्व रिकॉर्ड में जोडऩे के लिए भी कलेक्टरों को निर्देश देते हुए कहा कि गिरदावरी करते समय उद्यानिकी की फसलों का रकबा अलग से जोड़ा जाए।

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