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एंबुलेंस बनी ‘चोर गाड़ी’ मरीजों को छोड़ 108 एंबुलेंस में लाद रहे थे बकरियां, पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज पर्दाफाश

एंबुलेंस बनी ‘चोर गाड़ी’ मरीजों को छोड़ 108 एंबुलेंस में लाद रहे थे बकरियां, पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज पर्दाफाश

✍🏻 विकास तिवारी

गुढ़। मरीजों की जान बचाने वाली सरकारी 108 एंबुलेंस का इस्तेमाल अब मवेशी तस्करी और चोरी जैसे घिनौने अपराधों के लिए होने लगा है। रीवा जिले के गुढ़ थाना अंतर्गत ईटार पहाड़ पोखरा गांव से 29 मई की रात हुई 10 नग बकरियों की चोरी के मामले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका मास्टर माइंड खुद एंबुलेंस का ड्राइवर निकला। गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव और सीधी की पिपराव चौकी प्रभारी शेषमणि मिश्रा की संयुक्त टीम ने महज 24 घंटे के भीतर इस ‘एंबुलेंस चोर’ को दबोचकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

एंबुलेंस में लादकर किया 200 किलोमीटर का सफर

मामले में पुलिस की जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला रूट मैप सामने आया है। आरोपी चालक राजू मिश्रा ने गुढ़ के ईटार पहाड़ पोखरा गांव से बकरियां चुराने के बाद उन्हें एंबुलेंस के भीतर ही लाद दिया। इसके बाद उसने पुलिस नाकों और चेकिंग से बचने के लिए सरकारी एंबुलेंस का फायदा उठाया और लगभग 150 से 200 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया। वह रीवा से बकरियों को लेकर बघवार के पास स्थित पिपराव गांव (जिला सीधी) पहुंचा।

1000 की रिश्वत और रामनिवास यादव के घर का ‘सीक्रेट डेरा’

पुलिस और ग्रामीणों की कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी चालक राजू मिश्रा (पिता चंद्रशेखर मिश्रा, निवासी पिपराव, सीधी) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की बकरियों को छिपाने के लिए पिपराव निवासी रामनिवास यादव (पिता राम खेलामन यादव) के साथ सांठगांठ की थी। राजू मिश्रा ने रामनिवास यादव को बकरियां छिपाने के बदले ₹1,000 की नगद रिश्वत दी थी।‌

तड़के दी दबिश:

वह 200 किमी का सफर तय करके 30 मई की सुबह ठीक 5:00 बजे बघवार के पास पिपराव गांव पहुंचा और रामनिवास के घर में बकरियों को बांध दिया।

दोपहर में फरार:

काम को अंजाम देने के बाद वह उसी दिन दोपहर 1:00 बजे वहां से नौ दो ग्यारह हो गया।

ग्रामीणों का बड़ा दावा:

“पहले गायब हुई हमारी बकरियां भी इसी गिरोह ने चुराईं “इस खुलासे के बाद क्षेत्र के अन्य पीड़ित ग्रामीणों मंगलदीन यादव, महेश कुशवाहा, राम सजीवन यादव और कमलेश प्रजापति ने एक और बड़ा और गंभीर दावा किया है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी उनकी कई बकरियां रहस्य मयी तरीके से गुम हो चुकी हैं। आरोपी चालक राजू मिश्रा आए दिन बिना किसी आपातकालीन वजह के गांव में एंबुलेंस लेकर चक्कर काटता रहता था। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि पूर्व में हुई मवेशी चोरियों के पीछे भी इसी राजू मिश्रा और उसके संगठित गिरोह का हाथ है।

बकरियों को दे दी गई नशीली दवा, हालत गंभीर मामले में एक और दिल दहला देने वाला खुलासा

पीड़ित बूटन यादव (पति रामभीत यादव) ने किया है। बूटन यादव ने रोते हुए बताया कि चोरों ने बकरियों को चिल्लाने से रोकने और काबू में करने के लिए कोई नशीली या जहरीली दवा दे दी थी। बरामद की गई 6 बकरियां अभी भी उस दवा के असर में हैं और तबियत खराब होने के कारण कुछ भी खा-पी नहीं रही हैं। पीड़ित परिवार अब अपनी बकरियों की जान बचाने के लिए परेशान है।

6 बकरियां बरामद, 4 की तलाश और सह-आरोपी पर शिकंजा

गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव की त्वरित कार्रवाई से रामनिवास यादव के घर से 6 नग बकरियां सकुशल बरामद कर ली गई हैं। हालांकि, 4 बकरियां अभी भी गायब हैं। पुलिस अब मुख्य आरोपी राजू मिश्रा के साथ-साथ बकरियों को पनाह देने वाले सह-आरोपी रामनिवास यादव को सह-अपराधी बनाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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